नई दिल्ली, जुलाई 8। यूट्यूब एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां बेहद काम की वीडियोज देखने को मिलती हैं। सोशल मीडिया का ये मंच हर आम व्यक्ति के लिए खुला है। यहां लोग अपने टैलेंट की वीडियो अपलोड कर सकते हैं। यदि आपकी वीडियोज को यूट्यूब पर सराहा गया तो आप लाखों-करोड़ों रु तक कमा सकते हैं। कुछ ऐसी ही कारनामा किया है एक ऐसे मजदूर ने, जो एक समय भूख से ध्यान हटाने के लिए यूट्यूब पर वीडियो देखता था। आज वे इसी यूट्यूब से लाखों रु कमाता है। जानते हैं इस व्यक्ति की कामयाबी की कहानी।
जानिए आदिवासी मजदूर की कहानी
यूट्यूब पर वीडियो देखने से लेकर खुद एक लोकप्रिय यूट्यूबर बनने तक का इसाक मुंडा का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। ओडिशा के संबलपुर जिले के एक आदिवासी व्यक्ति इसाक मुंडा कभी दिहाड़ी मजदूर थे, जिन्होंने पिछले साल ही वीडियो बनाना शुरू किया। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के कारण काम मिलना बंद हो गया और उन्होंने मार्च 2020 में यूट्यूब वीडियो बनाना शुरू करने का फैसला किया।
फ़ूड ब्लॉगर्स से हुए प्रेरित
फूड ब्लॉगर्स से प्रेरित होकर इसाक ने उबले हुए चावल और करी खाते हुए खुद का एक वीडियो बनाने का फैसला किया। वीडियो प्लेटफॉर्म पर हिट हो गया और अब तक इसे आधा मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है। इसमें दिखाया गया है कि 35 वर्षीय व्यक्ति अपने हाथों से चावल, सांभर, एक टमाटर और हरी मिर्च खा रहा है। वीडियो बनाने के लिए इसाक सबसे पहले स्मार्टफोन खरीदना था, जिसके लिए उन्होंने 3,000 रु का कर्ज लिया।
किन चीजों पर आधारित होती हैं वीडियो
इसाक मुंडा के अनुसार उन्होंने वीडियो बनाने के लिए अपना पहला छोटा स्मार्टफोन खरीदने के लिए 3,000 रु का कर्ज लिया था। उन्होंने कहा वे अपने गरीब घर और गांव में जीवन के बारे में वीडियो बनाते हैं, जिसमें दिखाया गया है कि हम क्या और कैसे खाते हैं। उन्हें खुशी है कि उनके वीडियो को बहुत से लोग पसंद कर रहे हैं। वे पहले के मुकाबले अच्छी इनकम हासिल कर रहे हैं।
कितने हैं सब्सक्राइबर
इसाक मुंडा के आज अपने चैनल 'इसाक मुंडा ईटिंग' पर 7 लाख से अधिक यूट्यूब सब्सक्राइबर हैं। उनके अधिकांश वीडियो स्थानीय खाने और क्षेत्रीय व्यंजन दिखाते हैं, जिनमें साधारण, रोज़मर्रा का भोजन होता है। मगर ये वीडियो एक मजदूर को लखपति में बदलने में कामयाब रही हैं। अगस्त 2020 में उन्हें YouTube से 5 लाख रु की इनकम प्राप्त हुई। उन्होंने इन पैसों से घर बनाया और अपने परिवार को आर्थिक संकट से उबारा। उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों की मदद करने का भी फैसला किया।
क्या है इसाक का मकसद
लेकिन इसाक का एकमात्र उद्देश्य यूट्यूब वीडियो से पैसा कमाना नहीं है। वे अपनी स्थानीय परंपराओं के बारे में लोगों को बताना चाहते हैं। वे खुश हैं कि अब उन्हें मजदूर के रूप में दिहाड़ी मजदूरी की तलाश नहीं करनी होती। ऐसा ही एक और चैमल है द विलेज कुकिंग चैनल। इस चैनल के हाल ही में 1 करोड़ सब्सक्राइबर हुए हैं। ये भी एक फूड कुकिंग चैनल है।
More From GoodReturns

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, NSE-BSE की छुट्टी से ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?

GST कलेक्शन का धमाका: ₹2 लाख करोड़ के करीब पहुंचा आंकड़ा, इन सेक्टर्स में मचेगी हलचल!

ऑटो सेल्स डेटा: मारुति-टाटा की रफ्तार पर टिकी नजर, आज इन शेयरों में दिखेगी बड़ी हलचल

MSCI रीबैलेंसिंग आज: नए शेयरों की दौड़ में फंसें या SIP का अनुशासन अपनाएं?

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका



Click it and Unblock the Notifications
