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भारत में सोने के दाम (22nd March 2019)

Mar 22, 2019
₹ 3,121 /ग्राम(22ct) ₹ 1

सोने के दाम पिछले कई सालों से महंगाई मापने का सर्वोत्तम मानक रहा है। निवेशक सोने को महत्वपूर्ण निवेश के रूप में मानते आ रहे हैं। गुड रिटर्न्स (वनइंडिया मनी) आपको मुहैया कराता है भारत में सोने के दाम। हमारा मकसद है आपको अपडेट रखना। इस पेज पर सोने के दाम देश के सोना व्यापारियों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर प्रकाश‍ित किये जाते हैं। आप हर रोज सोने के दाम यहां पर देख सकते हैं।

आज भारत में 22 कैरेट सोने के दाम - भारतीय रुपए में प्रति ग्राम सोने के दाम

ग्राम 22 कैरट सोना
आज
22 कैरट सोना
कल
22 कैरट सोने के
हर रोज दाम परिवर्तित होते हैं
1 ग्राम ₹ 3,121 ₹ 3,120 ₹ 1
8 ग्राम ₹ 24,968 ₹ 24,960 ₹ 8
10 ग्राम ₹ 31,210 ₹ 31,200 ₹ 10
100 ग्राम ₹ 3,12,100 ₹ 3,12,000 ₹ 100

आज भारत में 24 कैरेट सोने के दाम - भारतीय रुपए में प्रति ग्राम सोने के दाम

ग्राम 24 कैरट सोना
आज
24 कैरट सोना
कल
22 कैरट सोने के
हर रोज दाम परिवर्तित होते हैं
1 ग्राम ₹ 3,338 ₹ 3,337 ₹ 1
8 ग्राम ₹ 26,704 ₹ 26,696 ₹ 8
10 ग्राम ₹ 33,380 ₹ 33,370 ₹ 10
100 ग्राम ₹ 3,33,800 ₹ 3,33,700 ₹ 100

भारत के बड़े शहरों में आज सोने के दाम

शहर 22 कैरट सोना
आज
24 कैरट सोना
आज
चेन्नई ₹ 30,620 ₹ 33,420
मुंबई ₹ 31,260 ₹ 33,460
नई दिल्ली ₹ 31,210 ₹ 33,380
कोलकाता ₹ 31,510 ₹ 33,710
बैंगलोर/बेंगलुरु ₹ 30,050 ₹ 32,150
हैदराबाद ₹ 30,620 ₹ 33,420
केरल ₹ 29,910 ₹ 31,910
पुणे ₹ 31,260 ₹ 33,460
बड़ौदा ₹ 31,410 ₹ 32,790
अहमदाबाद ₹ 31,410 ₹ 32,790
जयपुर ₹ 31,210 ₹ 32,670
लखनऊ ₹ 31,210 ₹ 32,670
कोयंबटूर ₹ 30,620 ₹ 33,420
मदुरै ₹ 30,620 ₹ 33,420
विजयवाड़ा ₹ 30,620 ₹ 33,420
पटना ₹ 31,260 ₹ 33,460
नागपुर ₹ 31,260 ₹ 33,460
चंडीगढ़ ₹ 31,210 ₹ 32,210
सूरत ₹ 31,410 ₹ 32,790
भूवनेश्वर ₹ 30,620 ₹ 33,420
मैंगलोर ₹ 30,050 ₹ 32,150
विशाखापत्तनम ₹ 30,620 ₹ 33,420
नासिक ₹ 31,260 ₹ 33,460
मैसूर ₹ 30,050 ₹ 32,150

पिछले 10 दिनों में भारत में सोने के दाम (10 ग्राम)

दिनांक 22 कैरट 24 कैरट
Mar 21, 2019 ₹ 31,210 ₹ 33,380
Mar 20, 2019 ₹ 31,200 ₹ 33,370
Mar 19, 2019 ₹ 31,060 ₹ 33,230
Mar 18, 2019 ₹ 31,050 ₹ 33,220
Mar 16, 2019 ₹ 31,250 ₹ 33,420
Mar 15, 2019 ₹ 31,200 ₹ 33,360
Mar 14, 2019 ₹ 31,450 ₹ 33,610
Mar 13, 2019 ₹ 31,500 ₹ 33,660
Mar 12, 2019 ₹ 31,300 ₹ 33,460
Mar 11, 2019 ₹ 31,450 ₹ 33,610

भारत में सोने के दाम के साप्ताहिक एवं मासिक ग्राफ

सोने के ऐतिहासिक दाम

  • सोने के दाम में परिवर्तन February 2019
  • सोने के दाम 22 कैरट 24 कैरट
    1 st February दाम Rs.32,490 Rs.34,090
    28th February दाम Rs.32,600 Rs.33,640
    अधिकतम दाम February Rs.33,100 on February 19 Rs.35,480 on February 19
    न्यूनतम दाम February Rs.32,360 on February 7 Rs.33,640 on February 7
    कैसा रहा प्रदर्शन Rising Falling
    % बदलाव +0.34% -1.32%
  • सोने के दाम में परिवर्तन January 2019
  • सोने के दाम में परिवर्तन December 2018
  • सोने के दाम में परिवर्तन November 2018
  • सोने के दाम में परिवर्तन October 2018
  • सोने के दाम में परिवर्तन September 2018

यहां देखें कैरेट के अनुसार सोने की शुद्धता

24 कैरेट = 100% शुद्ध सोना (99.9%)
22 कैरेट = 91.7% सोना
18 कैरेट = 75.0% सोना
14 कैरेट = 58.3% सोना
12 कैरेट = 50.0% सोना
10 कैरेट = 41.7% सोना

भारत में सोने (GOLD) की कीमतें कैसे और क्यों बदलती रहती हैं?

पूरी दुनिया में केन्‍द्रीय बैंकों द्वारा की जाने वाली खरीद-फरोख्‍त भी है।

इन दिनों हर देश के सेन्‍ट्रल बैंक के साथ ऐसा होता है कि वहां सारा भंडारण नहीं होता है। जब भी ऐसा होता है तो इससे सोने की कीमतों में तेजी से अस्थिरता आ जाती है। संक्षेप में कहें तो यह मांग देश के केन्‍द्रीय बैंकों से ही निकलती है। जब मांग, उम्‍मीद की गई मांग से ज्‍यादा बढ़ जाती है तो केन्‍द्रीय बैंकों द्वारा सोने की कीमतों में इजाफा कर दिया जाता है। ऐसा कई बार बार देखा गया है और ये कीमतें बहुत हद तक बढ़ जाती हैं।

सोने की कीमत

सोने की कीमतों में बढ़ोत्‍तरी, देश में गोल्‍ड ईटीएफएस के द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका पर भी निर्भर करता है। जब गोल्‍ड ईटीएफ खरीदते हैं तो यह इंटरनेशनल मार्केट में कीमतों के बढ़ने का कारण बनता है जो अंतत: चेन्‍नई में सोने की कीमतों पर असर डालता है।

इन कारणों से बढ़ती हैं सोने की कीमतें

क्रॉस करेंसी हेडविंड्स, कीमती धातु पर भी प्रभाव डाल सकता है। उदाहरण के लिए, डॉलर में तेज उछाल, सोने की कीमतों में गिरावट ला सकता है। संक्षेप में, भारत में आज सोने की कीमतें, कई कारणों से प्रभावित होती है और कोई भी ऐसा कारण नहीं है जिसका बड़ा प्रभाव पड़े। कुल मिलाकर आप कह सकते हैं कि कई सारे कारक इसके लिए उत्‍तरदायी हैं।

सोच-समझ कर करें सोने की खरीददारी

आप समय और भविष्यवाणियों के आधार पर सोने नहीं खरीद सकते। कीमती धातु के मूल्यों में होने वाले बदलाव के कारणों की भविष्यवाणी करना हमेशा कठिन होता है। सबसे बड़ा कारण करेंसी मूवमेंट है और ये चीजें व्‍यक्तिगत तौर पर नियंत्रण से बाहर होती हैं। इसलिए, यदि यदि आप सोने की कीमतों में मुद्रा में कारण बन सकते हैं तो ये अच्‍छी या अन्‍य बात है। आप जब चाहें तक सोना खरीद सकते हैं लेकिन एक निर्धारित दाम पर। यदि किसी मामले में,आप कम कीमत पर सोना खरीदते हैं तो ये अच्‍छा है लेकिन ऐसा तभी संभव है जब सोने की कीमतों में भारी गिरावट आ गई हो। यदि आपने सही तरीके से अनुमान या स्‍टडी वर्क नहीं किया है तो ये आपके बजट पर भारी पड़ सकता है। इसलिए, सोने की खरीददारी सोच-समझकर करें। ये आपके बजट को नुकसान पहुँचा सकती है।

जब सस्ता हो सोना तब खरीदें

आप चाहें तो सोने की खरीददारी के लिए एक नियम को फॉलो कर सकते हैं कि सोना चाहें सस्‍ता हो या मंहगा, जब भी आप खरीदने जाएंगे तो उसकी कीमत 27,000 रूपए से ज्‍यादा न हो। यदि इससे ज्‍यादा की कीमत है जो जरूरी न होने पर शॉपिंग को होल्‍ड कर लें। गोल्‍ड रेट को चेक करने के लिए आप बिजनेस वेबसाइट या न्‍यूज में देख सकते हैं। इससे आपको आज की सोने की कीमतें पता चल जाएगी।

मांग और आपूर्ति पर तय होती हैं कीमतें

कुल मिलाकर, देश में सोने की कीमतों में बदलाव, मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती है। मुद्रा में उतार-चढाव, सेंट्रल बैंकों से खरीददारी, स्‍थानीय कर भी इसका बहुत बड़ा कारण होते हैं। भारत में सोने की कीमतें, बुलियन एसोसिएशन द्वारा काफी हद तक निर्धारित की जाती है, जिसके बदले सोने के खुदरा विक्रेताओं द्वारा तय किया जाता है।

सोना खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

इसलिए, आपको सलाह दी जाती है कि सोना खरीदने से कीमत, संभावित कीमतें आदि को जान लें। शादी के सीज़न, पर्व आदि पर खरीदने से बचें। इस दौरान सोना अधिक मंहगा होता है।

भारत में सोने को खरीदने की सही कीमत क्या है?

यह एक मुश्किल सवाल है। कुछ लोग इस सवाल का जवाब देने की कोशिश ज़रूर करेंगे। लेकिन हम आपको कुछ हिंट देते हैं कि भारत में सोना खरीदने की बेहतर कीमत क्या हो सकती है। आज भारत में 916 कैरेट शुद्धता के सोने की कीमत लगभग 28,700 है। दिसम्बर में यह 27,200 थी। इसलिए, यह एक बेकार डील नहीं है। निवेशकों ने पिछले कुछ महीनों में अच्छा पैसा कमाया है। लेकिन इस कीमती धातु को खरीदने वाले हमेशा फायदे में नहीं रहते हैं।

वाकई में कई बार इनके रिटर्न्स बहुत कम होते हैं

इसका मतलब यह है कि अगर रिटर्न कम है तो रिवार्ड्स ज़्यादा नहीं होते हैं और साथ ही नुकसान की संभावना ज़्यादा रहती है। अगर संक्षिप्त में कहें तो इस जोखिम से होने वाले रिवार्ड का अनुपात खरीदने वाले के पक्ष में नहीं होता है। इसलिए, आपको सोना जैसी कीमती धातु तभी खरीदनी चाहिए जब इसकी कीमत कम हो। लेकिन, कितना कम, यह एक जानना ज़रूरी है...

कब खरीदें और कब बेंचें GOLD

यदि आप इसे 30,000 की रेट पर बेचना चाहते हैं तो आपको इसे 27,000 के लेवल पर खरीदना होगा, इससे आपको लगभग 10 प्रतिशत का मुनाफा होगा। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि सोने को खरीदने और बेचने के साथ ही अन्य कई लागतें भी इससे जुड़ी होती हैं, ऐसे में आपका रिटर्न अच्छा और फायदेमंद होना चाहिए। यही कारण है कि कई लोग सही जानकारी नहीं होने कारण सोने की खरीद से सही मुनाफा नहीं कमा पाते हैं।

कितना लाभ मिलेगा

बड़ी कीमत पर खरीदने पर आपका रिटर्न नाममात्र सा ही होता है। आपको सोने की खरीद पर टैक्स भी देना होता है ऐसे में आपका रिटर्न और गिर जाता है। इसलिए कम कीमत पर होने पर खरीदना और ज़्यादा कीमत होने पर बेचना ही मुनाफा कमाने का सबसे सही तरीका है। इसलिए सोने को खरीदने से पहले कुछ दिन सोने के भावों पर नज़र बनाए रखना आपके लिए बेहतर होगा।

सोने की खरीद के लिए पैन कार्ड हो सकता है अनिवार्य

वित्तीय नियामकों के एक पैनल ने यह प्रस्तावित किया है कि सोने की हर खरीद-फरोख्त लिए पैन कार्ड अनिवार्य हो। अगर सरकार इससे सहमत होती है तो सोने की खरीद भले ही कितनी भी राशि की हो इसके लिए पैन कार्ड जरूरी हो सकता है। फिलहाल सिर्फ दो लाख रुपये से अधिक सोने की खरीद के लिए ही पैन नंबर जरूरी होता है।

हर लेन-देन का होगा हिसाब

सोने की हर खरीद-फरोख्त इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रजिस्ट्री में दर्ज की जाएगी। इसका मतलब है कि जब भी आप किसी ज्वैलर से सोना खरीदेंगे तो ऑनलाइन उसका हिसाब-किताब रखा जाएगा ताकि पता चल सके कि कहीं कोई व्यक्ति सोना खरीदकर काला धन तो जमा नहीं कर रहा है।

समिति की सिफारिश पर चल रहा है काम

हाउसहोल्ड फाइनेशियल पैनल की रिपोर्ट ने कहा, 'समिति ने यह सिफारिश सोने के रूप में काला धन जमा करने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण लगाने के इरादे से की है। समिति का मानना है कि कर निवारण का प्रवर्तन सख्त होना चाहिए। आरबीआइ ने वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की मीटिंग के बाद भारत में घरेलू वित्त के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन के लिए इस समिति का गठन किया था। लंदन के इंपीरियल कालेज के प्रोफेसर तरुण रामादोराई की अध्यक्षता वाली इस समिति में रिजर्व बैंक, सेबी, बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण और पीएफआरडीए के प्रतिनिधि शामिल हैं।

सोने के लेनदेन को इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्री में दर्ज किया जाए

समिति का कहना का है सोना खरीदने को पैन की अनिवार्यता होने के बाद इसका लेनदेन छिपकर किया जा सकता है। इसलिए इसे रोकने के लिए सभी तरह के सोने के लेनदेन को इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्री में दर्ज किया जाना चाहिए। समिति का कहना है कि सोना खरीदकर टैक्स चोरी रोकने के आयकर के आंकड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही कर चोरी रोकने के प्रावधानों को सख्ती से लागू करना चाहिए। समिति ने गोल्ड एक्सचेंज बनाने का भी सुझाव दिया है ताकि सोने के बाजार को प्रोत्साहित किया जा सके।

भारत में सोने की डिमांड

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साल भारत में सोना नीचे गिरा। इसके बावजूद भारत सोने की खपत के मामले में चीन से आगे निकल गया। वैसे देखा जाये तो भारत में सोने के आभूषणों की डिमांड सोने को कभी फीका नहीं पड़ने देगी। बावजूद इसके कि भारत में अब ई-गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ मौजूद हैं, लोगों की रुचि; सोना खरीदने में ज्यादा है।सरकार ने सोने के आयात में कमी लाने के लिये आयात शुल्क को बढ़ाया, लेकिन देश में सोने का आयात कम नहीं हुआ। पिछले कुछ सालों में सोने के दाम खराब दौर से गुजरे। लेकिन फिर भी 2008 की मंदी के बाद इसने अच्छा रिटर्न दिया। उस वक्त सोने के दाम बहुत नीचे चले गये थे।

कब करें सोने में निवेश?

लोगों के मन में कई बार ये सवाल उठता है कि सोने में निवेश का सही वक्त क्या है, क्योंकि सोने के दाम में हर रोज परिवर्तन होता रहता है इसलिए लोगों के मन में सोने में निवेश को लेकर तमाम आशंकाएं रहती हैं। अब हम आपको बताते हैं सोने में निवेश का सही समय क्या है। सोने के दाम का एक निश्चित सीमा के बाद नहीं बढ़ता है। ये दाम बाजार भाव और खरीद पर निर्भर हैं। वर्तमान में सोने का भाव 30 हजार रुपए के आस-पास है और आने वाले कुछ वर्षों में ये भाव इसी के आस-पास रह सकते हैं। ध्यान रहे जब भी सोने के भाव बढ़ रहे हों तब सोने में निवेश ना करें और जब सोने के दाम गिर रहे हों तो सोने में निवेश करने से ना चूकें। मान लीजिए आप ऐसे वक्त में सोने में निवेश करते हैं जब सोने के भाव 30 हजार रुपए के आस-पास हों तो आपको होने वाला लाभ अधिकतम 200-500 रुपए के बीच रह सकता है या फिर 1000 रुपए तक का लाभ हो लेकिन अगर आप सोने में उस वक्त निवेश करते हैं जब उसका दाम 25 हजार रुपए से नीचे हो और फिर दाम धीर-धीरे बढ़ना शुरु हो तो आपका यही निवेश 4 से 5 हजार रुपए का अच्छा मुनाफा दे सकता है। सोने में निवेश करने से पहले आप बाजार भाव के बारे में पता कर लें।

24 कैरेट सोना

जब हम 24 कैरेट सोने की बात करते हैं तो इसका सीधा सा मतलब है कि हम शुद्ध सोने की बात कर रहे हैं। 24 कैरेट सोने में सोने की मात्रा 99.9 फीसदी रहती है। सोने की शुद्धता का पैमाना 24 कैरेट को ही माना गया है क्योंकि इसमें शुद्ध सोने की मात्रा 99.9% है। शुद्ध सोने की पहचान है कि वह बहुत ज्यादा ही लचीला होता है। सोना एक ऐसी धातु है जिसको कागज से भी पता बनाया जा सकता है। कई मंदिरों और स्थानों पर सोने के वर्क का प्रयोग सजावट के तौर पर होता है। वहीं 24 कैरेट सोना इतना लचीला होता है कि उसका गहना बनाना आसान नहीं है। शुद्ध सोने में लीचीलापन अधिक होता है जिसके कारण उससे बने गहने मुड़ सकते हैं। इससे गहनों का आकार खराब हो जाता है और वह दोबारा पहनने लायक नहीं रहते हैं। भारत में ज्यादातर लोग सोने आभूषण पहनते हैं, इनमें इयर रिंग, अंगूठी और गले की चेन सबसे ज्यादा पहनी जाती है। लोग भी इन गहनों को लगातार पहनते हैं वहीं अगर ये गहने 24 कैरेट सोने के बने हों तो ये बहुत जल्द मुड़ जाएंगे।

22 कैरेट सोना

गहनों के लिहाज से 22 कैरेट सोना सबसे उपयुक्त होता है। 22 कैरेट सोना 24 कैरेट सोने से शुद्धता के मामले में कम होता है, जहां 24 कैरेट में 99.9 फीसदी सोने की मात्रा रहती है वहीं 22 कैरेट में सिर्फ 91.6 फीसदी सोने की मात्रा रहती है। बाकी कॉपर और जिंक जैसी धातुएं होती हैं जो कि इसमें मिलायी जाती हैं। इन धातुओं की वजह से सोना 24 कैरेट के मुकाबले ज्यादा मजबूत होता है। 22 कैरेट के सोने का प्रयोग ज्यादातर गहने बनाने के लिए होता है। देश के तमाम सर्राफा बाजार 22 कैरेट में सोने के गहने बनाते हैं। 22 कैरेट सोने का दाम 24 कैरेट के सोने के दाम 1 से 2 हजार रुपए तक कम रहता है।

18 कैरेट सोना

जब बात बजट में सोना खरीदने की आती है तो सबसे पहले सोने के दाम चेक किए जाते हैं। 18 कैरेट सोने में 75 प्रतिशत सोना रहता है बाकी 25 प्रतिशत सिल्वर, जिंक, निकेल और कॉपर जैसे मेटल रहते हैं। आम तौर पर सोने के ऐसे गहने जिसमें अन्य पत्थर जैसे मोती या डायमंड (हीरा) जुड़े होते हैं वह 18 कैरेट गोल्ड के ही होते हैं। 18 कैरेट गोल्ड 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड से ज्यादा मजबूत होता है जिसके कारण उसमें लगा पत्थर अपनी स्थान पर ही रहता है। यहां ध्यान देने वाली एक और बात है, 18 कैरेट गोल्ड का दाम 22 कैरेट सोने के दाम से भी कम होता है जिसके कारण आप कम पैसे में सोने के गहने खरीद सकते हैं। मान लीजिए कि अभी 24 कैरेट सोने के दाम 30 हजार रुपए के आस-पास हैं और 22 कैरेट सोने का दाम 27-28 हजार रुपए के आस-पास है तो वहीं 18 कैरेट सोने का दाम 21-23 हजार के बीच ही रहेगा।

खरीदने से पहले पता करें भाव

सोने खरीदते वक्त सबसे पहले आपको जो काम करना है वो ये कि आप अपने शहर में सोने के दाम पता करें। आपके शहर में सोने का क्या भाव चल रहा है इसकी जानकारी जरूर रखें। सोने के भाव सिर्फ एक दुकान से नहीं बल्कि कई दुकानों से पता करें। इससे आपको एक आइडिया मिल जाएगा कि आखिर शहर में सोने का औसत भाव क्या है।

कैसी दुकान से खरीदें सोना

अगर आप किसी ग्रामीण इलाके में रहते हैं तो कभी भी आस-पास के सुनार की दुकान से सोना मत खरीदें। हम ऐसे इसलिए कह रहें हैं क्योंकि ऐसी दुकानों पर सोने की कीमत बाजार भाव से अलग रहती है, सोने की गुणवत्ता हमेशा संदिग्ध रहती है इसलिए ऐसी किसी भी सर्राफा दुकान से सोने की खरीददारी मन करें। अगर आप किसी छोटे शहर में रहते हैं और वहां कई सर्राफा की दुकानें है तो आप उसमें से सबसे विश्वसनीय दुकान को चुनिए, उस दुकान पर सोने का क्या भाव चल रहा है और कितना मेकिंग चार्ज है, आदि बिदुंओ के बारे में पता करें। ध्यान रहे, दुकान जितनी विश्वसनीय होगी सोने की गुणवत्ता उतनी ही अच्छी होगी।

क्या होता है सोने का मेकिंग चार्ज

सोने की खरीद में सबसे अहम बिंदु होता है उसका मेकिंग चार्ज। इंडियन बुलियन एसोसिएशन देश भर में सोने का क्या भाव होगा इसे तय करता है। इसलिए हर शहर में सोने के भाव 100-200 रुपए कम ज्यादा रहते हैं लेकिन एक शहर में सोने के भाव एक ही रहता है सोने का भाव उसके मेकिंग चार्ज व अन्य टैक्सेस की वजह से अलग रहता है। सोना खरीदते वक्त उस पर BIS हॉल मार्क जरूर चेक करें। ये हॉल मार्क प्रमाणित करता है कि सोना असली है या नहीं। साथ ही सोने की गुणवत्ता भी BIS हॉलमार्क के जरिए ही प्रमाणित होती है।

हर पीली धातु सोना नहीं है

सोने का रंग पीला होता है, इसका मतलब ये नहीं कि हर पीली धातु सोना होगी। बाजार में अच्छी क्वालिटी के नकली सोने के गहने मिल जाएंगे जो कि बिल्कुल सोने के गहने के जैसे दिखेंगे। असली सोने की पहचान आप कई तरीकों से कर सकते हैं। इसके लिए आप सुनार की दुकान पर सोने का एसिड टेस्ट भी कर सकतें हैं, एसिड टेस्ट में अगर कोई रंग नहीं आता है तो सोना असली है अगर सफेद ये पीला रंग आता है तो इसका मतलब कि सोने में चांदी और या कॉपर जैसी धातु मिली हुई है।

18 कैरेट सोना खरीदने में है फायदा

वर्तमान में सोने की तीन वेराइटी ज्यादा प्रचलित हैं इसमें 24 कैरेट गोल्ड, 22 कैरेट गोल्ड और 18 कैरेट गोल्ड है। अगर आप सोने के गहने खरीद रहे हैं तो आप इन तीन वेराइटी में से कोई एक चुन सकते हैं। चूंकि 24 कैरेट सोने का दाम सबसे अधिक होता है इसलिए ज्यादातर लोग 22 कैरेट सोने के गहने खरीदते हैं। अगर आपको कम पैसों में सोने के गहने खरीदने हैं तो आप 18 कैरेट में सोने के गहने खरीद सकते हैं। 18 कैरेट सोने में 75 फीसदी सोना रहता है जबकि बाकी 25 फीसदी, चांदी, तांबा जैसी अन्य धातुएं रहती हैं।

सोना है सफल निवेश

सोने का गहना सिर्फ एक सजावट भर नहीं है बल्कि एक निवेश भी है। सोना खरीदते वक्त आप ये ध्यान रखें कि वक्त आने पर आप उसे दोबारा विक्रय कर सकें ताकि आपको ज्यादा लाभ मिले। सोना महज सजावट नहीं बल्कि एक निवेश भी है। इसलिए आप गहनों के अलावा सोने के सिक्के आदि खरीद सकतें और बाद में इनका विक्रय करके अच्छा लाभ कमा सकते हैं। सोने में निवेश का सबसे अच्छा वक्त तब है जब सोने के दाम बहुत कम हों। मान लीजिए आज सोने के दाम 30 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम हैं और आप सोने में निवेश करतें हैं तो आपको मिलने वाला लाभ बहुत कम होगा। यही निवेश यदि आप तब करते हैं जब सोने का भाव 25 हजार रुपए के आस-पास रहता है तो आपको 4 से 5 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम का बेहतर लाभ मिल सकता है।

सोने पर आकर्षक स्कीम के बारे में पता करें

कई बड़े ज्वैलर्स आपको कुछ अच्छी स्कीम का भी ऑफर देते हैं इसके तहत आप 25 से 27 हजार रुपए तक का सोना 20 से 22 हजार रुपए में खरीद सकते हैं। मान लीजिए आपको सोने की आवश्यकता दिसंबर में है और आप तनिष्क जैसे किसी बड़े ज्वैलर्स में 2 हजार रुपए प्रतिमाह निवेश का ऑफर रहता है। अब आप यदि मार्च से दिसंबर तक हर महीने 2 हजार रुपए जमा करते हैं तो आपको दिसंबर में 25 से 27 हजार रुपए का सोना महज 20 से 22 हजार रुपए में मिल सकता है। इस तरह की स्कीम के बारे में आप ज्वेलर्स शॉप से पता कर सकते हैं। इसके अलावा आप EMI पर भी गहने खरीद सकते हैं। अगर आपको तत्काल

कैसे तय होती है भारत में सोने की कीमत

यदि आप भारत में सोने के दामों पर गौर करेंगे तो आप पाएंगे कि देश के हर शहर में सोने के भाव अलग-अलग हैं। कई शहरों में सोना महंगा होता है तो कई शहरों में सस्ता। तो भारत में सोने के भाव आखिर कैसे तय होतें हैं। भारत के शहरों में सोने के भाव अंतरराष्ट्रीय भावों पर निर्भर करते हैं। इसलिए जब सोने के अंतरराष्ट्रीय भाव बढ़ते हैं तो कई शहरों में ज़्यादा महंगा सोना पड़ता है। हमारे यहां सोने की खानें ज़्यादा नहीं है हमें अपनी ज़रूरत का सोना आयात करना पड़ता है। भारत में सरकारी और निजी बैंक सोना आयात करते हैं , साथ ही कुछ एजेंसीज भी हैं जो कि विदेश से सोना खरीदकर डीलर्स को भेजती हैं। आयात करने वालों की ये सूची बदलती रहती है और सरकार इसमें बदलाव करती रहती है।

भारत में सोना कौन लाता है?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ोदा, मिनरल और मेटल ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन, यूनियन बैंक, सिंडीकेट बैंक आदि सोने के आयातक हैं। भारत में 38 बैंक हैं जो सोना बाहर से खरीदते हैं। बाद में ये बैंक सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत का हिसाब लगाकर उसे भारत की मुद्रा में बदलते हैं फिर उस पर आयात शुल्क लगा देते हैं। इस तरह इसका भारत में सोने का भाव तय होता है। मगर ये अंतिम खुदरा भाव नहीं है, सोने कीमतें शहरों के बुलियन एसोसिएशन द्वारा निर्धारित होती है, जैसे कि मुंबई। उदाहरण के लिए मुंबई में आईबीजेए (इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन), सोने का डीलर्स का एक एसोसिएशन हैं जहां उनके द्वारा कीमतें निर्धारित होती हैं बाद में इन्हें रिटेलर्स तक भेज दिया जाता है। इसके बाद रेट को पूरी तरह निर्धारित करने के लिए ये बड़े डीलर्स से संपर्क करते हैं और भविष्य की कीमतें तय करते हैं।

सोने का दाम तय करने की प्रक्रिया

सोने के भाव तय करने के अन्य तरीके भी हैं। आप सोने के अंतरराष्ट्रीय भाव लेकर उसमें डॉलर के मुक़ाबले रुपए की कीमत को गुणा कर सकते हैं। बैंक सोना आयात, वैट, ओक्ट्रोई और लोकल खर्चे निकालकर इससे मुनाफा करते हैं। इसलिए, एक ज्वेलर की दुकान पर आप जो भुगतान करते हैं उसमें घड़ाई के चार्जेज(मेंकिंग चार्ज) के साथ ये सब चीजें भी जुड़ी होती हैं।

भारत में सोने के दाम अलग-अलग शहरों में अलग-अलग क्यों होते हैं

अलग-अलग राज्यों में सोने के भाव अलग-अलग होते हैं। कुछ राज्यों में ट्रांसपोर्ट कोस्ट या परिवहन लागत ज़्यादा होती है। कुछ लोग मानते हैं कि मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में सोने के भाव कम होते हैं क्यों कि यहां के बन्दरगाहों सोना सीधा पहुंचता है और अन्य लागतें बच जाती हैं। केवल ये ही कारण नहीं है कुछ अन्य कारण भी शहरों में सोने के इन भावों को प्रभावित करते हैं।

डॉलर से कैसे प्रभावित होती है सोने की कीमतें

सोने के भाव तय करने में करेंसी भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। उदाहरण के लिए, जैसे हमें सोना आयात करना होता है और इसका भुगतान डॉलर में करना होता है। अब यदि रुपए की कीमत डॉलर के मुक़ाबले 67 या 68 रुपए तक गिर जाती है तो हमें सोने के लिए 1 रुपया ज़्यादा देना पड़ेगा। जितना ज़्यादा सोना आयात किया जाएगा विदेशी विनिमय यानि फ़ोरेन एक्स्चेंज रिज़र्व भी देश में उतना ही ज़्यादा फ़्लो करेगा। यहां देखिए अपने शहर में सोने और चांदी के दाम

भारत में सोना कहां से आता है?

भारत 557.8 टन के साथ दुनिया में सोने का 10वा सबसे बड़ा भंडार है। हम आपको बताते हैं कि भारत में कितना सोना पैदा होता है, कितना आयात किया किया है और कितना रिसाइकिल किया जाता है।2015 में, सोने की मांग को पूरा करने के लिए भारत ने 950 टन सोना आयात किया।

भारत में सोना कौन आयात कर सकता है?

सोना एक मूल्यवान धातु है। सोना कौन आयात कर सकता है, इसके नियम कड़े हैं। इसकी निगरानी विशेष रूप से नियुक्त टॉप एजेंसीज के द्वारा की जाती है। इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, डीजीएफ़टी और वित्त मंत्रालय शामिल हैं। देश में आयात होने वाले पूरे सोने को ये नियंत्रित करते हैं। कुछ एजेंसीज जैसे बैंक और ट्रेडिंग हाउस देश में सोना आयात कर सकते हैं। 

भारत में सोने की रिसाइकलिंग

केवल माइनिंग से सोने की मांग को पूरा नहीं किया जा सकता है। इसलिए, रिसाइकलिंग एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। 2015 में, लगभग 180 तव सोना रिसाइकल और पुनः इस्तेमाल किया गया। 1990 से यह ज़्वेलरी निर्माण की 15% आवश्यकता को पूरा करता है। इसमें ज़्वेलरी, निर्माण का कच्चा माल और खराब इंडस्ट्रियल उत्पाद शामिल हैं।

भारत में सोने का खनन

सोने की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत में सोने के खानों का शेयर है। यह केवल एक छोटा भाग है। 2015 में, 2 टन से भी कम सोने का खनन किया गया। आइये देखें भारत में सोने की प्रमुख खानें।

भारत में सोने का उत्पादन

इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस के अनुसार भारत ने 1947 से 2014 के बीच 90 टन सोना उत्पादित किया था। जो कि सोने की मुख्य खान हुट्टी माइंस के द्वारा निकाला गया था।

सोने की चमक बरकरार

हाजिर बाजार में भी सोने की चमक बरकरार थी। अहमदाबाद में सोने का भाव पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले 200 रुपये की तेजी के साथ 29,740 रुपये (999 ग्राम) चल रहा था। मुंबई में भी सोने में पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले 200 रुपये की तेजी के साथ 29,705 रुपये (999 ग्राम) पर कारोबार हुआ। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने का भाव पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले 195 रुपये की तेजी के साथ 29,607 रुपये (999 ग्राम) चल रहा था।

डॉलर की कमजोरी से चमका सोना

डॉलर की कमजोरी का कीमती धातु को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में फायदा मिला है, लेकिन घरेलू मुद्रा रुपये में शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले गिरावट का सिलसिला देखा गया। बाद में गुजरात व हिमाचल में भाजपा के पक्ष में चुनावी नतीजों से घरेलू शेयर बाजार के संभलने से रुपये में सुधार आया, जिससे सोने चांदी की तेजी को सहारा नहीं मिल पाया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने का फरवरी वायदा 0.38 फीसदी की बढ़त के साथ 1,262 प्रति औंस चल रहा था, जबकि चांदी के मार्च वायदे में 0.23 फीसदी की तेजी के साथ 16.1 सेंट प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था। केडिया कमोडिटी के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आठ सितंबर के बाद सोन में 100 डॉलर की तेजी आई है।

2017 में सोने का रुख क्या रहा

इस साल 2017 (जनवरी-दिसंबर) में पिछले साल के मुकाबले सोने के आयात में इजाफा हुआ है। पिछले साल भारत ने 500 टन सोने का आयात किया था। मगर इस साल नवंबर तक 680 टन सोने का आयात हो चुका है। जाहिर है कि सोने का आयात इस साल 700 टन से ज्यादा हो सकता है। भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना आयातक देश है। चीन ने पिछले साल तकरीबन 900 टन सोने का आयात किया था।

 

 

भारत में सोने के दाम में हाल ही में हुए परिवर्तन

इस हफ्ते (18 दिसबंर 2017 से 25 दिसंंबर 2017) सोने की कीमतों में रहेगा उतार-चढ़ाव

विदेशी संकेतों के मुताबिक, इस हफ्ते घरेलू सर्राफा बाजार में पीली व सफेद धातु की चमक बरकरार रह सकती है।

सोमवार को देश के वायदा एवं हाजिर बाजार में सोने और चांदी में तेजी दर्ज की गई, जो विदेशी बाजार के रुखों से प्रेरित थी। घरेलू बाजार पर हालांकि गुजरात व हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों का भी असर देखा गया। चांदी में औद्योगिक मांग बढ़ने से तेजी का रुख बना हुआ है। भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के फरवरी में समाप्त होने वाले सौदे में 0.43 फीसदी की तेजी के साथ 28,375 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था। इससे पहले सोमवार की सुबह 20,358 रुपये से मजबूत शुरुआत के साथ वायदे में क्रमश: 28,291 रुपये व 28,385 रुपये के निचले और ऊपरी स्तर के बीच कारोबार हुआ।

31 January 2018

अस्वीकरण:इस पृष्ठ पर सोने के दाम स्थानीय प्रतिष्ठ‍ित ज्वैलरी शॉप व सुनारों से प्राप्त किये गये हैं। दामों में थोड़ा फर्क संभव है। Hindi.GoodReturns.in हमेशा प्रयासरत रहता है कि आपको सोने के सटीक दाम मुहैया करा सके। ग्रेनियम इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, प्राइवेट लिमिटेड, एवं उसकी नियंत्रित कंपनियां और उससे जुड़ी कंपनियां इस बात की गारंटी नहीं लेती हैं कि दाम पूरी तरह सही हैं। यहां पर सोने के दाम सिर्फ सूचना के रूप में दिये जा रहे हैं। यह आपको सोना खरीदने या बेचने के लिये प्रेरित करने के लिये नहीं प्रेष‍ित किये जा रहे हैं। अगर सोने के दिये गये दामों के कारण कोई हानि या क्षति होती है, तो उसकी अभियोज्यता ग्रेनियम इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, प्राइवेट लिमिटेड, एवं उसकी नियंत्रित कंपनियां और उससे जुड़ी कंपनियां नहीं रखती हैं।

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भारत के विभिन्न शहरों में सोने के दाम
भारत के विभिन्न शहरों में चांदी के दाम

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