नई दिल्ली, जनवरी 29। निवेशक और टैक्स एक्सपर्ट्स उम्मीद कर रहे हैं कि बजट 2022 में सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) योजना के तहत तय अधिकतम जमा राशि की लिमिट में वृद्धि का रास्ता साफ हो जाएगा। अभी एक व्यक्ति को पीपीएफ खाते में प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक निवेश करने की अनुमति है। यह जमा राशि आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत टैक्स कटौती के योग्य भी होती है। आगे जानिए कि बजट 2022 में पीपीएफ में निवेश की लिमिट कितनी हो सकती है।
3 लाख रु हो सकती है लिमिट
जानकार आगामी बजट में पीपीएफ की वार्षिक डिपॉजिट लिमिट को बढ़ा कर 3 लाख रुपये करने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने धारा 80सी की जमा सीमा को बढ़ा कर 3 लाख रुपये करने की भी मांग की है। इससे साल में 80सी के तहत निवेशकों को 1.5 लाख रु बजाय 3 लाख रु की टैक्स छूट मिलेगी। 1.5 लाख रु प्रति वर्ष की वर्तमान जमा सीमा को 2014 से नहीं बदला गया है। इसलिए जानकारों का मानना है कि इस पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है।
आईसीएआई ने की मांग
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के मुताबिक वर्तमान समय में पीपीएफ की जमा सीमा बढ़ाना आवश्यक है क्योंकि यह सेल्फ-एम्प्लोयड टैक्सपेयर्स के लिए उपलब्ध एकमात्र सुरक्षित और टैक्स बचाने वाली योजना है। सैलेरी वाले कर्मचारियों के पास विभिन्न भविष्य निधि योजनाओं में निवेश करने का ऑप्शन होता है, वहीं गैर-वेतनभोगी और स्व-रोजगार वालों के पास लंबी अवधि की निवेश योजना के रूप में केवल पीपीएफ ही ऐसा ऑप्शन है, जिसमें निवेश कर टैक्स बचाया जा सकता है।
ऐसे मिलेंगे 80 लाख रु
पीपीएफ जमा पर मौजूदा ब्याज दर 7.1 फीसदी है। मान लें कि ये ब्याज दर मैच्योरिटी तक बरकरार रहे तो कोई व्यक्ति 15 वर्षों में लगभग 40 लाख रुपये प्राप्त कर सकता है। निवेशकों को 15 साल की जरूरी मैच्योरिटी अवधि के बाद प्रत्येक 5 साल के ब्लॉक में अपने पीपीएफ खाते की अवधि को आगे बढ़ाने की सुविधा मिलती है। अगर जमा की सीमा बढ़ाकर 3,00,000 रु प्रति वर्ष कर दी जाती है, तो निवेशकों को 15 साल बाद पीपीएफ से 80 लाख रुपये से अधिक मिल सकते हैं।
करने होंगे बड़े बदलाव
हालांकि ऐसा करने के लिए आयकर नियमों सहित कई रेगुलेटरी बदलाव करने की आवश्यकता होगी। फिलहाल यह देखना बाकी है कि आगामी बजट में पीपीएफ निवेशकों और टैक्स एक्सपर्ट की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को पूरा किया जाता है या नहीं। आईसीएआई के अनुसार 1.50 लाख रुपये की सीमा 2014 में तय की गई थी। तब इसे 1 लाख रुपये से बढ़ा कर 1.50 लाख रुपये कर दिया गया था। अब मुद्रास्फीति और वृद्धावस्था में लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए इस सीमा को और बढ़ाया जा सकता है।
पीपीएफ के फीचर्स
भारत का कोई भी निवासी फिर चाहे वो वेतनभोगी हो सेल्फ एम्प्लोयड हो या फिर पेंशनभोगी हो पोस्ट ऑफिस या बैंक में पीपीएफ खाता खोल सकता है। पीपीएफ के तहत केवल सिंगल व्यक्ति ही खाता खोल सकता है। इसमें दो लोगों संयुक्त तौर पर खाता खोलने की सुविधा नहीं मिलेगी। बच्चे के लिए उसके पैरेंट पीपीएफ खाता खोल सकते हैं।
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