नई दिल्ली, फरवरी 3। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट 2022 में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में इस टॉपिक पर और अधिक रोशनी डाली। पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल मुद्रा आने वाले वर्ष में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि आरबीआई के समर्थन वाली सीबीडीसी को केंद्रीय बैंक द्वारा नियंत्रित और मॉनिटर किया जाएगा और यह भारत की फिएट मुद्रा का डिजिटल अवतार होगा। एक और अहम उन्होंने कही कि भारत का डिजिटल रुपया कैश में एक्सचेंजेबल (विनिमय योग्य) होगा। आसान शब्दों में कहें तो दोनों करेंसियां (डिजिटल रुपया और नोट) एक समान होंगे।
कई देश कर रहे प्लान
सीबीडीसी को लॉन्च करने का भारत का कदम अन्य वैश्विक देशों के जैसा है, जो जल्द ही इसी तरह के कदम की योजना बना रहे हैं। यानी अन्य कई देश भी डिजिटल करेंसी लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। पीएम मोदी ने यह भी संकेत दिया कि भारतीय रिजर्व बैंक की डिजिटल मुद्रा भौतिक मुद्रा का एक नया संस्करण होने के नाते एक वैध मुद्रा होगी।
कर सकेंगे लेन-देन और अदला बदली
पीएम मोदी ने कहा कि लोग आसानी से डिजिटल मुद्रा को भौतिक मुद्रा में बदल सकते हैं और इसके उलट भी कर सकते हैं, जिससे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और ईकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सीबीडीसी की शुरुआत के साथ डिजिटल भुगतान और फंड का ऑनलाइन ट्रांसफर अधिक सुरक्षित, सिक्योर और रिस्क फ्री होगा। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक डिजिटल पेमेंट सिस्टम भी सुगम बनेगी।
फिनटेक में बड़ा रेवोल्यूशन
डिजिटल रुपया फिनटेक स्पेक्ट्रम में क्रांति लाएगा और भौतिक मुद्रा की छपाई, प्रबंधन और रसद की कई चुनौतियों का समाधान करेगा। बता दें कि बजट में वित्त मंत्री ने प्राइवेट वर्चुअल एसेट्स की बिक्री से होने वाले लाभ पर 30 प्रतिशत की फ्लैट दर से टैक्सेशन की घोषणा की, जिसमें निवेशक को कोई छूट या कटौती नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी एसेट्स को उपहार में देने पर जिस व्यक्ति को ये एसेट्स मिलेंगे, उसे टैक्स देना होगा।
क्रिप्टो लेन-देन पर बारीक नजर
वित्त मंत्री ने बजट के बाद की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि क्रिप्टो में हो रही हर लेन-देन पर 1% टीडीएस लगाकर उसमें पैसे के हर ट्रेल पर भी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने कहा था कि एक करेंसी एक करेंसी होती है यदि उसे सेंट्रल बैंक द्वारा जारी किया जाए। बाहर कोई भी करेंसी (अन्य प्राइवेट करेंसी) नहीं है। मगर उन्हें वित्त मंत्री ने डिजिटल एसेट्स कहा।
क्या बोले वित्त सचिव
भारत सरकार की तरफ से कहा गया है कि क्रिप्टो एसेट्स में ट्रेडिंग को अवैध नहीं माना जाएगा। यह खुलासा उस ऐलान के एक दिन बाद हुआ है जिसमें सरकार ने क्रिप्टो पर जुए में जीतने वाली रकम पर लगने वाले टैक्स के बराबर ही टैक्स लगाने की बात कही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने एक इंटरव्यू में कहा कि क्रिप्टो एक ग्रे एरिया में हैं। उन्होंने बताया कि क्रिप्टो में लेन-देन अवैध नहीं है।


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