नयी दिल्ली। अपने रिटायरमेंट के बाद की इनकम और खर्चों में सही मेल न होने के कारण लोगों को अक्सर अपनी रिटायरमेंट लाइफ में पैंसों की तंगी और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बहुत से लोगों की रिटायरमेंट के बाद के लिए की गई बचत उनके खर्चों को पूरा करने के लिए काफी नहीं होती है। मेडिकल खर्च भी कमर तोड़ होते हैं। ऐसे में आपको रिटायरमेंट के लिए सही ढंग से प्लानिंग करना जरूरी है। ये समय अपने बच्चों पर निर्भर रहने का नहीं, बल्कि खुद रिटायरमेंट की तैयारी करने का है। आपको रिटायरमेंट की तैयारी जल्द से जल्द कर देनी चाहिए। बल्कि अधिकतर एक्सपर्ट्स तो जॉब की शुरुआत के से साथ ही रिटायरमेंट की तैयारी की सलाह देते हैं। यहां 4 बेस्ट टिप्स बताए गए हैं, जिनसे आप सही ढंग से प्लानिंग करके रिटायरमेंट लाइफ का मजा ले सकते हैं।
फाइनेंशियल तैयारी को परखें
यदि आपकी रिटायरमेंट की आयु 60 वर्ष है तो 55 वर्ष तक आपको रिटायरमेंट के लिए अपनी फाइनेंशियल तैयारी का आकलन करना चाहिए। यह एक बजट बनाकर किया जा सकता है। एक ऐसा बजट जिसमें आपको अपना रिटायरमेंट जीवन जीना है। आपको अपने रिटायरमेंट से कुछ साल पहले ही बजट के लिए जरूर कोशिश करनी चाहिए। समय से पहले यह आकलन जरूरी है क्योंकि आप जरूरत के मुताबिक सुधार कर सकते हैं। एक बार रिटायरमेंट होने पर आपके सामने खर्चे ही खर्चे होंगे जबकि आपकी इनकम (पेंशन आदि के रूप) में बेहद सीमित होगी।
कहां करें निवेश - डेब्ट या इक्विटी
कोरोना महामारी से बनी अनिश्चितता ने ज्यादातर वित्तीय उपकरणों को प्रभावित किया है। इसलिए रिटायरमेंट के करीब पहुंचने वालों को एक सही फैसला करना चाहिए कि अपने पैसे को कहां निवेश किया जाए। एक तरफ डेब्ट है और दूसरी तरफ इक्विटी। डेब्ट में पैसा सुरक्षित रहता है, मगर तेजी से पैसा बढ़ाने वाला माध्यम इक्विटी है। आपको यहां एक बैलेंस बनाना होगा। साथ ही आपको अपनी आयु को भी इसमें शामिल करना होगा। आपके रिटायरमेंट में जितने कम वर्ष हैं आपको इक्विटी में उतना कम निवेश करना चाहिए। डेब्ट के लिए इसका उल्टा फॉर्मूला है।
रेगुलर इनकम की व्यवस्था
रिटायरमेंट पर एक रेगुलर का इंतजाम जरूर करें। रेगुलर इनकम आपको बहुत सहारा दे सकती है। रेगुलर इनकम के लिए आप प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) जैसे ऑप्शंस पर विचार कर सकते हैं। ये स्कीमें 60 से अधिक उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध हैं। इनमें निवेश की सीमा 15 लाख रुपये है और इस समय ब्याज की दर लगभग 7.5% है। पीएमवीवीआई में 9,000 रुपये तक का मासिक भुगतान किया जाता है। वहीं एससीएसएस में आपको तिमाही आधार पर पेमेंट मिलेगी। अगर पति-पत्नी दोनों मिल कर पीएमवीवीआई निवेश करें तो आपको 18 हजार रु तक मासिक पेंशन मिल सकती है।
कर्ज से हो जाएं मुक्त
एक और सबसे जरूरी बात यह है कि रिटारमेंट की कगार पर पहुंचने से पहले आपको अपने सारे कर्ज चुकाने पर ध्यान देना चाहिए। रिटायरमेंट से पहले ही कर्जमुक्त हो जाएं। रिटायरमेंट के बाद आप पर कर्ज का बोझ ज्यादा भारी पड़ेगा।
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