
Retirement Life : जब रिटायरमेंट की बात आती है, तो अधिकतर भारतीय रिटायरमेंट के बाद भी जीवन में वही लाइफस्टाइल चाहते हैं, जिसका आनंद वे जॉब करते हुए लेते आ रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक स्टडी के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद के लाइफस्टाइल को बनाए रखना लोगों की सबसे पहली प्राथमिकता भी होती है। पर ऐसा कैसे किया जा सकता है, यही जानकारी हम आपको देंगे।
क्या होती है लोगों की सोच
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ ने हाल ही में 1100 से अधिक लोगों के सर्वे में पाया कि 83 फीसदी जवाब देने वालों का पहला टार्गेट मौजूदा लाइफस्टाइल को बरकरार रखना है। इसके बाद आध्यात्मिक जगहों की यात्रा को 78 फीसदी लोगों ने चुना, 76 फीसदी प्रॉपर्टी खरीदने में रुचि रखते हैं, नया बिजनेस 72 फीसदी लोग खरीदना चाहते हैं और दान करने की इच्छा 70 फीसदी लोगों ने जताई।
बहुत से लोगों में होता है यह डर
1100 जवाब देने वालों में से लगभग 54 फीसदी ने कहा कि उन्हें डर होता है कि रिटायरमेंट के बाद उनका निवेश एक तय सीमा से आगे नहीं टिक पाएगा, जबकि इनमें से 66 फीसदी ने माना कि मुद्रास्फीति के कारण रिटायरमेंट के बाद लाइफस्टाइल को बनाए रखना उनके लिए मुश्किल होगा।

इन ऑप्शनों की तरफ होता है झुकाव
स्टडी में पाया गया कि ज्यादातर भारतीय पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) और रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम देने वाली एन्युटी योजनाओं जैसे ऑप्शनों को चुनना पसंद करते हैं, क्योंकि इनमें सुनिश्चित रिटर्न की पेशकश की जाती है।
तीनों चीजों की होती है टेंशन
रिटायरमेंट से पहले लोगों में तीन डर पाये जाते हैं। इनमें एक है रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त पैसा नहीं होना, दूसरा है पैसा निवेश करने / बढ़ाने का सही तरीका नहीं पता होता और तीसरा है मार्केट ट्रेंड पर प्रतिक्रिया देकर जल्दबाजी और बिना जानकारी के फैसला लेना। हालांकि, कई भारतीय अब रिटायरमेंट के लक्ष्यों के लिए बढ़िया निवेश योजना बनाने के लिए खुद रिसर्च करने के अलावा जानकारों से सलाह ले रहे हैं।

5 सबसे पॉपुलर रिटायरमेंट इनकम सॉर्सेस
स्टडी के अनुसार, रिटायरमेंट के लिए जिन 5 ऑप्शनों को लोगों ने चुना है, उनमें एन्युटी / रिटायरमेंट प्लान्स, राष्ट्रीय पेंशन योजना, पब्लिक प्रोविडेंट फंड, सावधि जमा (एफडी) और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम शामिल है।
जानिए बाकी अहम डिटेल
स्टडी में यह भी पाया गया कि जो लोग खुद को रिटायरमेंट के लिए तैयार महसूस करते हैं, वे आमतौर पर 40 साल की उम्र के करीब पर ही रिटायरमेंट के लिए निवेश करना शुरू कर देते हैं। वे रिटायरमेंट के लिए अपनी इनकम का औसतन 17 फीसदी अलग रखते हैं। जो लोग तैयार नहीं हैं वे अपनी आय का 11 फीसदी रिटायरमेंट के लिए अलग रखते हैं। रिटायरमेंट की तैयारी करने वालों में, एनपीएस को 55 फीसदी लोगों ने पसंद किया। इसके बाद एफडी को 49 फीसदी, एन्युटी / रिटायरमेंट स्कीम को 32 फीसदी, पीपीएफ को 26 फीसदी, पोस्ट ऑफिस बचत योजना को 26 फीसदी, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट को 24 फीसदी और गोल्ड को 23 फीसदी लोगों ने पसंद किया।

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