Gold-Silver investment: किसी भी शुभ अवसर पर हमारे देश में लोग सोना खरीदना पसंद करते हैं। यह निवेश का भी काफी अच्छा तरीका माना जाता है। मार्केट के उतार-चढ़ाव के बीच भी सोने-चांदी ने निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिया है।
इस कारण से लोग इनमें निवेश करना पसंद भी करते हैं क्योंकि यह हमेशा अच्छा रिटर्न देता है लेकिन आखिर सोने-चांदी में निवेश करने का यह सही समय है या नहीं? चलिए जानते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में भू-राजनीतिक (युद्ध) उथल-पुथल देखी गई है जिसके कारण सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है। गोल्ड एक तरह का सिक्योर एसेट है।
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपको रिस्क का डर लग सकता है, लेकिन गोल्ड में आपको रिटर्न मिलता है। कई फाइनेंशियल एक्पर्ट्स के अनुसार गोल्ड फाइनेंशियल पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन का काफी अच्छा ऑप्शन भी है।
आईआईएफएल सिक्योरिटीज के डेटा के मुताबिक, सोने ने वित्त वर्ष 2022-2023 में 13.5% का हाई रिटर्न दिया था। वहीं, चांदी ने 9.45% रिटर्न दिया था।
ऐसा जरूरी नहीं है कि आप फिजिकल गोल्ड में ही सिर्फ निवेश करें आप इसके साथ-साथ डिजिटल गोल्ड में भी निवेश कर सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ, आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड आदि कई अन्य में निवेश कर सकते हैं।
सोना-चांदी ने दिया शानदार रिटर्न
आपको बता दें कि गोल्ड एक ऐसा एसेट है, जिसकी डिमांड तब बढ़ जाती है जब जियोपॉलिटिकल टेंशन होता है। इसका स्टॉक मार्केट से ज्यादा सीधा संबंध नहीं है और कई बार स्टॉक्स में गिरावट आने पर यह पोर्टफोलियो को ज्यादा लॉस से बचाने में मदद करता है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि एक साल में चांदी की कीमत में करीब 13,500 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है। इससे पिछले साल चांदी ने सिर्फ 3.84 फीसदी का रिटर्न दिया था।
उससे पिछले साल चांदी का रिटर्न -1.94 फीसदी रहा था। वहीं, 25 मार्च 2020 से 13 अप्रैल 2021 के बीच चांदी ने 70.02 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया था।
वहीं, गोल्ड-सिल्वर कमोडिटी फंड बड़े पैमाने पर लॉन्ग-टर्म रिटर्न बनाने के बजाय पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की जरूरत से भी प्रेरित होते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध जो दो साल से अधिक समय पहले शुरू हुआ था और अभी भी खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
इसके अलावा, कई नए भू-राजनीतिक तनाव देखने को मिल रहे हैं। यही कारण है कि गोल्ड-सिल्वर कमोडिटीज में भी निवेश बढ़ा है और इससे रैली देखी जा रही है। सिर्फ यही नहीं, पिछले एक महीने में गोल्ड इंटरनेशनल इंडेक्स 10.82% बढ़ है।
वास्तव में, सोने और चांदी जैसे धातु लंबी अवधि में आपके पोर्टफोलियो में मजबूत वृद्धि हो सकती हैं। एक विविध पोर्टफोलियो को और अधिक संतुलित बनाने के लिए समग्र मिश्रण में इन्हें जोड़ने की आवश्यकता होती है।
इंडियन इन्वेस्टर्स के पास दशकों से सोने और चांदी को लेकर इमोशनल और फाइनेंशियल सॉफ्ट स्पॉट रहा है अगर आप भी सोना-चांदी को अपने इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहते हैं, तो एक बार फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें ताकि आपको बाद में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़ें।
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