आरबीआई (RBI) सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के फैसले के बाद नियमों में बदलाव करेगा।
नई दिल्ली: आरबीआई (RBI) सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के फैसले के बाद नियमों में बदलाव करेगा। सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के हालिया आदेश के आलोक में सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) (आरबीआई) अधिनियम में जल्द या बाद में संशोधन करना ही होगा। और समय-समय पर कर्जदारों के नाम प्रकाशित करने होंगे। ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (All India Bank Employees Association) (एआईबीईए) के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी है। बता दें कि शीर्ष अदालत द्वारा आरबीआई को बैंकों (Bank) की जांच रिपोर्ट और कर्जदारों के नामों का खुलासा करने के आदेश का स्वागत करते हुए एआईबीईए (AIBEA) के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने बैंकों (Bank) के फंसे हुए कर्ज (एनपीए) (NPA) के मुद्दे पर एआईबीईए (AIBEA) के रुख पर मुहर लगाई है।

हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि जल्द या बाद में सरकार और आरबीआई (RBI) को आरबीआई अधिनियम (RBI Act) में संशोधन (an amendment) करना ही होगा और समय-समय पर बड़े कर्जदारों (Borrowers) के नामों का प्रकाशन करना ही होगा। ताकि इससे ये देश को यह पता तो चले कि ये कर्जदार कौन हैं, जो लोगों के धन का गबन कर रहे हैं।
वहीं वेंकटचलम ने कहा कि कुल 9,331 जानबूझकर कर्ज नहीं चुकानेवाले कर्जदारों के पास 31 मार्च, 2018 तक कुल 1,22,018 करोड़ रुपये बकाया है। भारतीय बैंकिंग प्रणाली (Indian banking system) में फंसे हुए कर्ज की रकम वित्त वर्ष (financial year) 2017-18 तक कुल 8,95,600 करोड़ रुपये हो चुकी है।


Click it and Unblock the Notifications