RBI MPC Impact On FD: साल 2024 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की यह दूसरी मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक है। वहीं वित्त वर्ष 2025 की यह पहली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक है। नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में आने वाले आरबीआई की फैसले के पहले ही विशेषज्ञों ने कयास लगाया था कि रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। आरबीआई की मीटिंग की अनाउंसमेंट में हुआ भी ठीक वैसा, लगातार सातवीं बार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
रेपो रेट में बदलाव होने से जहां एक तब का खुश है वहीं दूसरे लोग थोड़े परेशान भी हैं। ऐसा इसलिए है कि रेपो रेट के न बदलने से लोन में ब्याज दर की बढ़ोतरी के चांस कम हो जाते हैं या न के बराबर होते हैं। लेकिन एफडी पर मिलने वाला ब्याज भी इससे प्रभावित हो सकता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पर असर
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि अगर रिजर्व बैंक में रेपो रेट नहीं बढ़ाया है तो, फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पर मिलने वाले ब्याज दर में बढ़ोतरी का चांस एकदम खत्म हो गया है। हालांकि आने वाले कुछ समय में इनमें गिरावट जरूर देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार आरबीआई के इस फैसले का असर आने वाले कुछ दिनों में दिखेगा।
लोन लेने वालों के लिए है अच्छी खबर
एक्सपर्ट्स के द्वारा रेपो रेट में बदलाव करना होना उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो लोन लेना चाहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है तो जाहिर तौर पर बैंक द्वारा दिए जा रहे लोन पर लगने वाला ब्याज भी अपरिवर्तित रहेगा। यही कारण है कि रेपो रेट रहने से बैंक के लोन पर लगने वाली ब्याज दर में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी।
1 साल से ज्यादा समय से रेपो रेट में नहीं हुआ है बदलाव
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा रेपो रेट में पिछले 1 साल से किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। पिछली बार 8 फरवरी 2023 फरवरी आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी बैठक की घोषणा में रेपो रेट बदलाव किया गया था।
इस बार रेपो रेट में 0.25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी देखने को मिली थी। इसके बाद रेपो रेट बढ़ाकर मौजूदा 6.5 प्रतिशत हो गई थी जिसमें अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके पहले रेपो रेट 6.25 प्रतिशत की थी।
ज्यादा परेशान होने की नहीं है जरूर
जाहिर सी बात है रेपो रेट में कोई बदलाव न होने से फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पर मिलने वाले ब्याज में बढ़ोतरी की कोई भी गुंजाइश खत्म हो चुकी है। लेकिन इससे बहुत ज्यादा नुकसान होने के आसार भी नहीं है।
विशेषज्ञों की माने तो अगर रेपो रेट में कटौती की जाती तो फिक्स डिपॉजिट स्कीम पर मिलने वाला ब्याज सीधे तौर पर काम होता, लेकिन रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है इसलिए फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम के पर मिलने वाली ब्याज दर कम होने के चांस तो है, लेकिन इसमें कोई बहुत ज्यादा बड़ी गिरावट नहीं आएगी।
ऐसा भी देखा गया है कि रेपो रेट समान रहने पर कई बार बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पर मिलने वाली ब्याज दर को भी स्थित रखते हैं।
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