RBI Monetary Policy News Today: इस नए वित्त वर्ष में बैंक ऑफ इंडिया द्वारा की गई इस पहले मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद आज ऐलान किया गया है। लोगों की और भारत के शेयर बाजार की नजर रेपो रेट पर थी। लोगों को उम्मीद थी कि आरबीआई रेपो रेट में कुछ बदलाव में करेगा जिससे ब्याज दरों में भी कमी आ सकती है। हालांकि रिजर्व बैंक आफ इंडिया के द्वारा रेपो रेट में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यही कारण है कि रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बनी रहेगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ऐसा लगभग सातवीं बार हुआ है जब रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। 
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह निर्णय मीडियम टर्म के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स इन्फ्लेशन को 4 प्रतिशत -/+ 2 प्रतिशत तक रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिजर्व बैंक आफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की इस बैठक में 6 सदस्य शामिल हैं। इनमें डॉ. शशांक भिड़े, डॉ. आशिमा गोयल, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. माइकल देबब्रत पात्रा, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास और प्रोफेसर जयंत आर. वर्मा हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया है इस मीटिंग को आरबीआई के गवर्नर के द्वारा हेड किया गया।
अगर बात की जाए फरवरी में जारी किए गए आंकड़ों की तो इस समय मंहगाई दर घटकर 5.09 प्रतिशत हो गई। उससे एक महीने पहले सीपीआई इंफ्लेशन 5.10 परसेंट का था।
हालांकि यह इंफ्लेशन रेट आरबीआई के अपर टॉलरेंस लेवल यानी 6 परसेंट से नीचे है।
वहीं अगर बात की जाए स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी की तो यह 6.25 प्रतिशत ही रही है और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेटऔर बैंक रेट 6.75 प्रतिशत की है।
वहीं बात करें देश की अर्थव्यवस्था के तो आरबीआई ने जीडीपी में तेज बढ़त का अनुमान जताया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव न किए जाने से लोन लेने वालों को राहत मिलेगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अगर रेपो रेट स्थिति रहती है तो बैंक लोन को महंगा नहीं करते हैं।
रेपो रेट में बदलाव न होने से फिक्स्ड डिपॉजिट वालों को थोड़ी परेशानी हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर रेपो रेट में बदलाव नहीं होता है तो बैंक फिक्स डिपॉजिट की दर को नहीं बढ़ते हैं या कई बार उन्हें कम भी कर देते हैं।
फाइनेंशियल ईयर 25 के लिए 7 प्रतिशत तक जीडीपी ग्रोथ का अनुमान
RBI ने अपनी पिछली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में भारत की जीडीपी ग्रोथ के साथ प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। यह अनुमान फरवरी में हुई आरबीआई एमपीसी मीटिंग दौरान लगाया गया था।


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