ऑटो सेक्टर के मांग में गिरावट का सिलसिला जारी है। अगस्त के दौरान सभी सेग्मेंट की पैसेंजर व्हीकल में 31.57 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
नई दिल्ली: ऑटो सेक्टर के मांग में गिरावट का सिलसिला जारी है। अगस्त के दौरान सभी सेग्मेंट की पैसेंजर व्हीकल में 31.57 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। जी हां देश में लगातार दसवें महीने अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री कम हुई है। जानकारी दें कि पिछले महीने ऑटो सेल्स 31.57 फीसदी फिसलकर 1,96,524 रह गई। पिछले साल अगस्त में कंपनियों ने 2,87,198 गाड़ियां बेची थीं। वहीं सरकार की तरफ से पिछले दिनों दी गई कुछ राहतों के बावजूद ऑटो सेल्स रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। बीते महीने कारों की घरेलू बिक्री में 41 फीसदी से अधिक की जबरदस्त गिरावट आई है। मंदी से जूझ रही इंडस्ट्री की एक बड़ी मांग जीएसटी रेट में कटौती की है।
घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 41.09 फीसदी घटी
जानकारी दें कि सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2019 में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 41.09 फीसदी घटकर 1,15,957 कार रह गई। जबकि एक साल पहले अगस्त में 1,96,847 कारें बिकी थी। दुपहिया वाहनों की बिक्री 22.24 प्रतिशत घटकर 15,14,196 इकाई रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में देश में 19,47,304 दुपहिया वाहनों की बिक्री की गई। इसमें मोटरसाइकिलों की बिक्री 22.33 फीसदी घटकर 9,37,486 मोटरसाइकिल रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में 12,07,005 मोटरसाइकिलें बिकी थीं।
कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री 38.71 फीसदी घटी
सिआम के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त माह में कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री 38.71 फीसदी घटकर 51,897 रही। कुल मिलाकर,यदि सभी तरह के वाहनों की बात की जाए तो अगस्त 2019 में कुल वाहन बिक्री 23.55 फीसदी घटकर 18,21,490 रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में कुल 23,82,436 वाहनों की बिक्री हुई थी।
ये बड़े एलान हाल में किए थे सरकार
- ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को मंदी के चक्र से बाहर निकालने के लिए पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण में कुछ बड़ी राहतों का एलान किया था।
- इसमें मार्च 2020 तक BS-IV वाहन खरीदने, सरकारी विभागों को नई गाड़ियां खरीदने पर बैन हटाने और वाहनों पर अतिरिक्त 15 फीसदी डिप्रिसिएशन देने जैसे कुछ अहम फैसले किए गए।
- सरकार के फैसले के बाद अब BS-IV वाहनों को अब मार्च 2020 तक खरीदा जा सकेगा और यह रजिस्ट्रेशन की पूरी अवधि तक चलाए जा सकेंगे। इसके अलावा, सरकार जल्द स्क्रैपेज पॉलिसी भी लाएगी।
- ऑटो सेक्टर के लिए सरकार ने 15 फीसदी अतिरिक्त डिप्रिसिएशन को मंजूरी दे दी है। यानी, अब यह 30 फीसदी हो गया। सभी वाहनों पर यह मार्च 2020 तक लागू होगा।
- इसके अलावा सरकार ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी का फैसला जून 2020 तक के लिए टाल दिया है।
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