PPF, FD जैसी योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज पर कैसे लगता है Tax, जानिए

नयी दिल्ली। क्या आप जानते हैं पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड), एफडी, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी स्कीम पर मिलने वाले ब्याज पर किस तरह टैक्स लगता है? अगर नहीं तो आपके लिए ये जानना जरूरी है। बता दें कि बचत खाते में मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स लगता है। असल में इस ब्याज को Income From Other Sources मे शामिल किया जाता है। इस तरह आप जिस टैक्स स्लैब में आएंगे उसी हिसाब से टैक्स देना होगा। हालांकि फायदे की बात ये है कि आयकर अधिनियम 80 टीटीए के जरिए आप एक वित्त वर्ष 10000 रु तक के ब्याज पर छूट का फायदा ले सकते हैं। यानी आपका 10000 रु तक का ब्याज टैक्स फ्री रहेगा। मगर इसमें बैंक और पोस्ट ऑफिस आदि से मिलने वाले सभी ब्याज को शामिल किया जाता है। अब जानते हैं कि आम योजनाओं में से किस पर कितना और कैसे टैक्स लगता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट पर टैक्स

फिक्स्ड डिपॉजिट पर टैक्स

सबसे पहले बात करते हैं बैंक एफडी की। बैंक एफडी पर मिलने वाला पूरा ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। इस ब्याज राशि को इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस में शामिल किया जाता है। गौरतलब है कि एफडी पर आपको जो ब्याज मिलता है बैंक उस पर 10 फीसदी के हिसाब से टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) काटता है। दूसरी बात अगर आप उच्च टैक्स स्लैब में हैं तो आपको ज्यादा टैक्स चुकाना होगा।

पीपीएफ पर टैक्स

पीपीएफ पर टैक्स

पीपीएफ पोस्ट ऑफिस की सबसे शानदार निवेश योजनाओं में शामिल है। बता दें कि ये एक छूट-छूट-छूट (ईईई) योजना है, जिसमें आपको किए गए निवेश और अर्जित ब्याज सब पर टैक्स छूट मिलती है। साथ ही मैच्योरिटी राशि भी टैक्स फ्री होती है। आप इस योजना में किसी वित्त वर्ष में 1.5 लाख रु तक निवेश कर सकते हैं, जिस पर कोई टैक्स नहीं होगा। मिलने वाला ब्याज भी टैक्स फ्री रहेगा।

एनएससी पर टैक्स

एनएससी पर टैक्स

एनएससी यानी नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट भी सेक्शन 80 सी के दायरे में आता है। यहां भी आपको 1.5 लाख रुके निवेश पर टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलेगा। यहा भी मिलने वाले ब्याज इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता, मगर इसकी मैच्योरिटी राशि को इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस माना जाता है। इसलिए उस पर पैसे टैक्स लगेगा।

किसान विकास पत्र पर टैक्स

किसान विकास पत्र पर टैक्स

किसान विकास पत्र (केवीपी) की एक बार खरीदारी होती है। यहां एक निश्चित समय बाद आपका पैसा डबल हो जाता है। मगर ये 80सी के तहत नहीं आता। इस सतरह मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स लगता है। इसके अलावा मैच्योरिटी के समय मिले ब्याज पर टैक्स देना होता है, जो कि इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस के शामिल होगा। हालांकि इसमें टीडीएस नहीं काटा जाएगा।

सुकन्या समृद्धि योजना पर टैक्स

सुकन्या समृद्धि योजना पर टैक्स

सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) भी ईईई योजना है। यानी निवेश, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि सब टैक्स फ्री है। आपको एसएसवआई में किए गए निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत कटौती का फायदा मिलेगा। इसकी अधिकतम सीमा 1.5 लाख रु है।

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