ITR डेडलाइन 31 जुलाई: ओल्ड या न्यू टैक्स रिजीम? जानें आपके लिए कौन सा है सही

31 जुलाई 2026 की ITR डेडलाइन में अब बस दो दिन बचे हैं। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्सपेयर्स को अब अपना टैक्स रिजीम (Tax Regime) फाइनल कर लेना चाहिए। याद रहे कि अब 'न्यू टैक्स रिजीम' ही डिफॉल्ट विकल्प है, जिसमें टैक्स स्लैब बड़े हैं और रिबेट का फायदा भी ज्यादा मिलता है। वहीं, 'ओल्ड रिजीम' में आपको पुरानी कटौतियों (Deductions) का लाभ मिलता रहता है। सही चुनाव न केवल आपकी टैक्स देनदारी कम करेगा, बल्कि रिफंड में देरी और पेनल्टी जैसी दिक्कतों से भी बचाएगा।

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए, न्यू टैक्स रिजीम में ₹24 लाख तक की आय पर अलग-अलग स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है, जबकि इससे ऊपर की कमाई पर 30 प्रतिशत टैक्स लागू है। सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली रिबेट की वजह से ₹12 लाख तक की कुल आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। नौकरीपेशा लोगों को न्यू रिजीम में ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, जो ओल्ड रिजीम में ₹50,000 ही है। हालांकि, न्यू रिजीम चुनने पर HRA, होम लोन का ब्याज और चैप्टर VI-A की ज्यादातर कटौतियों का फायदा नहीं मिलता है।

Old vs New Tax Regime 2026: Which is Better for ITR Filing? A Complete Guide for Taxpayers

ओल्ड बनाम न्यू टैक्स रिजीम: स्लैब का गणित और कहां होगा ज्यादा फायदा?

अगर आपकी सालाना आय ₹6 लाख है, तो न्यू रिजीम में रिबेट की वजह से टैक्स जीरो हो जाता है। ओल्ड रिजीम में भी टैक्स जीरो करने के लिए आपको स्टैंडर्ड डिडक्शन के अलावा कम से कम ₹50,000 की और कटौती दिखानी होगी। ₹12 लाख की आय पर न्यू रिजीम में अब भी टैक्स जीरो है, लेकिन ओल्ड रिजीम में बराबरी के लिए करीब ₹6.5 लाख की कटौती जरूरी है। वहीं, ₹24 लाख की आय पर न्यू रिजीम में टैक्स करीब ₹3,00,000 बनता है, जिसके मुकाबले ओल्ड रिजीम में करीब ₹7.75 लाख की कटौती की जरूरत होगी।

आय का स्तरन्यू रिजीम में टैक्सओल्ड रिजीम: बराबरी के लिए जरूरी एक्स्ट्रा कटौती
₹6 लाख₹0 (87A रिबेट)≥ ₹50,000
₹12 लाख₹0 (87A रिबेट)≈ ₹6.5 लाख
₹24 लाख≈ ₹3,00,000≈ ₹7.75 लाख

जिन नौकरीपेशा लोगों का HRA ज्यादा है और वे होम लोन ब्याज के साथ 80C/80D/NPS का पूरा फायदा उठा रहे हैं, उनके लिए ₹12 लाख से ऊपर की आय पर ओल्ड रिजीम बेहतर हो सकता है। फ्रीलांसरों या प्रोफेशनल्स को ओल्ड रिजीम चुनने के लिए 31 जुलाई तक ऑनलाइन 'फॉर्म 10-IEA' भरना होगा। ध्यान रहे, वे न्यू रिजीम में सिर्फ एक बार वापस लौट सकते हैं। फैमिली पेंशनर्स को न्यू रिजीम में भी सेक्शन 57(iia) के तहत राहत मिलती रहेगी।

FD ब्याज दरटैक्स के बाद दर: ओल्ड (30%)टैक्स के बाद दर: न्यू (आय ≤ ₹12 लाख)
6.5%4.55%6.5%
7.5%5.25%7.5%
8.0%5.60%8.0%

ओल्ड vs न्यू टैक्स रिजीम: पोर्टल पर कैसे बदलें, ई-वेरिफिकेशन और रिफंड का तरीका

अगर आप सैलरीड हैं और कोई बिजनेस नहीं है, तो ITR भरते समय 'Personal Information' सेक्शन में जाएं और "Opt out of new regime (Section 115BAC)" को 'Yes' पर सेट करें। बिजनेस या प्रोफेशन वालों को 31 जुलाई से पहले e-File → Income Tax Forms → File Income Tax Forms → Form 10-IEA भरना होगा। फाइलिंग के बाद 30 दिनों के भीतर e-Verify जरूर करें। देरी होने पर सेक्शन 234F के तहत लेट फीस लग सकती है। अपने रिफंड का स्टेटस 'Check Refund Status' पर जाकर ट्रैक करें। यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है, इसे टैक्स सलाह न मानें।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+