ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी

ज्यादातर सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई 2026 की ITR डेडलाइन में अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं। हालांकि, कुछ नॉन-ऑडिट बिजनेस फाइलर्स के पास 31 अगस्त 2026 तक का समय है, लेकिन 30 जुलाई तक डेडलाइन बढ़ने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अगर आप चाहते हैं कि आपका रिफंड न फंसे, तो AIS, TIS और 26AS के अंतर को अभी ठीक कर लें। ऑटोमेटेड 143(1)(a) चेक के जरिए विभाग आपकी वह इनकम भी जोड़ सकता है जो 26AS या फॉर्म 16 में दिख रही है।

सबसे पहले AIS चेक करें, क्योंकि TIS उसी का एक संक्षिप्त रूप है। अगर इसमें कोई जानकारी गलत, दोबारा (duplicate) या किसी और के PAN की दिख रही है, तो तुरंत 'फीडबैक' दें। ब्याज, डिविडेंड और शेयर बाजार के लेनदेन की जानकारी SFT डेटा से आती है। अगर डेटा में वाकई कोई कमी है, तो रिटर्न अपडेट करें या डिडक्टर से इसे ठीक करवाएं। ऐसा न करने पर 26AS के बेमेल डेटा की वजह से 143(1)(a) के तहत आपकी टैक्स देनदारी बढ़ सकती है।

ITR Filing Deadline 2026: How to Check AIS, TIS and 26AS to Avoid Refund Issues and Tax Penalties

ITR डेडलाइन: AIS/TIS की गलतियां सुधारें और रिफंड की राह आसान करें

इनकम टैक्स पोर्टल पर इन स्टेप्स को फॉलो करें: Login > Services (सेवाएं) > AIS/TIS (वार्षिक सूचना विवरण) > Proceed > AIS। फॉर्म 26AS देखने के लिए: e‑File (ई‑फाइल) > Income Tax Returns > View Form 26AS। AIS डाउनलोड करें और अपने ब्रोकर के P&L स्टेटमेंट से इसका मिलान करें। ISIN, क्वांटिटी और तारीखों को क्रॉस-चेक करें। फीडबैक दर्ज करें और फाइनल सबमिशन से पहले प्री-फिल्ड डेटा और शेड्यूल्स को सही तरीके से मिला लें।

रिफंड में रुकावट और 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन

रिटर्न सबमिट करने से पहले रिफंड रोकने वाली कमियों को दूर करें। इसके लिए Profile (प्रोफ़ाइल) > My Bank Account (मेरा बैंक खाता) > Add/Pre‑validate पर जाएं और रिफंड के लिए एक अकाउंट को नॉमिनेट करें। इससे ई-वेरिफिकेशन के लिए EVC जनरेट करना भी आसान हो जाएगा। अगर एरियर (बकाया) पर टैक्स छूट चाहिए, तो Form 10E भरें: e‑File > Income Tax Forms (आयकर प्रपत्र) > File Forms। याद रखें, फाइल करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई करना जरूरी है, वरना आपका रिटर्न मान्य नहीं होगा।

डेडलाइन चूकने पर धारा 234A के तहत ब्याज और 234F के तहत लेट फीस लग सकती है। धारा 244A के तहत रिफंड पर 0.5% प्रति माह का साधारण ब्याज मिलता है, जबकि बड़े बैंकों में FD पर ब्याज दर फिलहाल 7% के करीब है। ₹1 लाख के निवेश पर नीचे दी गई तुलना से समझें कि सटीकता और समय की बचत आपके लिए क्यों जरूरी है।

विकल्प5 साल10 साल15 साल
रिफंड ब्याज 6% साधारण (धारा 244A)₹1,30,000₹1,60,000₹1,90,000
FD 7% सालाना कंपाउंडिंग₹1,40,255₹1,96,715₹2,75,903

फाइलिंग के बाद 'टैक्स क्रेडिट मिसमैच टूल' के जरिए स्टेटस चेक करते रहें। अगर CPC आपके रिटर्न में कोई बदलाव (adjustment) करता है, तो ऑनलाइन रेक्टिफिकेशन का इस्तेमाल करें। जरूरत पड़ने पर 31 मार्च 2027 तक रिवाइज्ड रिटर्न भरने की सुविधा भी उपलब्ध है। आज की गई थोड़ी सी सावधानी AY 2026–27 के लिए आपके रिफंड को तेज और आसान बना सकती है।

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