7 जून को भारतीय बाजारों में सोने की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। देश की राजधानी नई दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹73,800 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। ऐसे में छोटे निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा या थोड़ा और इंतजार करना बेहतर है। लंबी अवधि में मोटी कमाई के लिए सही एसेट क्लास चुनना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है।
सोने की घरेलू कीमतों पर ग्लोबल तनाव और शादियों के सीजन की मांग का सीधा असर दिख रहा है। हालांकि, फिजिकल गोल्ड (गहने या सिक्के) का अपना अलग क्रेज है, लेकिन इसमें टैक्स और मेकिंग चार्जेस का अतिरिक्त बोझ भी जुड़ा होता है। ये एक्स्ट्रा खर्च आपके कुल निवेश की वैल्यू को करीब 15 फीसदी तक कम कर सकते हैं। यही वजह है कि स्मार्ट निवेशक अब बेहतर रिटर्न के लिए डिजिटल विकल्पों की तुलना कर रहे हैं।

SGB, ETF या ज्वेलरी: स्मार्ट सेविंग्स के लिए कौन सा विकल्प है बेस्ट?
धैर्य रखने वाले भारतीय निवेशकों के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पहली पसंद बनता जा रहा है। इसमें शुरुआती निवेश पर सालाना 2.5 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज मिलता है। पेपर-फॉर्म में होने के कारण इसमें न तो चोरी का डर है और न ही स्टोरेज का कोई खर्च, साथ ही मैच्योरिटी पर मिलने वाला फायदा भी टैक्स-फ्री होता है। हालांकि, इसमें 8 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, इसलिए यह उन लोगों के लिए ठीक नहीं है जिन्हें कम समय में पैसों की जरूरत पड़ सकती है।
अगर आप निवेश में लचीलापन और लिक्विडिटी (पैसे निकालने की सुविधा) चाहते हैं, तो गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) एक बेहतर विकल्प है। आप इन्हें शेयर बाजार के ट्रेडिंग समय के दौरान कभी भी बेच सकते हैं। वहीं, गोल्ड म्यूचुअल फंड के जरिए आप हर महीने छोटी रकम की SIP भी शुरू कर सकते हैं। इससे ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव के बीच आपकी खरीद की औसत लागत (average cost) कम करने में मदद मिलती है।
| खासियत | SGB | गोल्ड ETF | ज्वेलरी |
|---|---|---|---|
| शुरुआती खर्च | कोई चार्ज नहीं | कम खर्च | भारी मेकिंग चार्जेस |
| सालाना रिटर्न | 2.5% ब्याज | सिर्फ मार्केट रेट पर | सिर्फ मार्केट रेट पर |
| लिक्विडिटी | औसत | बेहतरीन | बेहतर, पर टैक्स लगेगा |
सोने में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास पर्याप्त इमरजेंसी फंड मौजूद है। ग्लोबल इंटरेस्ट रेट पॉलिसी में बदलाव के कारण कीमतों में शॉर्ट-टर्म जोखिम बना रहता है। अगर आपको तुरंत पैसे निकालने की सुविधा चाहिए, तो ETF या गोल्ड फंड SIP चुनें। वहीं, अगर आप एक्स्ट्रा इनकम के साथ लंबी अवधि के लिए ग्रोथ चाहते हैं, तो अगले गोल्ड बॉन्ड इश्यू का इंतजार करें।


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