Income Tax Feature: टैक्सपेयर्स के लिए आया न्यू फीचर! IT डिपार्टमेंट ने दी खास सुविधा, कुछ ऐसे होगा इस्तेमाल

Income Tax AIS New Feature: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट(AIS) में एक नया फंक्शन जोड़ा है। इसे फीडबैक मैकेनिज्म नाम दिया गया है। यह फंक्शन टैक्सपेयर्स को मॉनिटरिंग करने में मदद करेगा।

इसके साथ ही यह टैक्सपेयर्स को उनकी ओर से संबंधित सोर्स या रिपोर्टिंग संस्थाओं को दिए गए फीडबैक के स्टेटस पर रियल टाइम अपडेट प्रदान करता है।

Income Tax Feature

आपको बता दें कि इसका एक फायदा यह भी है कि टैक्सपेयर्स को रियल टाइम पर पता चल पाएगा कि उनकी फीडबैक को सोर्स की ओर से आंशिक रूप से या फिर पूरी तरह से एक्सेपट कर लिया गया है। इसके अलावा रिजेक्शन के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी।

यदि फीडबैक आंशिक रूप से या पूरी तरह से स्वीकार किया जाता है, तो सोर्स को एक करेक्शन स्टेटमेंट फाइल करके जानकारी को सही करना होगा।

AIS सिस्टम के बारे में जानें

AIS कई इनफॉर्मेशन सोर्सेज से प्राप्त फाइनेंशियल डेटा के आधार पर तैयार किया जाता है और यह टैक्सपेयर के बड़ी संख्या में फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन का डीटेल प्रदान करता है, जिनका टैक्स से जुड़ा प्रभाव हो सकता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि AIS सिस्टम में दर्शाए गए हर एक ट्रांजैक्शन पर प्रतिक्रिया देने की सुविधा दी गई है और यह प्रतिक्रिया टैक्सपेयर को ऐसी जानकारी के सोर्स से प्राप्त इनफॉर्मेश के सही होने की स्थिति पर कमेंट करने में मदद करता है।

लेकिन गलत रिपोर्टिंग के मामले में, उसे ऑटोमैटिक तरीके से कन्फर्म करने के लिए सोर्स के पास ले जाया जाता है।

ऐसे होगा इसका इस्तेमाल

सोर्स की ओर से फीडबैक स्टेटस कंफर्म होने पर टैक्सपेयर्स को पता चल जाएगा कि फीडबैक, कन्फर्मेशन के लिए रिपोर्टिंग सोर्स के साथ शेयर किया गया है या नहीं किया है।

इससे टैक्सपेयर्स को यह भी पता चल जाएगा कि उसकी फीडबैक पर सोर्स की ओर से क्या प्रतिक्रिया दी गई है(यदि किसी प्रकार की प्रतिक्रिया दी गई है)।

इससे टैक्सपेयर्स को वह तारीख पता चल जाएगी जिस दिन फीडबैक को कन्फर्मेशन के लिए रिपोर्टिंग सोर्स के साथ शेयर किया गया है।

सीबीडीटी ने दी यह जानकारी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बयान में बताया कि आयकर विभाग ने अब सूचना पुष्टि प्रक्रिया की स्थिति प्रदर्शित करने के लिए एआईएस में एक नई व्यवस्था शुरू की है।

इस बयान के अनुसार, यह ये भी प्रदर्शित करेगा कि क्या करदाता की प्रतिक्रिया पर स्रोत की तरफ से आंशिक या पूर्ण रूप से स्वीकार या अस्वीकार करके कार्रवाई की गई है।

आंशिक या पूर्ण स्वीकृति के मामले में, स्रोत की तरफ से सुधार विवरण दाखिल करके जानकारी को सही करना जरूरी है।

ट्रांसपेरेंसी बढ़ने की उम्मीद

आपको बता दें कि इसके अलावा सीबीडीटी ने यह भी बताया कि इस नई व्यवस्था से करदाताओं को एआईएस में ऐसी जानकारी प्रदर्शित करके पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

यह अनुपालन में सुगमता और बेहतर करदाता सेवाओं की दिशा में आयकर विभाग की एक और पहल है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स के लिए यह नई सुविधा शुरू करने के पीछे लोगों को आसान प्रोसेस का हिस्सा बनना है। इसके जरिए आप अपने सालाना ब्यौरे में गलत सूचना को रिपोर्ट कर सकते हैं।

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