नयी दिल्ली। वित्तीय संकट से गुजर रही वोडाफोन ने बतौर एजीआर 1000 करोड़ रुपये और चुका दिये हैं। इससे पहले सोमवार को कंपनी ने 2500 करोड़ रुपये चुकाये थे। यानी कंपनी ने अब तक एजीआर के रूप में दूरसंचार विभाग को 3500 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। मगर वोडाफोन की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। कंपनी पर एजीआर का 53000 करोड़ रुपये बकाया है। अभी कंपनी को करीब 50000 करोड़ रुपये का बकाया चुकाना है। वोडाफोन आइडिया ने सरकार को हिस्सों में पेमेंट करना तब शुरू किया, जब दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस भेजे, जिससे उन्हें तुरंत बकाया राशि का भुगतान करने या फिर "आवश्यक कार्रवाई" का सामना करने के लिए कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों और उनके अधिकारियों को पिछला फैसला लागू करने में विफल रहने पर अवमानना कार्यवाही की चेतावनी दी थी। इसके बाद सरकार ने वोडाफोन आइडिया सहित टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया था कि वे तुरंत हजारों करोड़ रुपये के बकाया एजीआर का भुगतान करें।
क्या होता है एजीआर
बता दें कि कई महीनों से एजीआर का मामला सुर्खियों और सुप्रीम कोर्ट में है। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू या एजीआर एक यूसेज और लाइसेंस शुल्क होता है, जो दूरसंचार विभाग टेलीकॉम कंपनियों से लेता है। इस पर विवाद भी रहा है। दूरसंचार विभाग कहता आया है कि एजीआर की गणना किसी टेलीकॉम कंपनी को जमा ब्याज या संपत्ति बेचने सहित होने वाली कुल आय पर होनी चाहिए। मगर टेलीकॉम कंपनियाँ सिर्फ टेलीकॉम सर्विसेज इनकम पर एजीआर की गणना करने की बात कहती हैं। 2005 में सेलुलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस परिभाषा का विरोध करते हुए TDSAT का रुख किया था, मगर TDSAT ने सभी तरह की इनकम पर एजीआर की गणना को सही माना था। फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी इस परिभाषा को सही माना।
वोडाफोन की हालत खराब
टेलीकॉम सेक्टर के जानकारों का मानना है कि वोडाफोन आइडिया की वित्तीय स्थिति तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में सबसे नाजुक है। एजीआर के कारण वोडाफोन कई बार अपना कारोबार समेटने का संकेत दे चुकी है। अगर वोडाफोन अपना कारोबार बंद करती है तो बाजार में सिर्फ बड़ी प्राइवेट कंपनियां रह जायेंगी यानी कि भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो। हालांकि सरकार यह चाहती है टेलीकॉम सेक्टर त्रिकोणिय रहे। मगर वोडाफोन को सरकार की ही तरफ से कोई राहत नहीं मिली है। सोमवार को भारती एयरटेल ने अपने बकाया में से 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया और बचे हुए को भी डेडलाइन से पहले चुकाने की बात कही।
43 फीसदी से अधिक मजबूत वोडाफोन का शेयर
दो दिनों के भीतर वोडाफोन का शेयर 43 फीसदी से अधिक मजबूत हो गया है। बुधवार को इसमें 38 फीसदी से अधिक मजबूती आयी थी। आज भी शेयर में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसकी वजह है बीते मंगलवार को कंपनी के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश से मुलाकात की। वे कंपनी को बचाए रखने के लिए विकल्पों की तलाश के लिए दूरसंचार सचिव से मिले। हालांकि उन्होंने मुलाकात के बाद कहा कि वे अभी कुछ नहीं कह सकते। मगर इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल सरकार द्वारा वोडाफोन आइडिया की बैंक गारंटी को भुनाये जाने की संभावना नहीं है। ये वोडाफोन के लिए राहत की खबर है।
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