लंबे समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार एक बड़ी कड़ाही में हलवा तैयार किया जाता है और मंत्रालय के कर्मचारियों के बीच बांटा जाता है।
बजट 2017-18 के दस्तावेज की छपाई गुरुवार को परंपरागत 'हलवा' समारोह के साथ शुरू हो गई। इस मौके पर नार्थ ब्लाक कार्यालय में वित्त मंत्री अरुण जेटली और वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा मौजूद थे। लंबे समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार एक बड़ी कड़ाही में हलवा तैयार किया जाता है और मंत्रालय के कर्मचारियों के बीच बांटा जाता है।
हलवा बांटने की परंपरा
इस अवसर पर बजट की तैयारियों में शामिल वित्त सचिव रतन वाटल, राजस्व सचिव हसमुख अधिया, आर्थिक मामलों के सचिव और मंत्रालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी इस मौके पर उपस्थित थे। परंपरागत हलवा बांटने के बाद बजट बनाने और छपाई प्रक्रिया से जुड़े बड़ी संख्या में अधिकारियों और सहायक कर्मचारियों को मंत्रालय में ही रहना पड़ता है।
परिवार से टूट जाता है संपर्क
लोकसभा में बजट पेश होने तक उनका अपने परिवारों से भी संपर्क नहीं रहता। उन्हें अपने नजदीकी लोगों रिश्तेदारों से भी फोन या ई-मेल आदि के जरिए संपर्क करने की अनुमति नहीं होती। वित्त मंत्रालय में सिर्फ बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को ही अपने घर जाने की अनुमति होती है। यह राजग सरकार का दूसरा पूर्ण बजट होगा।
शक्तिकान्त दास ने किया ट्वीट
वित्त मंत्री 29 फरवरी को बजट पेश करेंगे। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकान्त दास ने ट्वीट किया कि वित्त मंत्रालय में हलवा समारोह के साथ बजट छापने की प्रक्रिया शुरू हुई। करीब 100 अधिकारी बजट छापने की प्रक्रिया से जुड़े हैं और वे 29 फरवरी को बजट पेश होने तक नार्थ ब्लाक में ही ‘बंद' रहेंगे। यह बजट को गोपनीय रखने के उपायों का हिस्सा है।
इन्होंने पेश किया था देश का पहला बजट
नार्थ ब्लाक में बजट प्रेस में ही इन अधिकारियों को वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश करने तक रहना होता है। देश का पहला आम बजट 26 नवंबर, 1947 को आर के षणमुखम शेट्टी ने पेश किया था। बजट पेश होने तक मंत्रालय में ही रहेंगे कई अफसर बजट निर्माण और इसकी छपाई की प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़े अफसर और कर्मचारी अब मंत्रालय में ही रहेंगे।
घर नहीं जाते बजट से जुड़े कर्मचारी-अधिकारी
वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किए जाने तक अब वे अपने परिवार और अन्य लोगों के संपर्क में नहीं रहेंगे। इन लोगों को अपने जानने वालों से ईमेल, फोन या किसी दूसरे माध्यम से संपर्क करने की भी मनाही होती है। सिर्फ वित्त मंत्रालय के बेहद सीनियर अफसरों को ही घर जाने की छूट होती है।
बजट बनाने में 100 कर्मचारी शामिल
बजट की छपाई में करीब 100 कर्मचारी शामिल हैं। वे बजट पेश होने तक अब नॉर्थ ब्लॉक स्थित दफ्तर में ही बंद रहेंगे। इस प्रक्रिया का मकसद बजट के तथ्यों को गुप्त बनाए रखना होता है।
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