आयकर: जानिए क्या है फॉर्म-16

यह संस्था या कंपनी द्वारा तभी जारी किया जाता है जब एक कर्मचारी की आय टैक्सेबल इंकम के अन्तर्गत आती है। आय से टैक्स के रूप में डिडक्ट की गई राशि को टीडीएस भी कहते हैं। इसी फार्म से पता चलता है कि कंपनी ने टैक्स के रूप में कितना डिडक्शन किया है जो कि टैक्स रिटर्न भरते वक्त काम आता है।
कई बार लोग कंपनी से फॉर्म सिक्सटीन न देने के लिए शिकायतें करते हैं। ऐसा होने पर आप आयकर विभाग में इसकी शिकायत कर सकते है क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि कंपनियां टीडीएस डिडक्ट करने के बावजूद आयकर विभाग में इसे जमा नहीं करती हैं। जो कि एक बड़ा अपराध है, कंपनी या संस्था जितना कर अपने कर्मचारियों से लेती है उसे उतना आयकर विभाग में डिपॉजिट करना चाहिए।
यह मुख्यत: कंपनी और बैंक की ही जिम्मेदारी होती है कि वह फॉर्म सिक्सटीन कर्मचारियों को जारी करें।


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