उत्तर प्रदेश, भारत का सबसे घनी आबादी वाला राज्य है, जो देश की लोकसभा में सबसे ज्यादा प्रतिनिधि भेजता है। इस राज्य में सबसे ज्यादा हिन्दी भाषा बोली जाती है। अगर क्षेत्रफल की बात की जाएं तो उत्तर प्रदेश, भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों का भंडार है। इस राज्य में समृद्ध वनस्पतियां और जीव भी हैं। पक्षियों की कई किस्में, जैसे- बटेर, कठफोड़वा और गौरया आदि यहां पाई जाती हैं।
यूपी के प्रसिद्ध शहरों में आगरा, वाराणसी, वृंदावन, सारनाथ हैं। इस राज्य की आबादी में पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश में काफी संख्या में शैक्षणिक संस्थान हैं जिनमें से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान आदि प्रमुख है। उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी, लखनऊ है। उत्तर प्रदेश में कई शख्सियत का जन्म भी हुआ जिनमें से गायक अनुप जलोटा, नौशाद अली, साक्षी महाराज, तलत महमूद, शुभा मुद्गल और उस्ताद विस्माल्लाह खां, प्रमुख हैं।
| Date | Day | Holiday |
|---|---|---|
| January 26 | Monday |
Republic Day
|
| March 05 | Thursday |
Holi/ Doljatra/ Holika Dahan
|
| March 28 | Saturday | |
| April 02 | Thursday |
Mahavir Jayanti
|
| April 14 | Tuesday |
Dr. Baba Saheb Ambedkar's Birthday/Tamil New Year's Day/ Baisakhi/
Biju Festival/
|
| July 01 | Wednesday |
Annual Closing of RBI
|
| August 15 | Saturday |
Independence Day
|
| September 05 | Saturday |
Krishna Jayanthi/ Janmashtami
|
| October 02 | Friday |
Mahatma Gandhi Jayanti
|
| October 22 | Thursday | |
| November 11 | Wednesday |
Diwali Amavasya (Laxmi Poojan)
|
| November 13 | Friday |
Bhai Dooj/Chitragupta Jayanti/ Yama Dwitiya
|
| December 25 | Friday |
Christmas
|
छुट्टियों के दौरान उत्तर प्रदेश में यात्रा करने के लिए कई सारे स्थान हैं जहां आप जाकर आराम से अपना अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं। अगर आप सरकारी या निजी बैंक के कर्मचारी हैं तो आप सरकारी छुट्टियों के हिसाब से इन स्थानों पर जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे पहली जगह आगरा का ताजमहल है। आगरा एक प्राचीन शहर है, जहां कई सारे पुरातन काल के किले और महल हैं। साथ ही यहां बेशकीमती ताजमहल है जिसे शाहजहां और मुमताज के बीच प्रेम की मिसाल के तौर पर देखा जाता है। इसके अलावा, अगर आप लखनऊ घूमने जाते हैं तो वहां चिडियाघर, बड़ा इमामबाड़ा, लखनऊ म्यूजि़यम, बेगम हज़रत महल पार्क आदि भी घूमने जा सकते हैं। वैसे तो पूरा उत्तर प्रदेश ही बहुत सुंदर है और आप यहां आकर कई जिलों में कई पर्यटन स्थल पर भी जा सकते हैं। हम राय देते हैं कि आप, अपनी छुट्टियों के दौरान लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, मथुरा, वृंदावन आदि स्थानों पर सैर करने के लिए अवश्य जाएं। सन् 2017 में कई सारी छुट्टियां है ऐसे में आप यहां जाने के बारे में विचार कर सकते हैं।
यहां दोनों के बीच बहुत कम अंतर है। जाहिर है कि बैंक उस दिन छुट्टी नहीं कर सकती है जब धन का लेनदेन किया जाता है और उसका संचालन आवश्यक होता है। वहीं, बैंक की छुट्टी का मतलब ये हरगिज़ नहीं है कि उस दिन सार्वजनिक अवकाश भी हो। यानि, उत्तर प्रदेश में बैंक की छुट्टी का मतलब ये बिलकुल नहीं है कि हर किसी के लिए मस्ती भरा दिन हो। कुछ निश्चित छुट्टियां ऐसी भी होती हैं जो निजी क्षेत्रों के द्वारा स्वीकृत नहीं होती हैं। उदाहरण के लिए, उत्तरप्रदेश में मनाएं जाने वाले कई पर्वों पर निजी कम्पनियां अवकाश नहीं रखती हैं क्योंकि बाहरी देशों के पैटर्न को फॉलो करती हैं। यूपी के लोग अपनी छुट्टियों को कई तरीकों से मनाते हैं। यहां फन के लिए कई सारे स्पॉट और जगह हैं जो सुखमयी हैं। इस लेख के अगले भाग में हम आपको ऐसे कुछेक स्थानों के बारे में बताएंगे, जो अलग-अलग शहरों में स्थित हैं और छुट्टियां बिताने के लिए अच्छे स्थान हैं।
उत्तर प्रदेश में कई सारे पर्व और त्यौहार मनाएं जाते हैं। यहां हर महीने कई सारे छोटे-छोटे और साल में कुछेक बड़े पर्व होते हैं। उत्तर प्रदेश में मनाएं जाने वाले पर्वों में होली, दीवाली, मकर संक्रांति, रक्षाबंधन, रमजान, क्रिसमिस, गुरू पर्व आदि हैं। हर धर्म के लोग इस राज्य में रहते हैं और वो अपने त्यौहारों और पर्वों को मनाते हैं। इन पर्वों के दिन आप चाहें तो घर पर ही रहकर किसी मनपसंद नॉवेल को पढ़कर अपना समय बिता सकते हैं। वहीं अगर कहीं बाहर जाने का मन है तो बाहर भी जा सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको पहले से प्लानिंग करनी होगी और एडवांस में ही अपनी बुकिंग आदि करानी होगी।
उत्तर प्रदेश में बैंक की छुट्टियों के दौरान लोग, आपस में अपने प्रियजनों से मिलते हैं। बैंक में राष्ट्रीय पर्वों पर भी अनिवार्य अवकाश होता है यानि स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती मनाई जाती है। इस दिनों बैंक कर्मी कहीं भी बाहर जा सकते हैं या अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। आप चाहें तो मूवी भी देख सकते हैं या थियेटर जा सकते हैं या फिर नजदीकी किसी स्थान पर जा सकते हैं। जैसाकि आपको पहले ही बताया है कि उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा घनी आबादी वाला राज्य है जहां से लोकसभा में सबसे ज्यादा सदस्य जाते हैं। यहां हिंदी भाषा बोली जाती है। अगर क्षेत्रफल की बात की जाएं तो उत्तर प्रदेश, भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों का भंडार है। इस राज्य में समृद्ध वनस्पतियां और जीव भी हैं। पक्षियों की कई किस्में, जैसे- बटेर, कठफोड़वा और गौरया आदि यहां पाई जाती हैं.यूपी के प्रसिद्ध शहरों में आगरा, वाराणसी, वृंदावन, सारनाथ हैं। इस राज्य की आबादी में पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश में काफी संख्या में शैक्षणिक संस्थान हैं जिनमें से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान आदि प्रमुख है। उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी, लखनऊ है। उत्तर प्रदेश में कई शख्सियत का जन्म भी हुआ जिनमें से गायक अनुप जलोटा, नौशाद अली, साक्षी महाराज, तलत महमूद, शुभा मुद्गल और उस्ताद विस्माल्लाह खां, प्रमुख हैं।
सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान उत्तर प्रदेश में यात्रा करने के लिए कई स्थान होते हैं लेकिन आप उससे पहले उन स्थानों पर पता कर लें, खासकर संग्रहालय या पुस्तकालय जैसे स्थानों पर जाने से पहले, इसके लिए आप वेबसाइट पर देख सकते हैं या दिए गए नम्बरों पर कॉल करके पूछ सकते हैं। अगर मौसम की बात करें तो अप्रैल से लेकर जून तक उत्तर प्रदेश में घूमना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए सर्दियों के मौसम का चयन करें। सर्दियों के दिन यहां अच्छे होते हैं और आप बिना किसी समस्या के घूम सकते हैं। सर्दियों में अवकाश के दौरान पार्क जैसे स्थानों पर दिन को अच्छे से बिताया जा सकता है। हालांकि, यह सच है कि राज्य में सरकार की छुट्टियों के दौरान बहुत ज्यादा भीड़ होती है ऐसे में अगर आप भीड़ से कतराते हैं तो न जाएं। साथ ही राष्ट्रीय पर्व के दौरान भी सार्वजनिक स्थलों पर जाने से बचाएं क्योंकि सभी लोग बाहर घूमने निकलते हैं और भयानक भीड़ हो जाती है, ऐसे में आपको दिक्कत सकती है हो। लेकिन अगर आपने पहले से सबकुछ प्लान करके रखा है तो आपको दिक्कत नहीं होगी।
अगर आपके पास कई सारी छुट्टियां हैं तो आप, अपनी इन बैंक हॉलीडे के दौरान लखनऊ की सैर पर जा सकते हैं। यहां काफी जगहें मुगल स्थापत्य का नमूना हैं और इतिहास से जुड़ी हुई हैं। लखनऊ में आप बड़ा इमामबाड़ा, रूमी दरवाजा आदि की सैर कर सकते हैं। इस दरवाजे को 1780 में मुगल शासकों ने बनवाया था। कहा जाता है कि ये दरवाजा, इस्तांवुल के प्रवेश द्वार की प्रति है। लखनऊ की सैर के लिए नवंबर का महीना सबसे अच्छा होता है, इस महीने यहां लखनऊ महोत्सव का आयोजन होता है जिसमें देश के कई हिस्सों से कलाकार आते हैं और अपने उत्पाद, सामग्री, वस्तु या कला का प्रदर्शन करते हैं। साथ ही इस उत्सव में कई सारे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है, जिनमें आप भाग ले सकते हैं। पूरे शहर में आपको नवाबी रंग देखने को मिलेगा, साथ ही भाषा के लहज़े में ही फर्क समझ आएगा। यहां होने वाले कत्थक कार्यक्रमों में ये नृत्य देखने लायक होता है। कुल मिलाकर अगर आप लखनऊ की सैर पर जाएं तो आपको अच्छा लगेगा और आपकी छुट्टियां सफल हो जाएगी।
आप चाहें तो बैंक हॉलीडे के दौरान कानपुर की सैर के लिए भी जा सकते हैं। कानपुर में सैर-सपाटे के लिए कई स्थान हैं। आप यहां के ब्लू वर्ड मनोरंजन पार्क जा सकते हैं। यहां म्यूजिकल फाउंटेन भी हैं, साथ ही यहां के पार्क में आप कई सारी राइड्स भी कर सकते हैं। यहां का चिडिया घर, मोती झील, कानपुर मेमोरियल चर्च, मंदिर आदि प्रमुख आकर्षण हैं। ये लखनऊ से मात्र 80 किमी। दूर है। लेकिन हॉलीडे पर आपको यहां काफी भीड़ लगेगी क्योंकि सभी लोग घूमने आते हैं।
अगर आप अपनी बैंक हॉलीडे को इस बार यूपी में ही बिताना चाहते हैं तो इलाहबाद जाएं। उत्तर प्रदेश में इलाहबाद एक पवित्र स्थान है जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है। इसके अलावा, यहां आनंद भवन भी है तो भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का आवास था, यह दो मंजिला इमारत है। यहां नेहरू परिवार की कई तस्वीरें है, साथ ही कई पुस्तकें भी हैं जिन्हें आप पढ़ सकते हैं। यह शहर, यूपी के प्रमुख शहरों में से एक है। अगर आप धार्मिक विचारधारा के हैं तो यह स्थान आपके लिए बिल्कुल सही है। लेकिन इलाहबाद ही यात्रा पर जाने से पहले अपने यातायात साधन की बुकिंग कर लें, रास्तों का पता कर लें और एक रफ प्लान बना लें। इसके बाद ही इलाहबाद जाएं। वहां जाकर आप अल्फ्रेड पार्क भी जा सकते हैं जिसका जिक्र धर्मवीर भारत के उपन्यास में किया गया था, अल्फ्रेड पार्क में चंद्रशेखर आजाद अंग्रेजो से लड़ते हुए शहीद हो गए थे, बाद में अल्फ्रेड पार्क का नाम बदलकर आजाद पार्क कर दिया। आजाद पार्क इलाहाबाद का सबसे बड़ा पार्क है, इस पार्क को शहर का फेफड़ा भी कहते हैं। आजाद पार्क में वर्षा वृक्ष और मौसमी फलों के वृक्षों की बहुतायत है। इसके अलावा गंगा जी ते तट पर लेटे हनुमान जी का विश्वविख्यात मंदिर भी है जहां प्रतिदिन हजारों लोगों दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं अन्य धार्मिक स्थलों में माता अलोपी देवी का मंदिर है, गंगा नदी के किनारे दक्षिण भारतीय शैली में बना मीनाक्षी मंदिर है। इलाहाबाद शहर से तमाम साहित्यकार और कवि और अभिनेता निकल कर आए हैं। सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, धर्मवीर भारती, हरिवंश राय बच्चन, अमिताभ आदि हैं।