असम के रहने वाले दिगंता दास कभी बेंगलुरु में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते थे. लेकिन आज वह हर महीने 50 लाख रुपये कमा रहे हैं. उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड के अलावा मजदूरी भी की है. लेकिन आज एक बिजनेस उनकी कहानी बदल दी है. चलिए दिगंता दास की सफलता के बारे में जानते हैं.

कैसे आया बिजनेस का आईडीया
दिगंता आईडी फ्रेश फूड कंपनी में मैनुअल वर्कर के रूप में काम करते थे. यहां उनका काम वैन से सामान उतारना, झाड़ू लगाना और बर्तन धोना था. एक समय ऐसा आया, जब कुछ कर्मचारी एक महीने के लिए छुट्टी पर चले गए. जिसके बाद दिगंता को मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में काम करने का मौका मिला.
पहले उन्हें पैकेजिंग करने के लिए कहा गया. बाद में उन्हें आटा 'मिक्स' करने की ट्रेनिंग भी दी गई. उन्होंने लगभग तीन महीने तक मिक्सिंग का काम किया. जिसके बाद उन्हें मल्टी-लेयर पराठा रोल करने का काम भी दिया गया. दिगंता ने अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ किया. यहां काम करते हुए उन्हें पराठा बनाने के बारे पता चला था.
जिसके बाद उन्हें बेंगलुरु का मालाबार पराठा बहुत पसंद आया. उन्होंने सोचा कि वे भी अपना ऐसा ही कोई बिजनेस शुरू कर सकते हैं. 2017 में दिगंता अपने घर असम वापस लौट गए. जिसके बाद उन्होंने दोस्तों के साथ मिलकर 'डेली फ्रेश फूड' नाम से पैक्ड पराठा का बिजनेस शुरू किया था.
असम के लोगों को दिंगता का पैक्ड पराठा काफी पसंद आया. आज दिगंता के मुलायम और कुरकुरे पराठे असम में काफी प्रसिद्ध है. पैक्ड पराठे से दिंगता आज हर महीने 50 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं. दिगंता अब अपने बिजनेस को और भी ज्यादा बढ़ाना चाहते हैं. इसके लिए वह अपने बिजनेस पर और काम कर रहे हैं.


Click it and Unblock the Notifications