सैलरीड क्लास के लिए टैक्स बचाने का एक ऐसा तरीका आज भी मौजूद है, जिसका इस्तेमाल बहुत कम लोग कर पाते हैं। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) आपको 50,000 रुपये की एक्स्ट्रा टैक्स छूट का फायदा देता है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CCD(1B) के तहत मिलने वाली यह छूट, सेक्शन 80C की 1.5 लाख रुपये की लिमिट से बिल्कुल अलग और ऊपर है। समझदार निवेशक अपनी टैक्सेबल इनकम घटाने के लिए इस विकल्प का बखूबी इस्तेमाल करते हैं।
ज्यादातर टैक्सपेयर्स की 80C वाली लिमिट लाइफ इंश्योरेंस और बच्चों की स्कूल फीस में ही खत्म हो जाती है। ऐसे में NPS की यह अतिरिक्त छूट खासतौर पर रिटायरमेंट सेविंग्स के लिए डिजाइन की गई है। इस स्कीम में निवेश कर आप अपनी टैक्स देनदारी को काफी हद तक कम कर सकते हैं। यह स्ट्रैटेजी उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है जो 30 परसेंट वाले टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, क्योंकि यह आज बचाए गए टैक्स को आपके भविष्य की बड़ी पूंजी में बदल देता है।

NPS इन्वेस्टमेंट प्लान: टैक्स बचाने की स्मार्ट स्ट्रैटेजी
NPS आपके पैसे को बढ़ाने के लिए इक्विटी और डेट फंड्स का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन ऑफर करता है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) के मुकाबले इसमें मार्केट एक्सपोजर की वजह से ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। आप अपनी रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से खुद तय कर सकते हैं कि आपका कितना पैसा कहां निवेश होगा। यही लचीलापन इसे युवाओं के लिए एक शानदार टूल बनाता है, जो नौकरी के दौरान टैक्स बचाने के साथ-साथ बुढ़ापे के लिए पेंशन भी पक्की करता है।
| सालाना इनकम ब्रैकेट | NPS निवेश की राशि | संभावित टैक्स बचत |
|---|---|---|
| 10 से 15 लाख रुपये | 50,000 रुपये | 10,400 रुपये |
| 15 लाख रुपये से ऊपर | 50,000 रुपये | 15,600 रुपये |
NPS डिडक्शन लिमिट और रिटर्न का गणित
NPS में निवेश शुरू करने से पहले इसके रिटायरमेंट नियमों को समझना जरूरी है। जब आप 60 साल के होंगे, तब आप अपने कुल फंड का 60% हिस्सा बिना किसी टैक्स के एकमुश्त निकाल सकते हैं। बाकी बचे 40% हिस्से से आपको एन्युटी (Annuity) खरीदनी होगी, जिससे आपको हर महीने पेंशन मिलेगी। यह नियम सुनिश्चित करता है कि आप अपना सारा पैसा एक साथ खर्च न कर दें और रिटायरमेंट के बाद भी आपकी लाइफस्टाइल और जरूरतों के लिए पैसों का फ्लो बना रहे।
NPS में निवेश की प्रक्रिया बेहद आसान है, जिसे आप आधिकारिक पोर्टल या अपने बैंक के जरिए घर बैठे पूरा कर सकते हैं। हर महीने किया गया छोटा सा निवेश आने वाले दशकों में बड़ी बचत में बदल सकता है। जल्दी शुरुआत करने से आपको कंपाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है। इससे न केवल आपको तुरंत टैक्स में राहत मिलती है, बल्कि आपका बुढ़ापा भी सुरक्षित होता है। हर भारतीय टैक्सपेयर के लिए यह वाकई एक फायदे का सौदा है।


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