Job Change के बाद ITR Filing: अगर किसी कर्मचारी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नौकरी बदली है, तो ITR फाइल करते समय उसे अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। एक ही साल में दो या उससे अधिक नियोक्ताओं (Employers) से मिली सैलरी के कारण टैक्स कैलकुलेशन, TDS और डिडक्शन में गड़बड़ी होने की संभावना बढ़ जाती है। टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई कर्मचारी केवल मौजूदा कंपनी के Form 16 के आधार पर रिटर्न भर देते हैं, जिससे बाद में टैक्स डिमांड या नोटिस आने का खतरा रहता है।

Job Switch की है?
ITR फाइलिंग में इन बातों का रखें ध्यान
1. दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़कर दिखाएं
यदि आपने वित्त वर्ष के दौरान नौकरी बदली है, तो पुराने और नए दोनों नियोक्ताओं से मिली कुल सैलरी को ITR में दिखाना जरूरी है। केवल वर्तमान कंपनी की आय दिखाने से आय कम रिपोर्ट हो सकती है और बाद में टैक्स विभाग की ओर से नोटिस आ सकता है।
2. दोनों Form 16 जरूर जुटाएं
ITR फाइल करने से पहले पुराने और नए दोनों Employers से Form 16 प्राप्त करें। इससे सैलरी, TDS और टैक्स कटौती का सही रिकॉर्ड मिल जाता है। यदि किसी कंपनी ने Form 16 जारी नहीं किया है, तो AIS और Form 26AS की मदद से भी आय और टैक्स क्रेडिट की जानकारी हासिल की जा सकती है।
3. AIS और Form 26AS से करें मिलान
Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS में आपकी सैलरी, TDS, ब्याज आय और अन्य वित्तीय जानकारी दर्ज होती है। ITR भरने से पहले इन दोनों दस्तावेजों का मिलान करना जरूरी है ताकि किसी आय या टैक्स क्रेडिट की जानकारी छूट न जाए।
4. Short TDS की स्थिति समझें
जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है, तो नई कंपनी को अक्सर पिछली कंपनी की आय की पूरी जानकारी नहीं मिलती। ऐसे में दोनों कंपनियां अलग-अलग TDS काटती हैं और कुल टैक्स देनदारी के मुकाबले कम टैक्स कट सकता है। परिणामस्वरूप ITR फाइल करते समय अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
5. सभी Income Sources की जानकारी दें
सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि बैंक ब्याज, FD Interest, Dividend, Capital Gains और अन्य आय भी ITR में शामिल करें। किसी भी आय को छिपाने या भूलने से टैक्स विभाग के रिकॉर्ड और आपके रिटर्न में अंतर आ सकता है।
6. सही ITR Form चुनें
गलत ITR Form चुनना भी एक आम गलती है। आय के स्रोत और टैक्सपेयर्स की श्रेणी के अनुसार सही फॉर्म का चयन करना जरूरी है। AY 2026-27 के लिए ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 की ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा उपलब्ध है।
7. 'Nature of Employment' कॉलम है बेहद ज़रूरी
ITR में "Nature of Employment" का कॉलम सही भरना जरूरी है। यह NPS डिडक्शन, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य रिटायरमेंट बेनिफिट्स पर असर डाल सकता है। गलत जानकारी देने से टैक्स लाभ कम हो सकते हैं।
- ITR फाइलिंग के लिए जरूरी दस्तावेज
- पुराने और नए Employer का Form 16
- Form 26AS
- Annual Information Statement (AIS)
- Salary Slips
- बैंक स्टेटमेंट
- निवेश और टैक्स बचत के दस्तावेज
- PAN और Aadhaar विवरण
अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान नौकरी बदली है, तो ITR फाइल करने से पहले Total Income, कुल TDS और सभी Tax Benefit का मिलान जरूर करें। केवल Form 16 पर निर्भर रहने के बजाय AIS और Form 26AS की जांच करना बेहतर रहता है। इससे अतिरिक्त टैक्स, ब्याज और संभावित नोटिस से बचा जा सकता है।
ITR फाइल करने की अंतिम तारीख फिलहाल 31 जुलाई 2026 निर्धारित है और अभी तक इसे बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।


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