Gold-Silver की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कई निवेशक इस गिरावट को देखकर घबराहट में बिकवाली करने की सोच रहे हैं, जबकि कुछ इसे खरीदारी का शानदार अवसर मान रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह गिरावट आगे और कमजोरी का संकेत है या फिर बड़ी तेजी से पहले का सुनहरा मौका?

MCX पर गुरुवार को सोना और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। सोने के 5 अगस्त और चांदी के 3 जुलाई कॉन्ट्रैक्ट में गिरावट दर्ज की गई, जिससे सर्राफा बाजार में दबाव का माहौल बना रहा। हालांकि थोड़ी देर बाद ही दोनों ही कीमती धातुएं में तेजी आ गई। बाजार विशेषज्ञ इस कमजोरी को लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छे अवसर के रूप में देख रहे हैं।
सोना-चांदी की कमजोरी अस्थायी-
स्विस एशिया कैपिटल (Swiss Asia Capital) के मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) और मुख्य निवेश अधिकारी जुएर्ग कीनर का मानना है कि इस तरह की गिरावटें हमेशा "डिप पर खरीदारी" का बेहतरीन मौका देती हैं। उनके अनुसार, सोना और चांदी की मौजूदा कमजोरी अस्थायी है और आने वाले महीनों में दोनों कीमती धातुओं में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि घबराहट में बिकवाली करने के बजाय व्यवस्थित तरीके से निवेश जारी रखना चाहिए।
सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग में कमी-
विशेषज्ञों के मुताबिक हालिया गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीदें हैं। इन कारणों से फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग में कुछ कमी आई है। हालांकि तकनीकी संकेत बता रहे हैं कि सोना और चांदी दोनों ओवरसोल्ड जोन में पहुंच चुके हैं, जहां से अक्सर अच्छी रिकवरी देखने को मिलती है।
केंद्रीय बैंक बढ़ा रहें गोल्ड भंडार-
रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में महंगाई एक बार फिर वैश्विक बाजार का बड़ा मुद्दा बन सकती है। यदि महंगाई बढ़ती है तो निवेशक जोखिम वाले निवेश विकल्पों से दूरी बनाकर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश साधनों की ओर रुख कर सकते हैं। इसके अलावा दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार अपने सोने के भंडार बढ़ा रहे हैं, जो सोने के प्रति मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
सोना-चांदी का आउटलुक मजबूत-
चांदी की बात करें तो इसकी वैश्विक आपूर्ति सीमित है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल, सेमीकंडक्टर और आधुनिक विनिर्माण उद्योगों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ता अंतर भविष्य में कीमतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। इसलिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना और चांदी का लंबी अवधि का आउटलुक अभी भी मजबूत दिखाई देता है और मौजूदा कमजोरी को कई बड़े निवेशक निवेश के सुनहरे अवसर के रूप में देख रहे हैं।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]
More From GoodReturns

आज 2 अगस्त को सोने के दाम स्थिर: क्या खरीदारी का सही मौका है? जानें 22K-24K के ताजा रेट

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

Jefferies की बड़ी भविष्यवाणी! Gold या Stocks? Chris Wood ने बताया कहां बनेगा ज्यादा पैसा!

ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी

Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?

Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय

अनलिमिटेड 5G का सच: Jio, Airtel और Vi के प्लान्स में क्या है छिपा हुआ पेंच?

HDFC SmartBuy पर Amazon Pay वाउचर गायब: रिवॉर्ड पॉइंट्स बचाने का अब क्या है तरीका?

Juniper Green Energy और MV Electrosystems IPO: आज जारी होगा अलॉटमेंट स्टेटस, ऐसे करें चेक

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

DTH और Cable TV होने वाला है बंद? सरकार के नए नियमों का पूरा Fact Check!



Click it and Unblock the Notifications