Gold, Silver, Crude Outlook: कमोडिटी बाजार इस समय कई बड़े ट्रिगर्स से गुजर रहा है। एक तरफ अमेरिका-ईरान तनाव, हॉर्मुज स्ट्रेट और क्रूड ऑयल की कीमतें निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ गोल्ड और सिल्वर में हालिया गिरावट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब बड़ी गिरावट आने वाली है या यह खरीदारी का मौका है। Commodity Expert Adib Noorani के मुताबिक फिलहाल बाजार में घबराने की जरूरत नहीं है। चाहे बात क्रूड ऑयल की हो, गोल्ड-सिल्वर की हो या पोर्टफोलियो बनाने की, निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय अनुशासित और चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।

Crude: Demand-Supply या Geopolitics?
Noorani का मानना है कि मौजूदा समय में क्रूड ऑयल की कीमतें पारंपरिक डिमांड-सप्लाई से ज्यादा जियोपॉलिटिकल घटनाओं पर निर्भर हैं। खासकर हॉर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी किसी भी खबर का बाजार पर सीधा असर पड़ता है। उनका कहना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव नहीं बढ़ता है तो फिलहाल क्रूड ऑयल के $90 प्रति बैरल के ऊपर जाने की संभावना काफी कम है। मौजूदा परिस्थितियों में $85-$87 प्रति बैरल का दायरा अधिक संभावित नजर आता है। हालांकि यदि युद्ध या सप्लाई चेन में बड़ी बाधा आती है तो कीमतें तेजी से $90-$100 तक जा सकती हैं और गंभीर स्थिति में $105 प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
आम लोगों पर कैसे असर?
क्रूड ऑयल केवल ईंधन तक सीमित नहीं है। परिवहन, मैन्युफैक्चरिंग और कई उद्योगों की लागत इससे जुड़ी होती है। यदि तेल महंगा होता है तो ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ती है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देता है। फिलहाल एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसी कोई बड़ी स्थिति नहीं दिख रही जिससे आम उपभोक्ताओं को तत्काल चिंता करनी पड़े।
Gold में गिरावट, अभी भी बुलिश है ट्रेंड?
हाल के दिनों में गोल्ड और सिल्वर दोनों में करेक्शन देखने को मिला है। लेकिन एक्सपर्ट इसे बड़ी गिरावट की शुरुआत नहीं मानते। उनके अनुसार गोल्ड के लिए ₹1.20 लाख, ₹1.10 लाख और ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर बेहद मजबूत सपोर्ट जोन हैं। जब तक ये स्तर नहीं टूटते, तब तक बड़ी गिरावट की संभावना कम है। उनका कहना है कि इतिहास बताता है कि तेज रैली के बाद गोल्ड में सामान्यतः 20% से 35% तक का करेक्शन देखने को मिलता है। 50% या 70% जैसी बड़ी गिरावट का इतिहास बेहद दुर्लभ रहा है।
Buy on Dip, Sell on Rise सबसे बेहतर
एक्सपर्ट का सबसे बड़ा सुझाव है कि निवेशकों को Buy on Dip, Sell on Rise की रणनीति अपनानी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि एक साथ पूरी होल्डिंग बेचने की गलती नहीं करनी चाहिए। यदि पोर्टफोलियो में 10% गोल्ड है तो धीरे-धीरे कुछ हिस्से में प्रॉफिट बुक करें, लेकिन पूरी होल्डिंग हमेशा बनाए रखें क्योंकि यह तय नहीं होता कि अगली तेजी कब शुरू हो जाएगी।
Sell on Rise के बाद पैसा कहां रखें?
एक्सपर्ट का मानना है कि Sell on Rise के बाद मिलने वाला पैसा फिलहाल कैश में रखना बेहतर रहेगा।
ऐसा इसलिए क्योंकि अगली गिरावट कब आएगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं होता। यदि पैसा किसी दूसरे निवेश में फंसा होगा तो सही समय पर दोबारा खरीदारी करना मुश्किल हो सकता है।
Fed Meeting और Dollar Index पर नज़र
कमोडिटी बाजार के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक सबसे बड़ा ट्रिगर बनी हुई है। एक्सपर्ट के मुताबिक फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है और फेड का रुख अपेक्षाकृत हॉकिश रह सकता है। यदि ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं तो गोल्ड और अन्य बुलियन पर दबाव बना रह सकता है। वहीं Dollar Index का 100-101 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। यदि डॉलर मजबूत होता है तो गोल्ड और सिल्वर में कमजोरी देखने को मिल सकती है।
Traders, Long-Term Investors क्या करें?
एक्सपर्ट ने ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए अलग-अलग सलाह दी।
एग्रेसिव ट्रेडर्स गोल्ड में लगभग 3% और सिल्वर में 5% की गिरावट पर खरीदारी कर सकते हैं।
कंजर्वेटिव निवेशकों को गोल्ड में 5% और सिल्वर में 8% गिरावट का इंतजार करना चाहिए।
Bottom और Top पकड़ने की कोशिश करने के बजाय चरणबद्ध निवेश करना ज्यादा समझदारी होगी।
गोल्ड या सिल्वर... किसे दें ज्यादा वेटेज?
पोर्टफोलियो में बुलियन की हिस्सेदारी 15% से 20% रखने की सलाह दी गई है। इसमें लगभग 12% से 15% हिस्सा गोल्ड का और 5% से 8% हिस्सा सिल्वर का होना चाहिए। जो निवेशक ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं झेल सकते उनके लिए गोल्ड बेहतर विकल्प है। वहीं ज्यादा जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए सिल्वर बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है, हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव भी अधिक होता है।
Ideal Portfolio कैसे बनाएं?
Adib Noorani के मुताबिक संतुलित पोर्टफोलियो का फॉर्मूला:
- 50% से 60% इक्विटी
- 20% से 30% गोल्ड और अन्य बुलियन
- लगभग 10% रिस्की एसेट्स
क्रिप्टो में भी उन्होंने केवल Bitcoin तक सीमित रहने की सलाह दी।
साथ ही उन्होंने कहा कि Diversification का मतलब 100 अलग-अलग स्टॉक्स खरीदना नहीं होता। एक संतुलित पोर्टफोलियो में 8 से 10 अच्छे इंस्ट्रूमेंट पर्याप्त होते हैं।
बाजार में अनिश्चितता जरूर है, लेकिन घबराहट में फैसले लेना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। चाहे गोल्ड हो, सिल्वर, क्रूड ऑयल या इक्विटी, एक्सपर्ट की सलाह साफ है-Bottom और Top पकड़ने की कोशिश छोड़िए, चरणबद्ध निवेश कीजिए, पोर्टफोलियो को Diversify रखिए और लंबी अवधि की सोच के साथ निवेश कीजिए।
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