नयी दिल्ली। अगर आपका सोना घर में बेकार पड़ा है तो आप उससे कमाई कर सकते हैं। गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के तहत आप सोना जमा करवा कर उस पर ब्याज हासिल कर सकते हैं। बल्कि अब बहुत थोड़े सोने को जमा करके भी कमाई की जा सकती है। अगर आपके पास बहुत सारा सोना न हो और आप उसे जमा करा कर ब्याज पाना चाहें तो ये संभव है। सरकार ने गोल्ड डिपॉजिट स्कीम में बदलाव किया है। नये नियम के अनुसार अब बैंक में केवल 10 ग्राम सोना जमा करके उस पर ब्याज हासिल किया जा सकता है। पहले ये लिमिट न्यूनतम 30 ग्राम सोने की थी। इतना ही नहीं आप सोना जमा करने पर बैंक से मिले सर्टिफिकेट को ट्रांसफर या बेच भी सकते हैं। इस सर्टिफिकेट के जरिए बैंक से लोन भी लिया जा सकता है।
बदला गया है नियम
वित्त मंत्रालय ने हाल ही में रिवेम्प्ड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (जीडीएस) में बदलाव किया है। इसका उद्देश्य जीडीएस को गोल्ड बांड स्कीम के रूप में लोकप्रिय बनाना है। पिछले कुछ वर्षों से जारी जीडीएस योजना के तहत अब तक केवल 20 टन सोना बैंकों में जमा किया गया है, जबकि एक अनुमान के अनुसार देश में विभिन्न संस्थानों और लॉकरों में लगभग 24,000 टन सोना बेकार पड़ा है।
कौन देता है ब्याज
जीडीएस के तहत बैंक एक निश्चित अवधि के लिए सोना डिपॉजिट करने पर जमाकर्ता को एक निश्चित राशि देता है। ये पैसा बैंक सरकार की तरफ से देता है। कुछ महीने पहले वित्त मंत्रालय के वित्तीय मामलों के विभाग ने इस योजना को लोकप्रिय बनाने के लिए जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन से सलाह ली थी, जिसके बाद योजना में बदलाव किया गया।
अधिकतम कितना सोना जमा किया जा सकता है
अब तक जीडीएस के तहत एक साथ कम से कम 30 ग्राम सोना जमा करना होता था। नियम में संशोधन के बाद यह सीमा 10 ग्राम तक घटा दी गई है। हालांकि अधिकतम सोना जमा करने की कोई सीमा नहीं है। वहीं अब बैंक मध्यम अवधि और लंबी अवधि के लिए जमा किए गए सोने के बदले भी जमाकर्ताओं को लोन दे सकेंगे। इस संबंध में अलग से दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। बता दें कि जीडीएस के तहत केवल सोने की ईंटें, आभूषण और सिक्के ही जमा किए जा सकते हैं।
ज्वेलर्स होंगे एजेंट
नए नियम के अनुसार ज्वेलर्स बैंक के एजेंट के रूप में काम करेंगे। इन पर सोने की जांच की जिम्मेदारी होगी। बैंक में सोना जमा करने से पहले इसकी शुद्धता के लिए ज्वेलर्स से एक सर्टिफिकेट लेना होगा। ज्वेलर्स गोल्ड कलेक्शन सेंटर के रूप में भी काम करेंगे। इस काम के बदले में बैंक उन्हें एक फीस देंगे। इस संबंध में डिटेल के साथ दिशा-निर्देश जल्द ही इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) द्वारा जारी किए जाएंगे।
जल्द आएगा पोर्टल और ऐप
एसबीआई बहुत जल्द जीडीएस के लिए एक पोर्टल और ऐप डेवलप करेगा, जिसके माध्यम से जमाकर्ता जीडीएस की पूरी प्रोसेस को पूरा कर सकेंगे। सरकार इस स्कीम के डिजिटल प्लेटफॉर्म को डेवलप करने के लिए एसबीआई की मदद करेगी। एसबीआई इस प्लेटफॉर्म की देखरेख आदि के लिए जिम्मेदार होगा।
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