भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज कई राज्यों के लिए भारी तूफान और खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। अक्सर तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश की वजह से संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में घर और गाड़ी के मालिकों को इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए तुरंत सक्रिय होना चाहिए। क्लेम की प्रक्रिया में देरी या छोटी सी चूक की वजह से आपकी अर्जी खारिज भी हो सकती है।
तूफान से हुए नुकसान के मामले में समय की बड़ी अहमियत है। ज्यादातर बीमा कंपनियां मोटर पॉलिसी के लिए 24 से 48 घंटों के भीतर सूचना देने की शर्त रखती हैं। क्लेम को तेजी से रजिस्टर करने के लिए आप कंपनी के मोबाइल ऐप या वॉट्सऐप चैनल का इस्तेमाल कर सकते हैं। सर्वेयर को पुख्ता सबूत देने के लिए प्रभावित जगह की साफ तस्वीरें और वीडियो जरूर बना लें।

गाड़ी को हुए नुकसान का इंश्योरेंस क्लेम: जरूरी स्टेप्स और सावधानियां
बाढ़ या जलभराव के दौरान कार के इंजन में पानी जाने (hydrostatic lock) का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। पानी या कीचड़ में फंसी गाड़ी को कभी भी स्टार्ट करने की कोशिश न करें। ऐसा करने से इंजन पूरी तरह फेल हो सकता है, जिसे स्टैंडर्ड इंश्योरेंस कवर नहीं करता है। ऐसे हालात में इंजन प्रोटेक्टर (EP) या रिटर्न टू इनवॉइस (RTI) जैसे एड-ऑन्स बहुत काम आते हैं। गाड़ी को सुरक्षित निकालने के लिए हमेशा प्रोफेशनल टोइंग सर्विस की मदद लें।
होम इंश्योरेंस की बात करें तो अपनी पॉलिसी के दस्तावेज डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखें ताकि उन्हें कहीं से भी एक्सेस किया जा सके। अगर घर के ढांचे को बड़ा नुकसान हुआ है, तो FIR या स्थानीय पंचनामा की जरूरत पड़ सकती है। सर्वेयर के आने से पहले खराब हुए सभी उपकरणों और फर्नीचर की एक लिस्ट तैयार कर लें। सामान का पूरा ब्यौरा रखने से आपको कंपनी से सही मुआवजा मिलने में मदद मिलती है।
रिपेयरिंग के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग और इंश्योरेंस क्लेम
तूफान के बाद मरम्मत का काम काफी महंगा हो सकता है, जिसके लिए आपको अपनी बचत से तुरंत पैसों की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि इंश्योरेंस बड़े नुकसान की भरपाई करता है, लेकिन 'डिडक्टिबल्स' जैसे कुछ खर्च आपको खुद ही वहन करने होते हैं। नीचे दी गई टेबल दिखाती है कि रिपेयर फंड के लिए आपका निवेश समय के साथ कैसे बढ़ सकता है। इसमें 5 से 15 साल के निवेश पर अलग-अलग एसेट्स के प्रदर्शन की तुलना की गई है।
| समय सीमा | फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर रिटर्न (7%) | म्यूचुअल फंड पर रिटर्न (12%) |
|---|---|---|
| 5 साल | 1.40 लाख | 1.76 लाख |
| 10 साल | 1.97 लाख | 3.10 लाख |
| 15 साल | 2.76 लाख | 5.47 लाख |
अगर बीमा कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट कर देती है, तो पॉलिसी की शर्तों के आधार पर उन कारणों की जांच करें। यदि कंपनी का इंटरनल ग्रीवेंस सेल आपकी समस्या नहीं सुलझाता, तो आप इंश्योरेंस लोकपाल (Ombudsman) का दरवाजा खटखटा सकते हैं। सही डॉक्यूमेंटेशन और एक्सपर्ट्स की सलाह मानकर आप नुकसान की भरपाई जल्दी कर सकते हैं। अपनी पॉलिसी की बारीकियों को समझना आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका है।


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