Tax : टैक्स प्लानिंग करते वक्त ऐसे निवेश विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए जिससे आपको टैक्स बेनिफिट मिलने के साथ-साथ शानदार रिटर्न भी मिले।
अब आपके मन में यह सवाल आ रहा है कि वह कौन-कौन से तरीके हैं जिससे आप यह दोनों चीजों को आसानी से हासिल कर सकते हैं तो चलिए आपको इन तरीकों के बारे में बताते हैं।

नेशनल पेंशन सिस्टम(NPS)
अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं तो नेशनल पेंशन सिस्टम में भी निवेश कर सकते हैं। यह एक ऐसा ऑप्शन है जो शानदार रिटर्न देता है और खूब टैक्स सेविंग कराता है। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80CCD (1), धारा 80CCD (1B), और धारा 80CCD (2) के तहत इस योजना में किए गए निवेश पर टैक्स छूट मिलती है।
सिर्फ यही नहीं, सेक्शन 80सीसीडी (1बी) के तहत आप एनपीएस में निवेश कर वार्षिक 50,000 रुपये की टैक्स कटौती के हकदार हो सकते हैं. यह 80सी के 1,50,000 लाख रुपये की कर छूट मिलती है। आपको बता दें कि एनपीएस में दो तरह के अकाउंट ओपन किये जाते हैं। टियर- 1 अकाउंट रिटायरमेंट अकाउंट होता है।
यह अकाउंट एंप्लॉयर की ओर से खुलवाया जाता है। वहीं, टियर -2 वॉलंटरी अकाउंट होता है। इस अकाउंट में कोई भी सैलरीड पर्सन निवेश शुरू कर सकता है। इसे इन्वेस्टमेंट अकाउंट भी कहा जाता है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)
अगर आप रिटायरमेंट के बाद अच्छा रिटर्न देने वाला इंवेस्टमेंट ऑप्शन ढूंढ रहे हैं तो पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम में निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम में 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम में निवेश के लिए आपकी उम्र कम से कम 60 साल होनी चाहिए। लेकिन अगर किसी ने 50 साल या इससे ज्यादा की उम्र हैं और उसने वॉलंटरी रिटायरमेंट ली है तो भी वह इस स्कीम में निवेश कर सकता है।
इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS)
यह भी एक टैक्स सेविंग स्कीम के हिसाब से काफी बेहतर ऑप्शन है। इन स्कीम्स ने पिछले 5 साल के दौरान औसतन 18 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है और इसका लॉक-इन पीरियड सिर्फ 3 साल का है। आपको बता दें कि इसमें 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है।
सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana)
सुकन्या समृद्धि योजना टैक्स फ्री स्मॉल सेविंग स्कीम है। इस योजना में आप 10 साल के कम उम्र की बेटी के लिए निवेश कर सकते हैं।
इस स्कीम के अनुसार, निवेश करने पर 80सी के तहत डिडक्शन का लाभ मिलता है। एक पाइनेंशियल ईयर में मिनिमम 250 रुपए जमा किया जा सकता है और इसमें इंटरेस्ट रेट 7.6 फीसदी है। आपको बता दें कि यह अकाउंट ओपनिंग के बाद 21 सालों में यह स्कीम मैच्योर होती है।
यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP)
इस योजना का लॉक-इन पीरियड 5 साल का होता है और इसके तहत मिलने वाला रिटर्न और मैच्योरिटी पर मिलने वाला अमाउंट सेक्शन 10(10d) के तहत पूरी तरह टैक्स फ्री है।
सिर्फ यही नहीं, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस का 5 साल का औसतन सालाना रिटर्न 8 फीसदी से ऊपर रहा है। लेकिन एक बात जो आप ध्यान रखनी है वह यह है कि इसका लाभ आपको तभी मिलेगा, जब यूलिप प्लान में लाइफ कवरेज सालाना प्रीमियम का कम से कम 10 गुना हो।
वहीं, अगर सालाना प्रीमियम 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो आपको रिटर्न पर भी टैक्स देना होगा। आपको बता दें कि इसमें डेथ बेनिफिट्स भी शामिल हैं यानि अगर पॉलिसी की अवधि के दौरान पॉलिसी होल्डर की किसी कारण से मौत हो जाती है तो नॉमिनी को बीमा की एकमुश्त रकम दी जाती है और यह टैक्स फ्री होती है।
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