Surrender vs Paid-Up Policy: कई बार लोगों के मन में सवाल होता है कि किसी इंश्योरेंस या स्कीम के लिए प्रीमियम नहीं भरने पर क्या पॉलिसी बंद हो जाएगी? या फिर प्रीमियम नहीं भरने पर स्कीम का पूरा फायदा कैसे ले सकते हैं।

दरअसल, प्रीमियम नहीं भरने पर आपकी पॉलिसी तुरंत पूरी तरह बंद नहीं होती, बल्कि आपके पास दो मुख्य विकल्प होते हैं: Surrender (सरेंडर) और Paid-up (पेड-अप)। इन दोनों विकल्पों के नियम और फायदे 2026 के नवीनतम बीमा नियमों के आधार पर जानते हैं:
1. Paid-Up Policy (पॉलिसी को चालू रखना, बिना प्रीमियम दिए)
यदि आपने कम से कम 2 या 3 साल (पॉलिसी शर्तों के अनुसार) प्रीमियम भर दिया है और उसके बाद भुगतान बंद कर देते हैं, तो पॉलिसी 'लैप्स' होने के बजाय 'पेड-अप' मोड में चली जाती है।
- कैसे काम करता है: आपकी पॉलिसी का 'सम एश्योर्ड' (बीमा राशि) कम कर दिया जाता है। इसे 'Reduced Paid-up Sum Assured' कहते हैं।
- फायदा: पॉलिसी की अवधि खत्म होने (Maturity) तक जीवन बीमा कवर बना रहता है। मैच्योरिटी पर आपको घटा हुआ सम एश्योर्ड और जमा हुआ बोनस मिल जाता है।
- किसके लिए अच्छा है: उन लोगों के लिए जो बीमा कवर खोना नहीं चाहते, लेकिन आगे प्रीमियम भरने में असमर्थ हैं।
2. Surrender Policy (पॉलिसी को पूरी तरह बंद करना)
यदि आप पॉलिसी को बीच में ही खत्म करके अपना पैसा वापस निकालना चाहते हैं, तो इसे 'सरेंडर' करना कहते हैं।
- कैसे काम करता है: बीमा कंपनी आपको 'Surrender Value' का भुगतान करती है और आपकी पॉलिसी उसी समय समाप्त हो जाती है।
- नुकसान: सरेंडर करने पर अक्सर भारी नुकसान होता है क्योंकि बीमा कंपनियां चार्जेस काटती हैं। आपको आपके द्वारा भरे गए कुल प्रीमियम का केवल एक हिस्सा ही मिलता है।
- फायदा: आपको तुरंत नकद (Cash) मिल जाता है जिसका उपयोग आप कहीं और निवेश करने या आपातकालीन स्थिति में कर सकते हैं।
पूरा फायदा कैसे मिलेगा?
- पॉलिसी रिवाइवल (Revival): यदि आपकी वित्तीय स्थिति ठीक हो जाती है, तो आप पेनाल्टी भरकर अपनी पुरानी पॉलिसी को फिर से चालू कर सकते हैं। LIC India जैसे बड़े बीमाकर्ता अक्सर 'रिवाइवल कैंपेन' चलाते हैं।
- ग्रेस पीरियड (Grace Period): प्रीमियम ड्यू डेट के बाद आपको आमतौर पर 15 से 30 दिन का समय मिलता है। इस दौरान प्रीमियम भरने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता और पॉलिसी सुरक्षित रहती है।
निष्कर्ष: यदि आपको पैसे की तत्काल आवश्यकता नहीं है, तो 'Paid-Up' विकल्प चुनना बेहतर है क्योंकि इससे आपका रिस्क कवर बना रहता है। लेकिन अगर आप उस पैसे को कहीं और (जैसे म्यूचुअल फंड) बेहतर रिटर्न के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो ही 'Surrender' पर विचार करें।
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