HDFC Manufacturing Fund: ₹100 से शुरू कर सकते हैं HDFC MF की नई स्‍कीम में निवेश! फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप

HDFC manufacturing fund investment: आपको बता दें कि एसेट मैनेजमेंट कंपनी एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने एचडीएफसी मैन्युफैक्चरिंग फंड लॉन्च किया है।

यह फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है जिसका टारगेट मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी में लगी कंपनियों की इक्विटी और इक्विटी-संबंधित सिक्यूरिटीज़ में इनवेस्ट कर भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की क्षमता को अनलॉक करना है।

hdfc manufacturing fund

इस दिन तक कर सकते हैं आप निवेश

निवेशक 10 मई 2024 तक इस स्‍कीम के लिए आवेदन कर सकते हैं और यह एक ओपन एंडेड स्‍कीम्‍स है। इसमें आप निवेश करने के बाद जब चाहें रिडम्‍प्‍शन करा सकते हैं।

खरीद या स्विच के लिए न्यूनतम आवेदन राशि 100 रुपये की होनी चाहिए और उसके बाद कोई भी राशि हो सकती है।

आपको बता दें कि दैनिक, साप्ताहिक और मासिक SIP के लिए न्यूनतम आवेदन राशि न्यूनतम छह किश्तों के साथ 100 रुपये है।

बेहतर रिटर्न जेनरेट करने का अवसर

HDFC म्‍यूचुअल फंड हाउस के अनुसार, ऐसे निवेशक जो लॉन्‍ग टर्म कैपिटल एप्रिसिएशन चाहते हैं, उनके लिए बेहतर ऑप्‍शन हो सकता है।

इसमें मैन्‍युफैक्‍चरिंग एक्टिविटी में शामिल कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी रिलेटेड इंस्‍ट्रूमेंट्स में निवेश कर बेहतर रिटर्न जेनरेट करने का अवसर होगा।

लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं कि स्‍कीम अपना मकसद हासिल कर लेगी। बाजार के वास्‍तविक मूवमेंट का असर स्‍कीम्‍स पर देखने को मिल सकता है।

आपको बता दें कि इस योजना को निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स के मुकाबले बेंचमार्क किया जाएगा।

इसके साथ ही इस योजना का प्रबंधन राकेश सेठी और ध्रुव मुच्छल द्वारा किया जाएगा।

एचडीएफसी के अनुसार, यह स्कीम एक एक्टिव इन्वेस्टमेंट रणनीति का पालन भी करेगी।

साथ ही यह योजना स्टॉक-पिकिंग के लिए बॉटम-अप अप्रोच का पालन करेगी और ऐसी कंपनियों का चयन करेगी जो मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में लगी हुई हैं।

इसके अलावा जो सरकार की मेक इन इंडिया पहल से लाभान्वित हो सकती हैं, जो स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग द्वारा भारत के आयात को प्रतिस्थापित करने की स्थिति में हैं, जो निर्मित वस्तुओं का निर्यात करती हैं ये सभी बॉटम-अप अप्रोच का पालन करेंगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फंड में निवेश का उद्देश्य भारत के विनिर्माण पुनरुत्थान से लाभान्वित होने वाली कंपनियों की पहचान करके लॉन्ग टर्म कैपिटल एप्रिसिएशन प्रदान भी करना है।

अगर आप उन निवेशकों में से हैं जो लॉन्ग टर्म कैपिटल एप्रिसिएशन जेनेरेट करना चाहते हैं और मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में लगी कंपनियों की इक्विटी और इक्विटी-संबंधित प्रतिभूतियों में निवेश करना चाहते हैं, तो यह स्कीम आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

यह योजना मैन्युफैक्चरिंग थीम में लगी कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-संबंधित उपकरणों में 80-100 प्रतिशत, इसके अलावा अन्य कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-संबंधित उपकरणों में 0-20प्रतिशत, 0-10 प्रतिशत REITs और InviTs की यूनिट में, 0-20 प्रतिशत डेब्ट सिक्योरिटीज, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और फिक्स इनकम डेरिवेटिव्स में और 0-20 प्रतिशत और म्यूचुअल फंड की यूनिट में निवेश करेगी।

इसमें निवेश कर बेहतर रिटर्न जेनरेट करने का अवसर आपको मिलेगा लेकिन इस बात की पूर्ण गारंटी भी नहीं है इसलिए अगर आप इसमें निवेश करने की सोच रहे हैं तो आपको फाइनेंशियल एडवाइजर से जरूर मदद लेनी चाहिए।

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