बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और केनरा बैंक (Canara Bank) से लोन लेने वाले ग्राहकों की जेब पर आज से बोझ बढ़ने वाला है। इन दोनों बड़े सरकारी बैंकों ने आधिकारिक तौर पर अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बढ़ोतरी कर दी है। इस बदलाव का सीधा असर उन सभी लोन की मंथली इंस्टॉलमेंट (EMI) पर पड़ेगा जो इन बेंचमार्क दरों से जुड़े हैं। अब नए और पुराने, दोनों ही तरह के ग्राहकों को बढ़ी हुई ब्याज दरों का सामना करना होगा।
ब्याज दरों में यह बदलाव फ्लोटिंग-रेट वाले नए और पुराने खातों पर तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने लगभग सभी अवधियों (tenures) के लिए दरों में बदलाव किया है, जबकि केनरा बैंक ने कुछ चुनिंदा अवधियों पर ही ध्यान दिया है। ग्राहकों को अपनी 'रिसेट डेट' जरूर चेक करनी चाहिए, क्योंकि इसी तारीख से आपके बैंक खाते से बढ़ी हुई EMI कटना शुरू होगी।

Bank of Baroda और Canara Bank ने बढ़ाया MCLR; जानें ताजा अपडेट
बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत बढ़ना इस अचानक हुई बढ़ोतरी की मुख्य वजह है। चूंकि डिपॉजिट रेट्स अभी भी ऊंचे बने हुए हैं, इसलिए बैंकों को अपना मुनाफा बरकरार रखने के लिए बेंचमार्क दरों में तालमेल बिठाना पड़ रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तिमाही में भारतीय बैंकिंग सेक्टर में यह ट्रेंड जारी रह सकता है और आने वाले हफ्तों में दूसरे सरकारी व प्राइवेट बैंक भी इसी राह पर चल सकते हैं।
| अवधि (Tenure) | बैंक ऑफ बड़ौदा की नई दरें | केनरा बैंक की नई दरें |
|---|---|---|
| ओवरनाइट (Overnight) | 8.30% | 8.25% |
| एक महीना | 8.55% | 8.35% |
| एक साल | 8.95% | 9.00% |
MCLR बढ़ने पर क्या करें? ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
अगर आपने 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है, तो ब्याज में मामूली बढ़ोतरी भी लंबी अवधि में बड़ा अंतर पैदा करती है। महज 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी से आपकी मंथली EMI सैकड़ों रुपये बढ़ सकती है। 20 साल की अवधि में यह छोटी सी रकम लाखों रुपये के अतिरिक्त ब्याज में बदल जाती है। पुराने रेट सिस्टम पर बने रहना घर खरीदारों के लिए लंबे समय में काफी महंगा साबित हो सकता है।
जो ग्राहक अभी भी पुराने MCLR सिस्टम पर चल रहे हैं, उनके लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क-बेस्ड लेंडिंग रेट (EBLR) पर स्विच करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। EBLR में पारदर्शिता ज्यादा होती है और रिजर्व बैंक द्वारा दरों में की गई कटौती का फायदा ग्राहकों तक तेजी से पहुंचता है। हालांकि, स्विच करने से पहले वन-टाइम प्रोसेसिंग फीस और अन्य छिपे हुए खर्चों की जांच जरूर कर लें। अगर फीस बहुत ज्यादा है, तो कम ब्याज दर का फायदा कम हो सकता है।
बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग और कर्ज के बोझ को कम करने के लिए आज ही अपना लोन स्टेटमेंट चेक करें। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो आप कम ब्याज दर के लिए अपने मौजूदा बैंक से बात कर सकते हैं। अगर बैंक आपकी बात नहीं मानता, तो आप किसी दूसरे बैंक में 'बैलेंस ट्रांसफर' करने पर विचार करें जो बेहतर डील दे रहा हो। समय रहते उठाए गए ये कदम आपके घर के बजट को बिगड़ने से बचा सकते हैं।


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