Petrol-Diesel: केंद्र सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए रिटेल फ्यूल पंप से पेट्रोल और डीजल खरीदने पर रोक लगा दी है और उनसे कहा है कि वे अपनी जरूरत का ईंधन सिर्फ बल्क सेल्स पॉइंट से ही खरीदें। सरकार ने रोजाना डीजल की खरीद पर भी सीमाएं तय कर दी हैं ताकि स्थानीय स्तर पर कमी न हो, क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता न हो पाने की वजह से सप्लाई में रुकावटें आ रही हैं और तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।

गुरुवार देर रात जारी सरकारी आदेश के अनुसार, रिटेल फ्यूल स्टेशन डीलरों को निर्देश दिया गया है कि वे हर ग्राहक या गाड़ी को एक दिन में ज्यादा से ज्यादा 200 लीटर डीजल बेचें। साथ ही, यह भी कहा गया है कि ग्राहक इस डीजल को दोबारा नहीं बेच सकते।
सरकार ने ये कदम क्यों उठाया?
इस कदम का असर ट्रकिंग कंपनियों जैसे कमर्शियल ग्राहकों पर पड़ने की उम्मीद है। ये कंपनियां कीमत में अंतर के कारण तय बल्क सप्लाई पॉइंट्स के बजाय रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदती रही हैं, जिससे कुछ इलाकों में रिटेल पंपों पर डीजल की कमी हो गई है। दिल्ली में रिटेल पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि बल्क बिक्री की कीमत 134.50 रुपये है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून को 'मोटर स्पिरिट और हाई-स्पीड डीजल (रिटेल आउटलेट के जरिए सप्लाई का अस्थायी नियमन) आदेश, 2026' जारी किया, जिससे तेल मार्केटिंग कंपनियों और ईंधन रिटेलरों को ऐसी खरीद पर रोक लगाने का अधिकार मिल गया।
यह पाबंदी, जो एक बार में 90 दिनों तक लागू रह सकती है, तब लगाई गई है जब अधिकारियों ने पेट्रोल पंपों पर फ़्यूल की बिक्री में असामान्य बढ़ोतरी देखी। कुछ बल्क यूज़र्स कम कीमतों का फ़ायदा उठाने के लिए रिटेल आउटलेट्स से फ्यूल खरीदने लगे थे।
क्या इसका असर कार और बाइक मालिकों पर पड़ेगा?
आम ग्राहकों पर इसका तुरंत कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है। यह आदेश इसलिए लाया गया है ताकि यह पक्का किया जा सके कि पेट्रोल पंपों पर निजी वाहन मालिकों के लिए पर्याप्त पेट्रोल-डीजल मजूद रहे और थोक ग्राहक आम जनता के लिए रखे गए ईंधन का इस्तेमाल न कर सकें।
सरकार ने चेतावनी दी है कि रिटेल आउटलेट्स से बड़े पैमाने पर खरीद से स्थानीय स्तर पर कमी हो सकती है और जरूरी सेवाओं में रुकावट आ सकती है। नए नियमों के तहत पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री सिर्फ़ वाहनों की टंकियों या पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) से मंज़ूरी प्राप्त कंटेनरों में ही की जा सकती है। हर ग्राहक या वाहन के लिए रोजाना 200 लीटर तक की खरीद की सीमा तय की गई है और इस तरह खरीदे गए डीजल को दोबारा बेचा नहीं जा सकता।
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