Textile Stocks में बंपर तेजी, KPR Mill 17% उछला, आगे कितनी तेजी बाकी?

टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में हाल ही में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। बुधवार के इंट्रा-डे कारोबार में KPR Mill, Indo Count Industries और Gokaldas Exports के शेयरों में 9 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जिनमें ब्रोकरेज रिपोर्ट, वैश्विक मांग में बदलाव और उद्योग से जुड़े फंडामेंटल फैक्टर्स शामिल हैं।

Textile Stocks

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने हाल ही में अपैरल और होम टेक्सटाइल सेक्टर की 8 कंपनियों पर कवरेज शुरू किया है। इस रिपोर्ट में Gokaldas Exports, Arvind Limited और Indo Count Industries को हाई-कन्विक्शन पिक्स के रूप में चुना गया है। इस सकारात्मक आउटलुक ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और शेयरों में खरीदारी को मजबूती दी।

KPR Mill में करीब 17 प्रतिशत की तेजी-

अगर अलग-अलग शेयरों की बात करें तो KPR Mill का स्टॉक करीब 17 प्रतिशत उछलकर ₹1,334 तक पहुंच गया, जो इसका 52-सप्ताह का रहा। वहीं Indo Count Industries का शेयर 8 प्रतिशत चढ़कर ₹427 के नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। Gokaldas Exports में भी 3 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। इसके अलावा Arvind, Vardhman Textiles, Welspun Living और Trident Limited के शेयरों में भी 1 से 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। यह आंकड़ा करीब 10:30 बजे के आस पास का है।

तेजी के पीछे तेजी के पीछे कई कारण-

टेक्सटाइल शेयरों में इस तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण काम कर रहे हैं। Gokaldas Exports ने अपनी Q4 अर्निंग कॉल में बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने टेक्सटाइल वैल्यू चेन पर असर डाला है। इससे फ्यूल, पैकेजिंग, पॉलिएस्टर और अन्य कच्चे माल की लागत बढ़ गई है। इसके अलावा कॉटन की कीमतों में भी तेजी आई है, जिसका कारण चीन को बढ़ते यार्न एक्सपोर्ट, मैन-मेड फाइबर (MMF) से नैचुरल फाइबर की ओर शिफ्ट, मौसम से जुड़ी दिक्कतें आदि हैं। शिपिंग कॉस्ट में वृद्धि और बढ़ती महंगाई भी उपभोक्ता मांग को प्रभावित कर सकती है।

सेक्टर के लिए कुछ पॉजिटिव ट्रेंड-

हालांकि, इस सेक्टर के लिए कुछ पॉजिटिव ट्रेंड भी सामने आ रहे हैं। अमेरिका और यूरोप के कई रिटेलर्स चीन पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं और सप्लाई चेन को डायवर्सिफाई कर रहे हैं। इससे भारत जैसे देशों को बड़ा फायदा मिल सकता है। भारत को एक मजबूत लॉन्ग-टर्म सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा, यूरोप के साथ संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भी इस इंडस्ट्री के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

मुनाफे में सुधार की उम्मीद-

Indo Count Industries के मैनेजमेंट का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 (FY27) कंपनी के लिए एक निर्णायक साल होगा। कंपनी को उम्मीद है कि इस दौरान न केवल मुनाफे में सुधार होगा, बल्कि वॉल्यूम और मार्जिन में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिलेगी। कंपनी ने FY27 में 105 से 110 मिलियन मीटर उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जबकि FY26 में यह आंकड़ा 94 मिलियन मीटर था।

[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]

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