Tata Chip Unit: टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) असम में एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री शुरू करने जा रही है। इस फैक्ट्री में चिप्स की पैकेजिंग और टेस्टिंग होगी, जिससे भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग मजबूत होगा। कंपनी का लक्ष्य दुनिया की ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल कंपनियों को चिप्स सप्लाई करना है।

कंपनी पहले से ही कर्नाटक के वेमागला में अपनी छोटी OSAT फैक्ट्री से काम शुरू कर चुकी है। अब असम के जागीरोड में बनने वाली नई और बड़ी फैक्ट्री में बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाएगा। इस नई फैक्ट्री की खास बात यह है कि कंपनी पूरी बिल्डिंग तैयार होने का इंतजार नहीं कर रही। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पहले छोटे हिस्से में मशीनें लगाकर टेस्टिंग और शुरुआती काम शुरू करेगी। इससे समय बचेगा और साल के अंत तक पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू करने में आसानी होगी।
करीब 27,120 करोड़ रुपये की लागत वाली इस फैक्ट्री में 10 लाख वर्ग फुट का बड़ा क्लीनरूम होगा। यहां हर दिन लगभग 4.8 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने की क्षमता होगी। इन चिप्स का इस्तेमाल कारों, मोबाइल नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक सामान और AI डिवाइसेज में किया जाएगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस परियोजना को भारत और असम के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही "मेड इन असम" सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन शुरू होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनी का यह "फेज्ड लॉन्च" तरीका सही है क्योंकि इससे फैक्ट्री शुरू करने में जोखिम कम होता है और मशीनों की टेस्टिंग व उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकता है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने हाल ही में डच कंपनी ASML के साथ भी समझौता किया है। यह कंपनी सेमीकंडक्टर बनाने वाली मशीनें उपलब्ध कराएगी, जिससे भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को और मजबूती मिलेगी।


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