बाजार में चर्चा है कि सेबी (SEBI) ओपन-मार्केट बायबैक को फिर से हरी झंडी दे सकता है। इस खबर के बाद उन कंपनियों पर नजरें टिक गई हैं जिनके पास कैश का अंबार है और कर्ज न के बराबर। ट्रेडर्स अब भारी कैश रिजर्व वाली कंपनियों की तलाश में जुट गए हैं। दरअसल, बायबैक के जरिए कंपनियां अपना रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) बेहतर करती हैं, जिससे क्वालिटी शेयरों को बाजार में अच्छा सपोर्ट मिलता है।
माना जा रहा है कि 19 जून तक सेबी इस पर अपनी स्थिति साफ कर देगा। तब तक कैश-रिच कंपनियों में ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी ज्यादा रहने की उम्मीद है। निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनका नेट कैश उनकी वैल्यू के 10% से ज्यादा हो और ऑपरेटिंग मार्जिन 15% के ऊपर बना रहे। रिस्क मैनेजमेंट के लिए प्रमोटर प्लेज (शेयर गिरवी रखना) कम होना भी एक बड़ा फिल्टर है। इस तरीके से मजबूत बैलेंस शीट वाले शेयरों की पहचान करना आसान हो जाता है।

SEBI बायबैक की वापसी: इन दमदार शेयरों पर रखें नजर
इस लिस्ट में आईटी (IT) और फार्मा सेक्टर की कंपनियां सबसे आगे नजर आ रही हैं। कई सरकारी कंपनियों (PSU) के पास भी भारी कैश रिजर्व मौजूद है। इंफोसिस और टीसीएस (TCS) जैसे बड़े नाम इस साइकिल को लीड कर रहे हैं। ट्रेडर्स को उन शेयरों को ट्रैक करना चाहिए जिनका बायबैक का पुराना रिकॉर्ड रहा है। जब कंपनियों के पास एक्स्ट्रा कैश होता है, तो वे अक्सर शेयरधारकों को रिवॉर्ड देती हैं। यह ट्रेंड सतर्क ट्रेडर्स के लिए इंट्राडे में कमाई के अच्छे मौके बनाता है।
| कंपनी का नाम | सेक्टर | कैश की स्थिति |
|---|---|---|
| TCS | IT सर्विसेज | ज्यादा |
| Infosys | IT सर्विसेज | ज्यादा |
| Coal India | PSU एनर्जी | बहुत ज्यादा |
| Sun Pharma | हेल्थकेयर | औसत |
ट्रेडिंग के दौरान हाई लिक्विडिटी और खास प्राइस लेवल्स पर नजर रखना जरूरी है। कम वॉल्यूम या भारी कर्ज वाली कंपनियों से दूरी बनाकर रखें। अगर सेबी के फैसले में देरी होती है, तो इन शेयरों में तेजी का माहौल ठंडा पड़ सकता है। बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए सख्त स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करें। कोई भी बड़ा ट्रेड लेने से पहले ऑफिशियल अपडेट जरूर चेक करें, ताकि तेज उतार-चढ़ाव वाले इस दौर में आपकी पूंजी सुरक्षित रहे।
ओपन-मार्केट बायबैक की वापसी बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत है। यह कंपनियों को टेंडर ऑफर के मुकाबले ज्यादा बेहतर तरीके से कैपिटल मैनेज करने की सुविधा देता है। मजबूत फ्री कैश फ्लो वाले ब्लू-चिप शेयरों पर नजर रखें। पॉलिसी में बदलाव के दौरान क्वालिटी स्टॉक्स चुनने की यह एक बेहतरीन स्ट्रैटेजी है। मुनाफे वाली ट्रेड के लिए सेबी के नियमों पर अपडेट रहना बेहद जरूरी है। हमेशा लिक्विड स्टॉक्स को ही प्राथमिकता दें ताकि एंट्री और एग्जिट में कोई परेशानी न हो।
More From GoodReturns

Lumino Industries IPO: आज बंद हो रहा है मौका! रिटेल की भारी डिमांड, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

MSCI रीबैलेंसिंग आज: नए शेयरों की दौड़ में फंसें या SIP का अनुशासन अपनाएं?

म्यूचुअल फंड सेटलमेंट पर सेबी का नया प्रस्ताव: क्या आपकी SIP और NAV पर होगा असर?

निफ्टी में शानदार रिकवरी: अब SIP करें या लम्पसम? निवेश का सही फॉर्मूला

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, NSE-BSE की छुट्टी से ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?

दीपा ज्वैलर्स आईपीओ: आज आखिरी दिन, क्या अलॉटमेंट के लिए तैयार हैं आप?

ऑटो सेल्स डेटा: मारुति-टाटा की रफ्तार पर टिकी नजर, आज इन शेयरों में दिखेगी बड़ी हलचल

GST कलेक्शन का धमाका: ₹2 लाख करोड़ के करीब पहुंचा आंकड़ा, इन सेक्टर्स में मचेगी हलचल!

SEBI का बड़ा प्रस्ताव: म्यूचुअल फंड के लिए बदलेगा कैश सेटलमेंट का नियम, जानें क्या होगा असर

Paluck Technologies IPO Listing: 252 गुना सब्सक्राइब हुआ शेयर, आज बाजार में कैसी होगी धमाकेदार एंट्री?

अगस्त ऑटो सेल्स का धमाका: मारुति-टाटा की बिक्री में जबरदस्त उछाल, क्या आज इन शेयरों में आएगी तेजी?



Click it and Unblock the Notifications
