NSE IPO: भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज आखिरकार लंबे समय से प्रतीक्षित स्टॉक मार्केट डेब्यू के करीब पहुंच रहा है। खबरों के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) सितंबर में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, जो भारत के कैपिटल मार्केट के इतिहास में सबसे बड़ी लिस्टिंग में से एक हो सकता है।

भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज का IPO
प्रस्तावित IPO की वैल्यू लगभग 30,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है, और एक्सचेंज की वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। अगर योजनाएं उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ती हैं, तो यह इश्यू न सिर्फ भारत के फाइनेंशियल मार्केट के लिए एक अहम पल होगा, बल्कि हाल के सालों में देश के कुछ सबसे बड़े पब्लिक ऑफरिंग से भी आगे निकल सकता है।
NSE IPO का साइज
NSE IPO का अनुमानित साइज इसे भारतीय बाजार के अब तक के सबसे बड़े IPOs में से एक बनाता है। इसके Hyundai Motor India के 27,870 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू से भी बड़ा होने की उम्मीद है, जो अभी देश के सबसे बड़े IPOs में गिना जाता है।
इस लिस्टिंग में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स, सॉवरेन वेल्थ फंड्स, पेंशन फंड्स, म्यूचुअल फंड्स, ज़्यादा नेट-वर्थ वाले व्यक्तियों और रिटेल इन्वेस्टर्स की काफी दिलचस्पी होने की उम्मीद है। भारत के सिक्योरिटीज़ मार्केट में NSE की मजबूत स्थिति को देखते हुए, यह IPO इस साल के सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाले पब्लिक इश्यूज में से एक हो सकता है। बाजार के लोग इस लिस्टिंग को देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में सीधे निवेश करने के एक दुर्लभ मौके के तौर पर भी देखते हैं, जो इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी और डेट मार्केट की ट्रेडिंग में अहम भूमिका निभाता है।
NSE IPO का पूरी तरह से OFS
हाल के कई IPO के उलट, NSE के प्रस्तावित इश्यू में नए शेयर नहीं बेचे जाएंगे। ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, यह IPO पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होगा, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स लगभग 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव रखेंगे। ये शेयर एक्सचेंज की कुल इक्विटी का लगभग 6% हिस्सा हैं।
चूंकि कोई नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे, इसलिए IPO से मिलने वाली पूरी रकम शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगी, जबकि NSE को लिस्टिंग से कोई पूंजी नहीं मिलेगी। फिलहाल एक्सचेंज के पास लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर्स हैं। इनमें से कई लोगों ने कंपनी के पब्लिक मार्केट में आने से पहले, पिछले कुछ सालों में प्राइवेट ट्रांजैक्शन के जरिए शेयर हासिल किए थे।
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