नई दिल्ली, फरवरी 27। एक तरफ रूस और यूक्रेन का विवाद चल रहा है। इसके चलते दुनियाभर की अर्थव्यवस्था परेशान हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ इस दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से बढ़ा है। 18 फरवरी 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.762 अरब डॉलर बढ़कर 632.95 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। विदेशी मुद्रा भंडार में यह बढ़त मुख्य रूप से आरक्षित गोल्ड रिजर्व के मूल्य तथा विदेशी मुद्रा आस्तियों में वृद्धि के कारण यह बढ़त दर्ज हुई है।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन 3.39 ट्रिलियन डॉलर
- जापान 1.40 ट्रिलियन डॉलर
- स्विटरलैंड 1.10 ट्रिलियन डॉलर
- रूस 643,200 बिलियन डॉलर
- भारत 632,952 बिलियन डॉलर
आरबीआई ने जारी किया है आंकड़ा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यह जानकारी दी। वहीं इससे पहले के हफ्ते में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.763 अरब डॉलर घटकर 630.19 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। आरबीआई के वीकली डाटा के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि, विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) के बढ़ने के कारण दर्ज की गई। एफसीए समग्र विदेशी मुद्रा भंडार और गोल्ड रिजर्व का एक प्रमुख घटक है।
जानिए कितना है विदेशी मुद्रा भंडार के बारे में
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार 18 फरवरी 2022 को खत्म हुए हफ्ते में एफसीए 1.496 अरब डॉलर बढ़कर 567.06 अरब डॉलर हो गया। डॉलर में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्रा के मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है।
गोल्ड रिजर्व में हुई बढ़त
वहीं बीते हफ्ते गोल्ड रिजर्व में भी बढ़त दर्ज हुई है। बीते हफ्ते सोने का भंडार 1.274 अरब डॉलर बढ़कर 41.509 अरब डॉलर हो गया। समीक्षाधीन सप्ताह में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 1.1 करोड़ डॉलर घटकर 19.162 अरब डॉलर रह गया। आईएमएफ में रखे देश का मुद्रा भंडार 40 लाख डॉलर बढ़कर 5.221 अरब डॉलर हो गया।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।


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