Foreign Exchange Reserve: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को पिछले दिनों झटका लगा है। इस बात की जानकारी रिजर्व बैंक ने दी है। इस जानकारी के अनुसार 5 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी कमी हुई है। इस सप्ताह अपना विदेशी मुद्रा भंडार 22 महीने के उच्चतम स्तर से फिसल गया। इसमें भारी, 5.89 अरब डॉलर की गिरावट हुई है। इसी के साथ अपना भंडार घट कर 617.30 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से से जारी आंकड़ों के मुताबिक 5 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान अपने विदेशी मुद्रा भंडार में भारी कमी हुई है। इस दौरान अपना भंडार 5.89 बिलियन डॉलर कम हुआ है। यह बीते पांच महीने में सबसे बड़ी गिरावट है।

इससे पहले बीते सात सप्ताह के दौरान हुई लगातार बढ़ोतरी में अपना भंडार 32.9 अरब डॉलर बढ़ा था। अब अपना भंडार 617.30 बिलियन डॉलर का रह गया है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो अक्टूबर 2021 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन: 3.17 ट्रिलियन डॉलर
- जापान: 1.29 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड: 828,185 बिलियन डॉलर
- भारत: 617,303 बिलियन डॉलर
- रूस: 593,400 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।
रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) घटी हैं। बीते 5 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान एफसीए में 4.966 बिलियन डॉलर की कमी हुई है। अब देश का एफसीए भंडार 546.650 बिलियन डाॅलर रह गया है।
उल्लेखनीय है कि कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
बीती 5 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के गोल्ड रिजर्व में भी कमी हुई है। इस सप्ताह गोल्ड रिजर्व में 839 मिलियन डॉलर की कमी हुई है। अब भारत का गोल्ड रिजर्व 47.489 बिलियन डॉलर है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में बढ़ोतरी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर 67 मिलियन डॉलर घट कर 18.29 बिलियन डॉलर तक गिर गया। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास रखे हुए देश के मुद्रा भंडार में भी कमी हुई है। आलोच्य सप्ताह के दौरान इसमें 26 मिलियन डॉलर की कमी हुई है। अब यह घटकर 48.66 बिलियन डॉलर रह गया है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।


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