India Forex: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में फिर भारी कमी दर्ज की गई है। 6 अक्टूबर 2023 को खत्म हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 2.16 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 584.75 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया। इससे पहले के हफ्ते में भी यह गिरकर 586.908 अरब डॉलर के स्तर पर आग गया था।
रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े जारी करते हुए बताया है कि विदेशी मुद्रा भंडार 2.16 बिलियन डॉलर घटकर 584.75 बिलियन डॉलर रह गया है। वहीं भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी 57.6 करोड़ डॉलर घटकर 43.731 अरब डॉलर के स्तर पर गई। इसके अलावा विदेशी करेंसी एसेट्स 707 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ घटकर 519.52 बिलियन डॉलर पर आ गया।

आबीआई का गोल्ड रिजर्व 1.42 बिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 42.30 बिलियन डॉलर बचा है। वहीं एसडीआर 15 मिलियन डॉलर की कमी के साथ 17.92 बिलियन डॉलर पर आ गया है। इसके अलावा इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) के पास रखे रिजर्व में 19 मिलियन डॉलर की कमी आई और यह 49.83 बिलियन डॉलर बचा है।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन: 3.11 ट्रिलियन डॉलर
- जापान: 1.23 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड: 876,985 बिलियन डॉलर
- भारत: 584.75 बिलियन डॉलर
- रूस : 586,400 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।
जहां तक भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के सर्वोच्च स्तर की बात है तो यह अक्टूबर 2021 में था। उस वक्त देश का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के स्तर तक चला गया था।
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।


Click it and Unblock the Notifications