
NPS to Old Pension Scheme : सरकारी कर्मचारियों के पास एक खास मौका आया है। दरअसल वे केंद्रीय सरकारी कर्मचारी जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) द्वारा कवर किए जाते हैं, उनमें से कुछ कर्मचारियों को अब पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के नाम से मशहूर लोकप्रिय केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 पर स्विच करने का वन-टाइम ऑप्शन मिलेगा। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्लू) ने 3 मार्च, 2023 को एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया, जिसमें बताया गया है कि पुरानी पेंशन योजना में स्विच करने के लिए कौन पात्र है।
क्या होगा नियम
डीओपीपीडब्लू के मुताबिक अब यह फैसला लिया गया है कि उन सभी मामलों में जहां केंद्र सरकार के सिविल कर्मचारी को उस पद या वैकेंस पर नियुक्त किया गया है, जिसके लिए भर्ती / नियुक्ति के लिए विज्ञापन / अधिसूचना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली की अधिसूचना की तारीख से पहले यानी 22.12.2003 से पहले नोटिफाई जारी की गयी थी और 01.01.2004 को या उसके बाद सेवा में शामिल होने पर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत कवर किया गया है, उसे सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 (अब 2021) के तहत कवर लेने का वन-टाइम मौका मिलेगा।
कौन होगा एलिजिबल
वे केंद्र सरकार के कर्मचारी जिनकी नियुक्ति एनपीएस के लिए अधिसूचना जारी करने यानी 22.12.2003 से पहले भर्ती के लिए विज्ञापित या अधिसूचित पदों या वैकेंसियों पर की गई उन्हें एनपीएस से पुरानी पेंशन योजना में स्विच करने के लिए पात्र माना जाएगा। पर इसके लिए एक डेडलाइन तय की गयी है।
क्या है लास्ट डेट
केंद्र सरकार के कर्मचारी जो पुरानी पेंशन योजना में स्विच करना चाहते हैं, उन्हें 31 अगस्त, 2023 तक इस ऑप्शन का प्रयोग करने का मौका दिया गया है। ध्यान रहे कि इस उपयोग करने का यह अंतिम मौका होगा। जो लोग डेडलाइन तक पुरानी पेंशन व्यवस्था में नहीं जाते हैं, उन्हें एनपीएस के तहत ही कवर किया जाएगा। यह भी ध्यान रखें कि यह ऑप्शन ओपीएस में यूनिवर्सल स्विचिंग की पेशकश करने वाली राज्य सरकारों के लिए उपलब्ध नहीं है।
वित्त मंत्री ने किया था स्पष्ट
पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया था कि एनपीएस के लिए जमा राशि ओपीएस के लिए राज्य सरकारों को नहीं दी जा सकती है। बजट के बाद सीतारमण ने कहा था कि यदि कोई राज्य किसी कारण से निर्णय लेता है कि केंद्र से एनपीएस का पैसा कलेक्ट किया जा सकता है तो यह उपलब्ध नहीं होगा। सीताराम ने स्पष्ट किया था कि कलेक्ट किया गया पैसा राज्य सरकार के हाथ में नहीं जाएगा। जब सही समय आएगा, तभी यह पैसा कर्मचारी को दिया जाएगा। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक इस मुद्दे पर सरकार ने एक विशाल समूह को संबोधित करने के लिए निर्णय लिया है। देश भर की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे हुए, सरकार एक भी मुकदमा नहीं जीत पाई। अदालत के आदेशों के माध्यम से इंडिविजुअल अधिकारियों को लाभ मिल रहा था, इसलिए सरकार ने सभी पात्र अधिकारियों को लाभ देने के लिए सामान्य निर्देश जारी करने का निर्णय लिया। डीओपीपीडब्लू ने वित्त और कानून मंत्रालयों और व्यय और कार्मिक विभागों के साथ काफी सलाह-मशविरा किया और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में स्विच करने का ऑप्शन देने की अनुमति देने के लिए आम सहमति बनी।
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