नई दिल्ली, नवंबर 21। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 12 नवंबर 2021 को खत्म हुए हफ्ते में 76.3 करोड़ डॉलर कम होकर 640.11 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। इस जानकारी के अनुसार 5 नवंबर को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 1.14 अरब डॉलर कम होकर 640.87 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। वहीं 3 सितंबर, 2021 को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 642.45 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई के स्तर पर आ गया था।

विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में टॉप 5 देश
- चीन 3,392,229 ट्रिलियन डॉलर
- जाना 1,404,520 ट्रिलियन डॉलर
- स्विटरलैंड 1,077,431 ट्रिलियन डॉलर
- भारत 640,112 बिलियन डॉलर
- रूस 626,200 बिलियन डॉलर
एफसीए में आई गिरावट
वहीं समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) में भी गिरावट दर्ज की गई है। एफसीए का विदेशी मुद्रा भंडार में महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। समीक्षाधनी सप्ताह के दौरान एफसीए 2.09 अरब डॉलर से अधिक घटकर 575.48 अरब डॉलर रह गया।
गोल्ड रिजर्व में दर्ज हुई बढ़त
वहीं समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान गोल्ड रिजर्व में 1.46 अरब डॉलर की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई और यह बढ़कर 40.23 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। इसके अलावा समीक्षाधीन हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से विशेष आहरण अधिकार 10.3 करोड़ डॉलर घटकर 19.18 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया ।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।


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