आज के समय में कार खरीदना बेहद जरुरी हो गया है। वहीं जब हम कार खरीदने की बात करते है तो तुरंत मन में यह सवाल आता है कि पेट्रोल कार खरीदें या इलेक्ट्रिक कार लें।
नई दिल्ली: आज के समय में कार खरीदना बेहद जरुरी हो गया है। वहीं जब हम कार खरीदने की बात करते है तो तुरंत मन में यह सवाल आता है कि पेट्रोल कार खरीदें या इलेक्ट्रिक कार लें। मौजूदा वक्त में बढ़ते पॉल्यूशन के चलते देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोगों का झुकाव इलेक्ट्रिक वाहन की तरफ ज्यादा है।

वैसे तो इलेक्ट्रिक कार की कीमत पेट्रोल कार से थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन 5 साल तक का खर्च देखें तो यह पेट्रोल या डीजल कार के मुकाबले काफी सस्ती पड़ती है। पेट्रोल कार की कीमत जहां 3 लाख रुपये से शुरू होती है, वहीं इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती कीमत 10 लाख से शुरू होती है। इलेक्ट्रिक वाहन महंगे होने की वजह से सरकार भी इनमें छूट देनी लगी है। इन सब के बीच आज हम आप बताएंगे कि दोनों में से कौन सी कार खरीदना है ज्यादा फायदेमंद है। इसके साथ ही ये भी समझें कि 5 साल के खर्च में कौन सी कार ज्यादा किफायती।
पेट्रोल कार की खासियत
समझने के लिए मान लीजिए पेट्रोल की कीमत अभी 82 रुपये प्रति लीटर है और 5 साल तक इसी दाम में सारे खर्च को लेकर चलते हैं तो इतना आएगा खर्च-कार की कीमत 8 लाख रुपये है। कार का माइलेज 16 km/लीटर है। वहीं 5 साल में तय औसत दूरी 90 हजार km रखी है। 5 साल में पेट्रोल की खपत 5625 लीटर है। 5 साल में पेट्रोल पर खर्च 5625 x 82 = 4.61 लाख रुपये 5 साल में इंजन मेंटेनेंस का खर्च 1 लाख रुपये होती है। अंत में अब 5 साल के इन सारे खर्चों को जोड़ा (8+4.61+1) जाए तो कीमत आती है 13.61 लाख रुपये आती है।
डीजल कार की खासियत
समझने के लिए मान लें कि 6 रुपये प्रति यूनिट बिजली खर्च है और पांच साल तक यही रहेगा तो कार की कीमत 12 लाख रुपये है। कार का माइलेज 200 km/चार्ज है। 5 साल में तय औसत दूरी 90 हजार km चलती है तो 5 साल में 450 बार चार्ज करनी पड़ेगी। 1 बार में चार्ज करने पर बिजली की खपत 15 यूनिट होगा। वहीं 5 साल में बिजली की खपत 450 x 15 = 6750 यूनिट होगी। 5 साल में कुल बिजली का खर्च 6750 x 6 = 40 हजार रुपये होंगे। 5 साल में एक बैटरी बदलने का खर्च 2 लाख रुपये लगेगी। अब 5 साल के इन सारे खर्चों को जोड़ा (12+0.40+2) जाए तो कीमत आती है 14.40 लाख रुपये होती है।
इलेक्ट्रिक व पेट्रोल कार में मिलने वाली छूट
अगर आपने लोन लेकर इलेक्ट्रिक कार खरीदी है, जिस पहले साल 50 हजार रुपये का ब्याज लगा है तो उस साल इनकम टैक्स में 50 हजार रुपये की छूट मिलेगी। वहीं अगर ब्याज की रकम एक साल में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो एक साल में सिर्फ 1.5 लाख रुपये की ही छूट मिलेगी। पूरे लोन की अवधि में अधिकतम 2.50 लाख रुपये तक की इनकम छूट मिल सकती है। इसके साथ ही 1.50 लाख रुपये सब्सिडी होगी। दिल्ली-एनसीआर में 14 लाख की कर पर रोड टैक्स में छूट करीब 1 लाख रुपये होगा। लोन के ब्याज में इनकम टैक्स में छूट 2.50 लाख रुपये है। जबकि कार खरीदने पर कुल छूट 1.50+1+2.50 = 5 लाख रुपये है। अब अगर पांच साल में दोनों कार में फर्क देखें तो पेट्रोल कार 13.61 लाख रुपये की होगी और इलेक्ट्रिक कार 14.40- 5 = 9.40 लाख रुपये होगी।


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