नयी दिल्ली। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) द्वारा भारत के सबसे बड़े गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी में हिस्सेदारी खरीदने से चिंतित केंद्र सरकार ने अब भारत की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पॉलिसी में संशोधन किया है। एफडीआई पॉलिसी में बदलाव से चीन सहित भारत के पड़ोसी देशों के निवेशकों को अब केंद्र सरकार से मंजूरी लेना जरूरी होगा। ये नियम उन सभी देशों के लिए होगा जिनकी भारत से सीमा लगती है। जिन देशों की सीमा भारत से लगती है उनमें चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान शामिल हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कोरोनोवायरस महामारी और उससे आए आर्थिक संकट के बाद एफडीआई पॉलिसी में बदलाव इसलिए किया गया है ताकि भारतीय कंपनियों के शेयरों में अवसरवादी खरीदारी को रोका जा सके।

क्या कहता है नया नियम
एफडीआई पॉलिसी के तहत एक अनिवासी भारत में उन क्षेत्रों को छोड़ कर निवेश कर सकता है, जिन्हें निवेश प्रतिबंधित है। हालांकि भारत की सीमा से लगने वाले देश की कोई कंपनी या फिर बेनेफिशियल ऑनर ऐसे किसी देश में रहता या उसका नागरिक है तो वे सरकारी रूट के जरिए ही भारत में निवेश कर सकेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार ने चीन में आधारित कंपनियों द्वारा निवेश के इनडायरेक्ट अधिग्रहण पर पाबंदी लगा कर एफडीआई नीति में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस बदलाव के लिए अब केंद्र सरकार को हरी झंडी दिखानी होगी।
चीन का साफ नाम नहीं
दिलचस्प बात ये है कि सरकार ने एफडीआई नीति में बदलाव करते हुए चीन का साफ नाम नहीं लिया है, बल्कि चीन को "वे देश जिसकी सीमा भारत से लगती है" से रेफर किया गया है। पाकिस्तान और बांग्लादेश में आधारित निवेशक पहले से ही इस कानून के तहत आते हैं।
पीबीओसी और एचडीएफसा डील
चीन के पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने एचडीएफसी में 1 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी खरीद ली। मगर इस सौदे पर सवाल उठने लगे हैं। धीरे-धीरे निवेशक, विश्लेषक और यहां तक कि राजनेता भी अब इस मामले में सवाल उठाने लगे हैं। सरकार को विपक्ष भी घेरने लगा। चीन के सेंट्रल बैंक ने एचडीएफसी में 1.1 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी। 1.1 फीसदी हिस्सेदारी का मतलब है कि पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के पास एचडीएफसी के 1.75 करोड़ शेयर हैं। बता दें कि और भी कई विदेशी फंड्स की एचडीएफसी में हिस्सेदारी है। एचडीएफसी के शेयर एसएएमए, सऊदी अरब मोनेटरी ऑथोरिटी (सऊदी अरब का केंद्रीय बैंक) के पास भी हैं, जो उनके सोवरेन वेल्थ फंड्स की ओर से खरीदा गए हैं।
More From GoodReturns

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट



Click it and Unblock the Notifications
