नयी दिल्ली। 2020-21 में नॉमिनल जीडीपी 10 फीसदी हो सकती है। इस बात की जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 के लिए बजट पेश करते हुए दी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.8 फीसदी रह सकता है। इस लिहाज से चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 7.67 लाख करोड़ रुपये रहेगा। वहीं 2020-21 में राजकोषीय घाटे के जीडीपी के 3.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। विनिवेश के लक्ष्य को बढ़ाते हुए सरकार ने बजट में 2020-21 साल के लिए विनिवेश के जरिये 2.1 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।

मंदी से जूझ रही अर्थव्यवस्था
देश की अर्थव्यवस्था काफी समय से मंदी के दौर से गुजर रही है। आरबीआई ने भी देश की विकास दर के लिए अपना अनुमान पहले 6.1 फीसदी से घटा कर 5 फीसदी कर दिया था। इसके अलावा कई रेटिंग एजेंसियों ने भी भारत की अनुमानित विकास दर घटायी है। भारत की जीडीपी - देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य - 2019 में अप्रैल-जून तिमाही में 5 फीसदी और जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.5 फीसदी के 6 साल के निचले स्तर पर पहुँच गयी थी। जनवरी में जारी किए गए पहले अग्रिम अनुमान में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने भी 2019-20 के लिए 5 फीसदी आर्थिक विकास दर का अनुमान लगाया था।
एलआईसी में बेची जायेगी हिस्सेदारी
बजट 2020 में केंद्रीय वित्त मंत्री ने एक बड़ा ऐलान सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी को लेकर किया है। सरकार एलआईसी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेगी। इसके लिए सरकार एलआईसी का आईपीओ लेकर आयेगी। पिछले कुछ समय में बैंकों के दिवालिया होने से लोगों का पैसा डूबने का खतरा बढ़ गया है। इसी को देखते हुए बजट 2020 में इस पर बड़ा ऐलान किया गया है। अब आपकी बैंक में 5 लाख रुपये तक जमा सुरक्षित रहेगी। यानी बैंक के डूबने पर आपके 5 लाख रुपये तक सुरक्षित रहेंगे। अभी यह सीमा 1 लाख रुपये की थी, जिसे बढ़ा कर 5 लाख किया गया है। बता दें कि बजट से पहले इसकी मांग भी उठी थी।


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