नयी दिल्ली। बजट 2020 में केंद्रीय वित्त मंत्री ने एक बड़ा ऐलान सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी को लेकर किया है। सरकार एलआईसी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेगी। इसके लिए सरकार एलआईसी का आईपीओ लेकर आयेगी। इसके बाद एलआईसी स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट की जायेगी। एलआईसी में हिस्सेदारी बेचने की योजना पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि एलआईसी की कुछ हिस्सेदारी बेचे जाने से पारदर्शिता में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने एलआईसी में सरकारी हिस्सेदारी बेचने से होने वाले किसी भी नुकसान से इंकार किया है। वित्त मंत्री ने संसद में कहा कि सरकार आईडीबीआई बैंक में भी अपनी हिस्सेदारी प्राइवेट निवेशकों को बेचेगी। साथ ही सरकार डेब्ट ईटीएफ लाकर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड का विस्तार करेगी, जिसमें मुख्य रूप से सरकारी प्रतिभूतियां शामिल होंगी।

बैंकों में अधिक पैसा होगा सुरक्षित
पिछले कुछ समय में बैंकों के दिवालिया होने से लोगों का पैसा डूबने का खतरा बढ़ गया है। इसी को देखते हुए बजट 2020 में इस पर बड़ा ऐलान किया गया है। अब आपकी बैंक में 5 लाख रुपये तक जमा सुरक्षित रहेगी। यानी बैंक के डूबने पर आपके 5 लाख रुपये तक सुरक्षित रहेंगे। अभी यह सीमा 1 लाख रुपये की थी, जिसे बढ़ा कर 5 लाख किया गया है। बता दें कि बजट से पहले इसकी मांग भी उठी थी।
क्या होता है देश के बजट का महत्व
किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के खर्चों और आमदनी को ध्यान में रख कर बजट तैयार किया जाता है। बजट के जरिये प्रत्येक मद और सेक्टर के लिए पैसों का निर्धारण किया जाता है, जिससे हर क्षेत्र की वित्तीय व्यवस्था बेहतर ढंग से चलती रहे। बजट द्वारा योजनाओं को गति देने की कोशिश की जाती है। इन योजनाओं का लाभ आम जनता को पहुँचाया जाता है। बजट में निर्धारित की गयी राशि से अधिक धन व्यय नहीं किया जा सकता है। ज्यादा पैसों की जरूरत पड़ने पर संसद की मंजूरी जरूरी होती है। एक खास बात और राज्य सरकारों के बजट केवल राज्य की सीमाओं तक के लिए होते हैं। बजट में अगर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बजट में विरोधाभास होता है, तो केंद्र सरकार के बजट को मान्यता मिलती है।
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