बीजेपी को केंद्र शासन में अब 10 साल गुजरने वाले हैं. लोकतंत्र चुनाव 2024 में बहुमत से जीतकर बीजेपी तीसरी बार केंद्र शासन में आई है. बीजेपी सरकार ने इन 10 सालों में 12 बजट पेश किए हैं, इनमें से 10 पूर्ण और 2 अंतरिम बजट है. बीजेपी सरकार अब 13वां बजट संसद पेश करने वाली है. केंद्रीय वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारामन 23 जुलाई को बीजेपी काल का 13वां बजट पेश करेगी. वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारामन इस बार बजट पेश करने के बाद ऐसी पहली वित्तीय मंत्री बन जाएगी, जिसने भारत में 7 बार बजट पेश किया हो. आज हम 2014 से 2024 के अंतरिम बजट में हुए बड़े घोषणाओं के बारे में चर्चा करेंगे.

2014 का बजट
2014 में वित्तीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा जुलाई के समय पूर्ण बजट पेश किया गया था. इस साल लोकसभा चुनाव थे, तो 1 फरवरी को कांग्रेस सरकार ने अपना अंतरिम बजट पेश किया था. इसके बाद चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को भारी मतों से हराया था. फिर जुलाई के समय बीजेपी के वि्त्तीय मंत्री अरुण जेटली में आम बजट पेश किया था.
इस बजट में इनकम टैक्स सीमा प्रति वर्ष 2 लाख सेे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी गई थी. इसके अलावा सेक्शन 80 (सी) के अनुसार टैक्स डिडेक्शन की लिमिट 1.1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई थी.
2015 का बजट
2015 का बजट भी बीजेपी के उस समय के वित्तीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किया गया था. इस बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गई थी. जैसे वेल्थ टैक्स को खतम करना, सरकारी योजना सुकन्या समृद्धि के तहत मिलने वाले ब्याज को टैक्स मुफ्त करना था.
2016 का बजट
यह बजट बीजेपी के तत्कालीन वित्तीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किया गया था. इस बजट के दौरान भी इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया था. दरअसल, इस बजट में जिनकी आय 5 लाख से कम थी, उनके लिए टैक्स रिबेट 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपए कर दी गई थी. इसके अलावा किरायदार के लिए सेक्शन 80GG के तहत मिलने वाले टैक्स छूट को 24,000 से बढ़ाकर 60,000 रुपए कर दिया गया था.
2017 का बजट
2017 के बजट ने इतिहास में अपनी खास जगह बना ली है. इस बजट के दौरान बीजेपी सरकार ने लगभग 94 सालों से चली आ रही रेलवे से जुड़ी परंपरा को तोड़ा था. यह पंरपरा ब्रिटिश के लोगों द्वारा बनाई गई थी. इसके तहत रेलवे और केंद्रीय बजट को अलग-अलग पेश किया जाता था. लेकिन मोदी सरकार ने यह फैसला किया कि अब से रेलवे और केंद्रीय बजट अलग-अलग पेश नहीं होंगे, बल्कि रेलवे बजट को केंद्रीय बजट के अंतर्गत पेश किया जाएगा.
2018 का बजट
यह बजट भी बीजेपी के तत्कालीन वित्तीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किया गया था. इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब से संबंधित कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई थी. वहीं बीजेपी सरकार ने सीनियर सिटीजंस की 50,000 रुपए तक की ब्याज से होने वाली आमदनी को टैक्स फ्री कर दिया था. इससे पहले यह छूट 10,000 रुपए तक हुआ करती थी.
2019 का अंतरिम बजट
इस साल वित्तीय मंत्री अरुण जेटली की तबियत काफी खराब हो गई थी. जिसकी वजह से इस साल बजट को तत्कालीन कार्यवाहक वित्तीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश किया गया था. इस बजट में मजदूरों के लिए बड़ा ऐलान किया गया था. दरअसल असंगठित क्षेत्र के मजदूरो को सम्मान देते हुए, यह फैसला किया गया कि उन्हें हर महीने पेंशन के रुप में 3000 रुपये दिए जाएंगे.
2019 का आम बजट
2019 में लोकसभा चुनाव के कारण इस साल दो बजट पेश किए गए थे. जिसमें 1 फरवरी को अंतरिम बजट और 1 जुलाई को आम बजट पेश किया गया था. इस बजट में इनकम टैक्स से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणा की गई थी. इस बजट में टैक्स रिबेट की सीमा 2500 रुपए से बढ़ाकर 12500 रुपए कर दी गई थी. इसके अलावा स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40000 रुपये से बढ़ाकर 50000 रुपए किया गया था. वहीं बैंक या डाकघरों से ब्याज में मिलने वाले 40000 रुपये तक के पैसों के टैक्स फ्री कर दिया था.
2020 का बजट
इस साल के बजट में नई टैक्स रिजीम पेश की गई. इसके अलावा टैक्सपेयर्स को यह विकल्प दिया गया कि वे न्यू टैक्स रिजीम और ओल्ड टैक्स रिजीम में से किसी भी ऑप्शन को चुन सकते हैं.
2021 का बजट
इस बजट में केंद्रीय वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारमन ने ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ा फैसला लिया था. इस बजट में यह तय किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों इन्फ्रा सेक्टर को बेहतर करने के लिए आवंटिक राशि को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया जाएगा.
2022 का बजट
2022 के बजट में बीजेपी ने कई बड़े ऐलान किए थे. इनमें इस बड़ा ऐलान प्रधानमंत्री आवास योजना था. इस योजना के अंतगर्त देश भर में 80 लाख मकान बनाए जाने का वादा किया गया था. यह घर उन लोगों के लिए थे, जिनकी आय बेहद कम थी. इसके अलावा युवाओं से यह वादा किया गया कि उन्हें 60 लाख नौकरियां दी जाएगी.
2023 का बजट
इस बजट में बीजेपी ने टैक्सपेयर्स को राहत दी. बीजेपी ने यह ऐलान किया कि न्यू टैक्स रिजीम के अनुसार प्रति वर्ष 7 लाख रुपये की कमाई में कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा.
2024 का अंतरिम बजट
लोकसभा चुनाव होने के कारण इस साल भी दो बार बजट पेश किए जाएंगे. इस साल का अंतरिम बजट 1 फरवरी को पेश किया जा चुका है. वहीं आम बजट 23 जुलाई को पेश होने वाला है. केंद्रीय वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारामन ने अंतरिम बजट को नारी शाक्ति, युवा और गरीबी का केंद्र बताया था. 23 जुलाई को पेश होने वाले आम बजट में पूरे देश की निगाहें टिकी हुई है. आम जनता से लेकर किसानों तक को इस बजट से खास उम्मीदें है.
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