Agniveer Bharti 2026: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर इस साल अपनी चार साल की सेवा पूरी करने वाले हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इनमें से कितने अग्निवीरों को स्थायी नौकरी मिलेगी। फिलहाल नियमों के मुताबिक हर बैच के केवल 25% अग्निवीरों को मेरिट, प्रदर्शन और सेना की जरूरत के आधार पर नियमित सैनिक, नाविक या एयरमैन के रूप में नियुक्त किया जाता है। लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस सीमा को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि, सरकार या रक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मामलों का विभाग (DMA) और तीनों सेनाएं इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय नौसेना करीब 75% अग्निवीरों को स्थायी सेवा में रखने का प्रस्ताव दे सकती है, जबकि भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना लगभग 50% अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने की सिफारिश कर सकती हैं। हालांकि, यह अभी केवल विचाराधीन प्रस्ताव है और अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
दरअसल, चार साल की सेवा के दौरान अग्निवीर आधुनिक हथियारों, नई सैन्य तकनीकों और फील्ड ऑपरेशनों की व्यापक ट्रेनिंग हासिल करते हैं। सैन्य योजनाकारों का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षित जवानों को बड़ी संख्या में सेना में बनाए रखने से ऑपरेशनल क्षमता मजबूत होगी और नई भर्ती पर आने वाला समय व खर्च भी कम हो सकता है। यही वजह है कि रिटेंशन प्रतिशत बढ़ाने के विकल्प पर चर्चा हो रही है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि सभी यूनिट्स में रिटेंशन प्रतिशत नहीं बढ़ाया जाता, तब भी कुछ विशेष सैन्य इकाइयों में अनुभवी अग्निवीरों को अधिक अवसर दिए जा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर सेना की भैरव बटालियन जैसी स्पेशल यूनिट्स में अधिक संख्या में अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखा जा सकता है, जबकि अन्य यूनिट्स में मौजूदा व्यवस्था लागू रह सकती है।
इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली भर्ती में करीब 70,000 अग्निवीरों ने प्रशिक्षण लिया था, जबकि अगली भर्ती में लगभग 90,000 पदों पर नियुक्तियां हो सकती हैं। इसके अलावा भारतीय सेना अगले दो वर्षों में करीब 1.8 लाख कर्मियों की कमी को भी अग्निवीर भर्ती के जरिए पूरा करने की योजना बना रही है।
फिलहाल यह पूरी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। अग्निवीरों की स्थायी भर्ती बढ़ाने को लेकर अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में इस प्रस्ताव पर सरकार और रक्षा मंत्रालय के अंतिम फैसले का इंतजार रहेगा। यदि यह बदलाव लागू होता है, तो अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले हजारों युवाओं के लिए स्थायी नौकरी की संभावना पहले से कहीं अधिक बढ़ सकती है।


Click it and Unblock the Notifications