नई दिल्ली। दिवालिया होने से रोज बचने की कोशिश कर रही पाकिस्तान की सरकार ने नया फरमान जारी किया है। इसके तहत अब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी कागज के दोनों ओर लिखेंगे। सरकार का मानना है कि इससे कागज की सरकारी खरीद घटेगी और पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली दूर हो जाएगी। दिवालिया होने से बचने के लिए इसके अलावा भी पाकिस्तान की सरकार ने कई और कदम भी उठाए हैं। पाकिस्तान की सरकार ने इस सबंध में ऑफिस मेमोरेंडम (ओएम) जारी कर दिया है।
क्या है पाकिस्तान की सरकार का ऑफिस मेमोरेंडम
आर्थिक बदहाली से गुजर रहे पाकिस्तान को बचाने के लिए इमरान सरकार ने कमर कस ली है। अब वहां पर एक एक पैसे का हिसाब रखने की कवायद शुरू हो गई है। सरकार ने इसके लिए बाकायदा एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया है। इसके अनुसार सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बारे में कहा गया है कि वह कागज बचाने के लिए पेपर के दोनों ओर लिखें। इसके अलावा अब कोई भी अफसर 1 से ज्यादा अखबार नहीं खरीद सकेगा। सरकार को उम्मीद है कि उसके इस कदम से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बदहाली दूर करने में मदद मिलेगी।
और क्या कदम उठाए
पहले से ही आर्थिक बदहाली के चलते पाकिस्तान में गरीब और महंगाई चरम पर है। फिर भी सरकार ने सभी तरह की सरकारी नौकरियों की भर्ती पर रोक लगा दी है। इससे सरकार की थोड़ी बहुत बचत हो जाएगी, लेकिन बेरोजगारी बेकाबू हो जाएगी। वहीं अफसरों से कहा गया है अब कोई भी नई कार नहीं खरीदेगा। अगर बहुत ही जरूरी है तो वह मोटरसाइकिल खरीद सकता है।
आईएमएफ की कड़ी शर्तों का असर
पाकिस्तान ने जब आईएमएफ से लोन मांगा था तो उसने कहा था कि पहले वह कुछ करके दिखाए। पाक मिडिया में आई जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की सरकार ने हाल ही में जो कदम उठाए हैं वह आईएमएफ की शर्तों के अनुासर ही हैं। चर्चा के अनुसार आईएमएफ ने पाकिस्तान सरकार से सरकारी खर्च में कटौती करने को कहा था। पाकिस्तान का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है, ऐसे में उसे अंतरराष्ट्रीयमुद्रा कोष (आईएमएफ) से कर्ज की बड़ी जरूरत है।
कठोर वित्तीय फैसले तत्काल प्रभाव से लागू
पाकिस्तान की सरकार ने सरकारी खर्च को घटाने के लिए जो कदम उठाए हैं, वे तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे। इसके अलावा पाकिस्तान की सरकार सरकारी बैठकों में पहले ही जलपान को सीमित कर चुकी है। बहुत जरूरी हो तभी चाय के साथ बिस्कुट लिया जा सकता है। सरकारी आदेश में बताया गया है कि प्रधान अकाउंट अफसरों की यह जिम्मेदारी होगी वे इन आदेशों पर अमल सुनिश्चित करें। इसमें सरकारी बिजली, गैस और टेलीफोन के बिलों में जहां हो सके कटौती करें।
उधार के तेल पर चल रहा देश
पाकिस्तान के पास अपनी जरूरत भर के लिए पेट्रोलियम पदार्थों के आयात भर का पैसा भी नहीं है। यही कारण है कि उसने दुबई सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति उधार में करने की गुहार लगाई थी। इसके बाद से उसे दुबई से उधार में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा महंगाई के चलते पाकिस्तान के लोगों का बुरा हाल है। पाकिस्तान के पास डॉलर की कमी हो गई है, जिससे वह खाने-पीने के वस्तुओं के आयात में भी कटौती कर रहा है। यह भी महंगाई बढ़ने का बड़ा कारण है।
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