आपका भी अगर बैंक ऑफ इंडियां में खाता है तो आपके लिए खुशखबरी है। जी हां सरकारी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) ने ग्राहकों को तोहफा दिया है।
नई दिल्ली: आपका भी अगर बैंक ऑफ इंडियां में खाता है तो आपके लिए खुशखबरी है। जी हां सरकारी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) ने ग्राहकों को तोहफा दिया है। बीओआई ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.15 फीसदी की कटौती की है। एमसीएलआर की नई दरें 10 अगस्त यानी शनिवार से लागू होंगी। जैसा कि रिजर्व बैंक ने बुधवार को द्वारा लगातार चौथी बार रेपो रेट में कटौती की है। आरबीआई ने रेपो रेट 0.35 फीसदी घटाया। रेपो रेट में कटौती के बाद सबसे पहले देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने ब्याज दरें घटाने की घोषणा की थी।

आपको जानकर खुशी होगी कि एमसीएलआर घटने से आम आदमी को सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उसका मौजूदा लोन सस्ता हो जाता है और उसे पहले की तुलना में कम ईएमआई देनी पड़ती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने फरवरी से अब तक रेपो दरों में 1.10 फीसदी की कटौती की है। उसने भी बैंकों से इसका लाभ जल्द से जल्द ग्राहकों को हस्तांतरित करने के लिए कहा है।
जानें कितना सस्ता हुआ लोन
वहीं कटौती के बाद अब 1 साल अवधि वाले कर्ज के लिए एमसीएलआर 8.50 फीसदी हो गई। बैंक के एक दिन और एक माह की अवधि वाले लोन पर ब्याज दर घटकर क्रमश: 8.10 फीसदी और 8.20 फीसदी हो गई। बैंक के तीन माह और छह माह की अवधि वाले लोन पर ब्याज दर 0.15 फीसदी घटकर क्रमश: 8.35 फीसदी और 8.40 फीसदी रह गई। जानकारी देना चाहेंगे कि रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.35 फीसदी की कटौती की है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट 0.35 फीसदी घटाकर 5.40 फीसदी कर दिया। यह रेपो रेट 9 साल के निचले स्तर पर है। इसी के साथ आरबीआई ने लगातार चौथी बार रेपो रेट में कमी की है।
क्या है एमसीएलआर ?
एमसीएलआर को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट भी कहते हैं। इसके तहत बैंक अपने फंड की लागत के हिसाब से लोन की दरें तय करते हैं। ये बेंचमार्क दर होती है। इसके बढ़ने से आपके बैंक से लिए गए सभी तरह के लोन महंगे हो जाते हैं। इसके साथ ही एमसीएलआर घटने पर लोन की ईएमआई सस्ती हो जाती है।


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