आप जो कॉस्मैटिक उपयोग करते हैं वो शाकाहारी हैं या मांसाहारी अब इसकी भी जानकारी आपको मिलेगी। अब ग्राहकों को यह जानकारी देना जरुरी होगा कि कॉस्मैटिक प्रोडक्ट शाकाहारी है या मांसाहारी। साथ ही इसके अलावा दवाओं के लिए बार कोड भी तैयार किया जाएगा ताकि असली और नकली दवा की पहचान आसान हो सके।

शाकाहारी या मांसाहारी प्रोडक्ट है ये बताना होगा जिसके तहत मांसाहार के लिए लाल निशान और शाकाहारी प्रोडक्ट पर हरा निशान लगाना होगा। दरअसल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में मिलावट की जानकारी नहीं होती है और कई कॉस्मैटिक प्रोडक्ट में जानवरों की चर्बी होती है, ऐसे में अब ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी की ओर से इस प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा।
तो वहीं दवाओं को भी अब आधार नंबर मिलेगा ताकि नकली दवाओं की पहचान आसानी से की जा सके। मोबाइल नंबर पर बोर कोड भेजने के बाद आपको इंटेलिजेंस सेल की ओर से दवा असली है या नकली इसकी पुष्टि की जाएगी। इसके लिए 300 दवाओं के साथ पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी की जा रही है।
इस योजना के तहत सरकार के पास दवा से जुड़ा पूरा डाटा होगा।
साथ ही सरकार मेडिकल डिवाइस के आयात इसके निर्माण और बेचने पर भी नजर रखने की तैयारी में है।


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